• February 16, 2026

किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर तीखा हमला: ‘NGOs ने सिखाया कि अच्छे दिन आएंगे, लेकिन अगले चुनाव में सीटें और कम होंगी’

तवांग: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को संसद के सुचारू संचालन में कोई रुचि नहीं है और कुछ गैर-सरकारी संगठन (NGOs) ने उन्हें यह सिखा दिया है कि उनकी पार्टी के ‘अच्छे दिन’ आएंगे, इसलिए वे सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। रिजिजू ने साफ कहा कि सरकार कांग्रेस को मनाने के लिए अब कोई अतिरिक्त कदम नहीं उठाएगी, क्योंकि पहले से कई प्रयास किए जा चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
राहुल को सदन में कोई दिलचस्पी नहीं: रिजिजू
अपने लोकसभा क्षेत्र अरुणाचल पश्चिम के दौरे पर रिजिजू ने एक इंटरव्यू में कहा, “राहुल गांधी को सदन की कार्यवाही में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्हें सिर्फ मुद्दे बनाने में रुचि है। कुछ NGOs ने उन्हें सिखाया-पढ़ाया है कि तुम्हारा समय आएगा, लेकिन उनका समय नहीं आएगा। अगले चुनाव में उनकी (कांग्रेस की) सीटें और भी कम हो जाएंगी।
कांग्रेस पूरी तरह हताश: मंत्री का आरोप
रिजिजू ने दावा किया कि सत्तारूढ़ गठबंधन को विपक्ष द्वारा सदन बाधित किए जाने से कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल समेत अन्य से बात करके स्थिति शांत करने के कई प्रयास किए हैं। मंत्री ने कहा, “हम कांग्रेस को मनाने के लिए अब कुछ अतिरिक्त नहीं करेंगे। कांग्रेस हताश है क्योंकि पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। वे स्थिति बदलने के लिए बेताब हैं।”
पूरा विपक्ष कांग्रेस के साथ नहीं
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि संसद में कांग्रेस पर छोटी पार्टियों का दबाव है कि वह सदन को बाधित न करे, क्योंकि इससे उनका बोलने का समय बर्बाद होता है। उन्होंने दावा किया, “पूरा विपक्ष कांग्रेस के साथ नहीं है। छोटी पार्टियां अपने समय का सदुपयोग नहीं कर पा रही हैं। छोटी पार्टियां राहुल गांधी से नाखुश हैं। उनमें से कुछ ने तो अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर भी नहीं किए।” रिजिजू के अनुसार, अन्य दलों के कई सदस्य उनसे कहते रहे हैं कि वे सदन का कामकाज सुचारू रूप से चलाना चाहते हैं।
संसद सत्र में हंगामा और सस्पेंशन
लोकसभा में बजट सत्र के पहले भाग में ज्यादातर दिनों में हंगामा और स्थगन की स्थिति बनी रही। राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों पर आधारित एक लेख का हवाला देकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें टोका और लेख का जिक्र करने से मना किया। सदन में अनुशासनहीनता के आरोप में विपक्ष के 8 सदस्यों को बजट सत्र के शेष समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया। विपक्ष ने अध्यक्ष पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया।
लोकसभा अध्यक्ष ने पिछले सप्ताह विपक्ष द्वारा उनके खिलाफ प्रस्ताव पेश किए जाने के कुछ घंटों बाद सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता से खुद को अलग कर लिया। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से शुरू हुआ था। बजट सत्र का पहला चरण 12 फरवरी तक चला, जिसमें 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026 पेश किया गया। सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।
यह हमला संसद में जारी गतिरोध को और गहरा सकता है, जहां विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव चरम पर है।
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