बजट सत्र 2026 का पहला भाग समाप्त: रविवार को पेश हुआ बजट, लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, राहुल गांधी का विवादित बयान और 8 सांसदों का निलंबन – सत्र के प्रमुख विवाद
नई दिल्ली, 13 फरवरी 2026 – संसद के बजट सत्र 2026 के पहले भाग का आज आखिरी दिन है। दूसरा भाग 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। यह सत्र कई ऐतिहासिक और विवादास्पद घटनाओं के कारण याद किया जाएगा।
प्रमुख बातें जो इस सत्र को खास बनाती हैं
- 1999 के बाद पहली बार रविवार को पेश हुआ आम बजट – लोकसभा में रविवार को वित्त मंत्री ने बजट पेश किया, जो 27 साल बाद हुआ।
- लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव – विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के खिलाफ 118 सांसदों के हस्ताक्षर वाला अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। भारतीय संसद के इतिहास में यह चौथा मौका है। इससे पहले:
- 1954 में जी.वी. मावलंकर
- 1966 में सरदार हुकुम सिंह
- 1987 में बलराम जाखड़ के खिलाफ प्रस्ताव लाए गए थे, लेकिन कोई भी पास नहीं हुआ। इस बार भी प्रस्ताव के पास होने की संभावना कम है। हालांकि, ओम बिड़ला ने ऐतिहासिक फैसला लिया कि जब तक प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो जाता, वे अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे।
- राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में हंगामा – राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की एक किताब का जिक्र किया, जो भारत में छपी ही नहीं थी। इस बयान पर विवाद बढ़ा और लोकसभा की कार्यवाही पूरे हफ्ते ठप रही।
- प्रधानमंत्री मोदी दो दशक बाद अभिभाषण पर नहीं बोल पाए – लगभग 20 साल बाद ऐसा हुआ जब प्रधानमंत्री लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने नहीं आए। लोकसभा अध्यक्ष ने सदन को बताया कि महिला सांसदों ने उनका रास्ता रोका था और उनकी जान को खतरा था।
- 8 सांसदों का पूरे सत्र के लिए निलंबन – विपक्षी हंगामे के कारण 8 सांसदों को पूरे बजट सत्र से निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसद संसद परिसर में धरना देते नजर आए।
- बजट चर्चा और भारत-अमेरिका ट्रेड डील विवाद – बजट पर चर्चा में सभी सदस्यों को बोलने का मौका मिला। इसी दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील की खबर आई। सरकार ने इसे “फादर ऑफ द डील” कहा और वाणिज्य मंत्री ने सदन में बयान दिया। लेकिन राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने सरकार पर कृषि क्षेत्र को विदेशी बाजार के लिए खोलने का आरोप लगाया। किसानों की आजीविका पर खतरा बताते हुए विपक्ष ने जोरदार विरोध किया।
- राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव की कोशिश – सत्र के अंतिम दिनों में राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की कोशिश हुई, लेकिन सरकार ने ऐन मौके पर पीछे हट गई। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी ठोस प्रस्ताव लाने की कोशिश की, लेकिन सदन में अभी तक स्वीकार नहीं किया गया।
यह बजट सत्र हंगामे, ऐतिहासिक घटनाओं और राजनीतिक विवादों से भरा रहा। अब दूसरा भाग 9 मार्च से शुरू होगा, जिसमें बजट पर विस्तृत चर्चा और मतदान होगा। अधिक अपडेट के लिए संसद की आधिकारिक वेबसाइट या लोकसभा/राज्यसभा टीवी पर नजर रखें।