उत्तर प्रदेश बजट 2026: 9.12 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश, मेडिकल एजुकेशन में बड़े ऐलान

लखनऊ: आज यानी 11 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में यह बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले बजट से लगभग 12.9% अधिक है। यह योगी आदित्यनाथ सरकार का दूसरा कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट माना जा रहा है, जिसमें युवा रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस किया गया है।बजट की प्रमुख विशेषताएं

  • कुल बजट आकार: 9,12,696.35 करोड़ रुपये
  • शिक्षा पर आवंटन: कुल बजट का 12.4%
  • स्वास्थ्य पर आवंटन: कुल बजट का 6%
  • कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर: कुल बजट का 9%
  • 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य
  • एग्रो एक्सपोर्ट हब की स्थापना (विश्व बैंक सहायता प्राप्त UP-AGREES प्रोजेक्ट के तहत)
  • रोजगार केंद्रों का निर्माण और कौशल विकास पर जोर

मेडिकल एजुकेशन में बड़े प्रावधानबजट में मेडिकल शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए 14,997 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने मेडिकल क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला:

  • प्रदेश में वर्तमान में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं (45 सरकारी और 36 निजी)।
  • 60 जनपद मेडिकल कॉलेज सुविधाओं से आच्छादित हैं।
  • 16 असेवित जनपदों में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल से नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
  • वर्ष 2017 में एमबीबीएस सीटें: 4,540 → अब बढ़कर 12,800।
  • वर्ष 2017 में पीजी सीटें: 1,221 → अब बढ़कर 4,995।
  • 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
  • कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • असाध्य रोगों के इलाज के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा हेतु 130 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ये ऐलान मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिससे प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने, युवाओं को रोजगार प्रदान करने और किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित है। सरकार ने आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं।

बजट की प्रमुख विशेषताएं

  • कुल बजट आकार: 9,12,696.35 करोड़ रुपये
  • शिक्षा पर आवंटन: कुल बजट का 12.4%
  • स्वास्थ्य पर आवंटन: कुल बजट का 6%
  • कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर: कुल बजट का 9%
  • 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य
  • एग्रो एक्सपोर्ट हब की स्थापना (विश्व बैंक सहायता प्राप्त UP-AGREES प्रोजेक्ट के तहत)
  • रोजगार केंद्रों का निर्माण और कौशल विकास पर जोर

मेडिकल एजुकेशन में बड़े प्रावधानबजट में मेडिकल शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए 14,997 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने मेडिकल क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला:

  • प्रदेश में वर्तमान में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं (45 सरकारी और 36 निजी)।
  • 60 जनपद मेडिकल कॉलेज सुविधाओं से आच्छादित हैं।
  • 16 असेवित जनपदों में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल से नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
  • वर्ष 2017 में एमबीबीएस सीटें: 4,540 → अब बढ़कर 12,800।
  • वर्ष 2017 में पीजी सीटें: 1,221 → अब बढ़कर 4,995।
  • 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
  • कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • असाध्य रोगों के इलाज के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा हेतु 130 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ये ऐलान मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिससे प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने, युवाओं को रोजगार प्रदान करने और किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित है। सरकार ने आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं।

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