ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में आज बुधवार शाम को भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद रहेगी।
मंदिर प्रशासन ने बताया है कि बनकलागी नीति (श्रीमुख श्रृंगार अनुष्ठान) के कारण शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक मंदिर के सभी द्वार बंद रहेंगे और आम श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी।बनकलागी नीति क्या है?बनकलागी नीति श्री जगन्नाथ मंदिर की एक प्राचीन, गोपनीय और अत्यंत पवित्र परंपरा है। यह अनुष्ठान केवल दत्त महापात्र सेवायत द्वारा रत्न बेदी पर संपन्न किया जाता है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, प्रभु बलभद्र, देवी सुभद्रा और प्रभु सुदर्शन के श्रीमुख (चेहरा) का विशेष श्रृंगार किया जाता है।
श्रृंगार में प्राकृतिक रंगों और पदार्थों का उपयोग होता है, जैसे:
- लाल, पीला, सफेद और काला रंग के प्राकृतिक फूल व सामग्री
- केसर को कपूर और कस्तूरी के साथ मिलाकर देवताओं के मुख पर लगाया जाता है
यह प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय मानी जाती है, इसलिए इस दौरान मंदिर में किसी भी भक्त या सेवक को प्रवेश की अनुमति नहीं होती। अनुष्ठान पूरा होने के बाद देवताओं का विशेष स्नान कराया जाता है, जिसके बाद मंदिर के द्वार खोल दिए जाते हैं और सामान्य दर्शन व्यवस्था बहाल हो जाती है।अनुष्ठान कब और कितनी बार होता है?
मंदिर की परंपरा के अनुसार, बनकलागी नीति महीने में लगभग दो बार आयोजित की जाती है और यह हमेशा बुधवार के दिन ही संपन्न होती है। आज का अनुष्ठान फाल्गुन कृष्ण पक्ष दशमी तिथि पर हो रहा है।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना इस समय को ध्यान में रखकर बनाएं और अनुष्ठान के दौरान प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें, ताकि यह पवित्र अनुष्ठान शांतिपूर्ण और विधिपूर्वक संपन्न हो सके।जय जगन्नाथ! भक्तों से अनुरोध है कि इस दौरान मंदिर परिसर में भीड़ से बचें और वैकल्पिक समय में दर्शन करें।