एनसीपी प्रमुख शरद पवार की सेहत में सुधार: अस्पताल में भर्ती होने के बाद पीएम मोदी और राजनाथ सिंह ने जाना हालचाल, अगले चार दिन चलेगा उपचार
पुणे: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के कद्दावर नेता शरद पवार की सेहत को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। सोमवार को सीने में जकड़न और सांस लेने में हल्की तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें पुणे के प्रसिद्ध रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की ओर से जारी ताजा मेडिकल बुलेटिन और डॉक्टरों के बयानों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है और उनके स्वास्थ्य संकेतकों (वाइटल पैरामीटर्स) में सुधार देखा जा रहा है। उनकी बीमारी की खबर मिलते ही देश के राजनीतिक गलियारों में चिंता की लहर दौड़ गई थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं ने उनसे संपर्क कर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
आज यानी मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं शरद पवार को फोन किया और उनसे बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। प्रधानमंत्री ने न केवल पवार के स्वास्थ्य की स्थिति पर चर्चा की, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों से भी उपचार की प्रगति के बारे में जानकारी ली। इसके कुछ ही देर बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी फोन कर एनसीपी प्रमुख की कुशलता पूछी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वैचारिक मतभेदों के बावजूद, देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा पवार की सेहत को लेकर दिखाई गई इस संवेदनशीलता ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में उनके कद और उनके प्रति सम्मान को रेखांकित किया है।
अस्पताल के सूत्रों और उपचार कर रहे डॉक्टरों की टीम ने बताया कि शरद पवार को जब सोमवार को क्लिनिक लाया गया, तो उन्हें सीने में जकड़न महसूस हो रही थी। तत्काल एहतियात बरतते हुए डॉक्टरों ने उनके कई परीक्षण किए, जिसमें सीटी स्कैन भी शामिल था। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में उनके फेफड़ों में हल्के संक्रमण (चेस्ट इन्फेक्शन) की पुष्टि हुई है। हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि उनका हृदय सुचारू रूप से कार्य कर रहा है और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर भी सामान्य बना हुआ है। संक्रमण के कारण उनकी सांस लेने की दर (रेस्पिरेटरी रेट) में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए उपचार शुरू कर दिया गया है।
मेडिकल टीम ने पवार के लिए चार दिनों का एक व्यापक उपचार चार्ट तैयार किया है। इसके तहत उन्हें अगले चार दिनों तक नसों के जरिए एंटीबायोटिक्स (IV Antibiotics) दी जाएंगी ताकि संक्रमण को पूरी तरह खत्म किया जा सके। राहत की बात यह है कि उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू (ICU) में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी और उनका इलाज सामान्य वार्ड में ही किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण के खतरे को कम करने और उन्हें पर्याप्त विश्राम देने के उद्देश्य से फिलहाल बाहरी आगंतुकों के मिलने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी है कि वे अगले कुछ दिनों तक बोलने और शारीरिक गतिविधियों से बचें ताकि दवाएं अपना असर दिखा सकें।
80 वर्ष से अधिक आयु के शरद पवार पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय राजनीति के साथ-साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रख रहे हैं। हाल के महीनों में उन्होंने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों का सघन दौरा किया है, जिसे उनकी वर्तमान थकान और संक्रमण का एक संभावित कारण माना जा रहा है। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही पुणे और मुंबई से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पार्टी नेता रूबी हॉल क्लिनिक के बाहर जुटने लगे थे। हालांकि, पार्टी नेतृत्व और उनकी सुपुत्री सुप्रिया सुले ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और अस्पताल में भीड़ न लगाने की अपील की है ताकि अन्य मरीजों को असुविधा न हो।
डॉक्टरों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि अगले 48 घंटों में संक्रमण के लक्षणों में उल्लेखनीय कमी आती है और वाइटल पैरामीटर्स पूरी तरह स्थिर रहते हैं, तो उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल, पवार की सेहत पर विशेषज्ञों की एक टीम निरंतर निगरानी रख रही है। महाराष्ट्र की राजनीति में ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले शरद पवार की अस्वस्थता ने निश्चित रूप से राजनीतिक गतिविधियों पर अल्पकालिक विराम लगा दिया है, लेकिन उनके प्रशंसकों और समर्थकों के लिए प्रधानमंत्री का फोन और डॉक्टरों का सकारात्मक बुलेटिन बड़ी राहत लेकर आया है।