• February 11, 2026

उत्तराखंड की माटी में सीएम योगी: यमकेश्वर में स्कूल भवन का लोकार्पण कर यादों के गलियारों में लौटे महाराज, बच्चों ने गीतों से किया ‘गांव के लाल’ का स्वागत

यमकेश्वर (पौड़ी गढ़वाल)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान एक बार फिर अपनी जन्मभूमि की यादों और वहां के नैसर्गिक सौंदर्य के बीच पहुंचे। पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से जनता इंटर कॉलेज के नवनिर्मित अत्याधुनिक भवन का लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम ने न केवल क्षेत्र के शैक्षिक बुनियादी ढांचे को एक नई मजबूती प्रदान की, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपने पैतृक गांव और क्षेत्र के प्रति अटूट लगाव को भी दुनिया के सामने रखा। शनिवार की सुबह जब मुख्यमंत्री अपने गांव के भ्रमण पर निकले, तो वहां का नजारा भावुक करने वाला था, जहां बच्चों ने पारंपरिक गीतों के साथ अपने ‘गांव के लाल’ का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार दोपहर करीब सवा तीन बजे यमकेश्वर स्थित हेलिपैड पर पहुंचे थे, जहां जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। हेलिपैड से उतरने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता अध्यात्म और आस्था रही। वे सीधे यमकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और वहां करीब 10 मिनट तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात, अपराह्न 3:34 बजे वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ जनता इंटर कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यालय के भव्य नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और घोषणा की कि यह केवल एक भवन की शुरुआत है। उन्होंने वादा किया कि एक माह के भीतर छात्र-छात्राओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाला फर्नीचर और अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी, ताकि पहाड़ी क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने में कोई बाधा न आए।

इस दौरे का सबसे खास और भावनात्मक पहलू शनिवार की सुबह देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की रात अपने पैतृक गांव में ही प्रवास किया था। सुबह होते ही वे गांव की पगडंडियों पर भ्रमण के लिए निकल पड़े। गांव की ताजी हवा और अपनों के बीच मुख्यमंत्री एक सख्त प्रशासक के बजाय एक सहज ग्रामीण परिवेश के व्यक्ति के रूप में नजर आए। जैसे ही वे गांव की गलियों से गुजरे, स्थानीय बच्चों ने एक विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया। बच्चों ने सुरीले पहाड़ी गीतों और लोक धुनों के माध्यम से उनका स्वागत किया, जिसे सुनकर मुख्यमंत्री बेहद अभिभूत नजर आए। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और उनके उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। गांव वालों के लिए यह क्षण गौरवपूर्ण था कि उनके बीच से निकला एक बालक आज देश के सबसे बड़े राज्य का नेतृत्व कर रहा है, लेकिन आज भी अपनी जड़ों को नहीं भूला है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का रिश्ता बड़े भाई और छोटे भाई जैसा है। उन्होंने कहा कि योगी जी का उत्तराखंड आगमन यहां के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। विद्यालय के नवनिर्मित भवन को लेकर स्थानीय अभिभावकों और शिक्षकों में भी भारी उत्साह देखा गया। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत हस्तक्षेप और रुचि के कारण इस दूरस्थ क्षेत्र में शिक्षा के स्तर में बड़ा सुधार आएगा।

यह दौरा केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने रिवर्स माइग्रेशन और अपनी जड़ों की ओर लौटने का एक बड़ा संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से अपने गांव में रात बिताई और सुबह गांव वालों के साथ सीधा संवाद किया, उसने पहाड़ की संस्कृति और वहां के जनजीवन के प्रति उनके गहरे सम्मान को प्रदर्शित किया। यमकेश्वर महादेव की शरण में माथा टेकने से लेकर स्कूल की नई इमारत के लोकार्पण तक, इस यात्रा ने उत्तराखंड के विकास और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साझा संकल्प को और मजबूत किया है।

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