• February 11, 2026

भारतीय एयरलाइनों के 50% विमानों में बार-बार खराबी: संसद में सरकार का खुलासा, इंडिगो और एयर इंडिया सबसे ज्यादा प्रभावित

नई दिल्ली, 6 फरवरी 2026: लोकसभा में गुरुवार को पेश किए गए आंकड़ों ने भारतीय विमानन क्षेत्र की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लिखित जवाब में बताया कि पिछले साल जनवरी से अब तक छह प्रमुख एयरलाइनों के कुल 754 विमानों की जांच में से 377 विमानों (लगभग 50%) में बार-बार खराबी (recurring defects) पाई गई है।सबसे ज्यादा समस्या इंडिगो और एयर इंडिया के बेड़े में देखी गई है।एयरलाइन-वार आंकड़े (3 फरवरी 2026 तक):

  • इंडिगो: 405 विमानों की जांच में 148 में बार-बार खराबी (36.5%)।
  • एयर इंडिया + एयर इंडिया एक्सप्रेस: कुल 267 विमानों में से 191 में समस्या (71.5%)।
    • एयर इंडिया: 166 विमानों में से 137 (82.5%) में बार-बार गड़बड़ी।
    • एयर इंडिया एक्सप्रेस: 101 विमानों में से 54 (53.5%) में समस्या।
  • स्पाइसजेट: 43 विमानों में से 16 (37.2%) में खराबी।
  • अकासा एयर: 32 विमानों में से 14 (43.8%) में समस्या।

एयर इंडिया का प्रतिशत सबसे अधिक है, जहां लगभग 72-82% विमानों में बार-बार खराबी दर्ज की गई है।एयर इंडिया का बचाव: “एहतियातन जांच की, इसलिए संख्या ज्यादा” एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे बेड़े की व्यापक और गहन जांच कराई थी, जिसके कारण बार-बार होने वाली छोटी-मोटी गड़बड़ियों की संख्या बढ़ी दिखाई दे रही है।एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया:
“हमारे अधिकांश मामले डी कैटेगरी के हैं, जिसमें सीटें, ट्रे टेबल, इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट स्क्रीन, लाइटिंग जैसी चीजें शामिल हैं। ये सभी डी कैटेगरी की खामियां हैं, जिनका विमान की उड़ान सुरक्षा (flight safety) से कोई सीधा संबंध नहीं है। ए से सी कैटेगरी की गड़बड़ियां बहुत कम हैं।”
डीजीसीए ने बढ़ाई निगरानी मंत्री मोहोल ने बताया कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने पिछले साल अपनी निगरानी और ऑडिट को और सख्त किया है।

  • नियोजित निगरानी: 3,890 निरीक्षण, 56 नियामक ऑडिट, 84 विदेशी विमानों की जांच, 492 रैंप निरीक्षण।
  • अनियोजित/स्पॉट चेक: 874 स्पॉट चेक और 550 रात्रि निरीक्षण।

मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए DGCA ने पुनर्गठन किया है। 2022 में स्वीकृत तकनीकी पदों की संख्या 637 थी, जिसे अब बढ़ाकर 1,063 कर दिया गया है।यह खुलासा यात्रियों के बीच चिंता बढ़ा सकता है, हालांकि सरकार और एयरलाइंस का दावा है कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा रहा है और अधिकांश खामियां गैर-महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार होने वाली खराबी विमानों के रखरखाव और उम्र बढ़ने से जुड़ी हो सकती है।

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