रोहित शेट्टी फायरिंग केस: क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी कामयाबी, हथियार सप्लाई करने वाला आरोपी ‘बाबू’ गिरफ्तार, कोर्ट में होगी पेशी
मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित आवास के बाहर हुई सनसनीखेज गोलीबारी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शनिवार देर रात हुई इस घटना की जांच कर रही एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (हफ्ता वसूली विरोधी दस्ता) ने एक और आरोपी को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान आसाराम फासले उर्फ बाबू के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह वही शख्स है जिसने रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग करने के लिए मुख्य शूटर को हथियार मुहैया कराया था। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के बेहद करीब पहुंच गई है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम आज आरोपी आसाराम फासले को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट (किला कोर्ट) में पेश करेगी, जहां उसकी पुलिस कस्टडी की मांग की जाएगी ताकि हथियार के स्रोत और इस साजिश के पीछे के असली मास्टरमाइंड के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके। अधिकारियों का मानना है कि ‘बाबू’ से पूछताछ में इस बात का खुलासा हो सकता है कि हथियार कहां से लाए गए थे और क्या इस गिरोह के पास और भी घातक हथियार मौजूद हैं।
अब तक की जांच और गिरफ्तारियां रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री में डर का माहौल पैदा कर दिया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। बाबू से पहले पुलिस ने चार अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जिनकी पुलिस कस्टडी आज खत्म हो रही है। जांच के दौरान पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए स्कूटर का सिरा भी ढूंढ निकाला है। 3 फरवरी को मुंबई पुलिस ने पुणे के एक व्यक्ति से उस स्कूटर का पता लगाया जिसका इस्तेमाल वारदात के दौरान किया गया था।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुणे के रहने वाले उस व्यक्ति ने कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार आरोपियों में से एक, आदित्य गायकवाड़ को यह स्कूटर 30,000 रुपये में बेचा था। अपनी सुरक्षा के लिए विक्रेता ने गायकवाड़ के हस्ताक्षर एक सादे कागज पर ले लिए थे, जो अब पुलिस के लिए एक अहम सबूत बन गया है। जांच में सामने आया है कि आदित्य गायकवाड़ और एक अन्य आरोपी समर्थ पोमाजी ने मिलकर इस स्कूटर को मुंबई के जुहू इलाके में एक सुनियोजित स्थान पर छोड़ दिया था, जहां से शूटर ने इसे उठाया।
शुभम लोनकर का नाम आया सामने इस पूरी साजिश का पैटर्न किसी बड़े संगठित अपराध गिरोह की ओर इशारा कर रहा है। जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी सीधे तौर पर शुभम लोनकर नामक व्यक्ति से निर्देश ले रहे थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह गिरोह ‘सेलुलर स्ट्रक्चर’ (छोटे-छोटे स्वतंत्र समूह) पर काम कर रहा था। यानी, गाड़ी खरीदने वाले से लेकर उसे मुंबई पहुंचाने वाले आरोपियों को यह तक नहीं पता था कि शूटर कौन है। शुभम लोनकर ने ही शूटर को उस गुप्त स्थान से स्कूटर उठाने और फायरिंग करने का सटीक निर्देश दिया था। पुलिस का मानना है कि इस तरह का तरीका पिछली कई हाई-प्रोफाइल वारदातों में भी देखा गया है, ताकि अगर एक समूह पकड़ा जाए, तो भी मुख्य सरगना और शूटर तक पहुंचना मुश्किल हो।
मुख्य शूटर की तलाश तेज भले ही पुलिस ने हथियार सप्लायर और रसद (लॉजिस्टिक्स) मुहैया कराने वालों को गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन जिस व्यक्ति ने वास्तव में रोहित शेट्टी के घर पर गोलियां चलाईं, वह अभी भी कानून की पहुंच से बाहर है। मुख्य शूटर की पहचान कर उसे पकड़ना मुंबई पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। क्राइम ब्रांच की कई टीमें मुंबई समेत पड़ोसी जिलों और राज्यों में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि हथियार सप्लायर ‘बाबू’ से मिलने वाली जानकारी शूटर के ठिकाने तक पहुंचने में मददगार साबित होगी।
रोहित शेट्टी, जो अपनी फिल्मों में पुलिस की बहादुरी और एक्शन के लिए जाने जाते हैं, उनके घर के बाहर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। फिलहाल उनके आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और क्राइम ब्रांच हर छोटे इनपुट पर काम कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस फायरिंग के पीछे अंडरवर्ल्ड का कोई हाथ है या यह केवल डराने-धमकाने और फिरौती (एक्सटॉर्शन) का मामला है।