• February 3, 2026

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पीएम मोदी का बड़ा बयान: ‘इस सदी की सबसे बड़ी घटना है भारत का सेंटर स्टेज पर आना’

नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026: अमेरिका के साथ हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि “भारत का दुनिया के सेंटर स्टेज पर आना इस सदी की सबसे बड़ी घटना है।” यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ट्रेड डील की घोषणा के एक दिन बाद आया है, जिसमें अमेरिका ने भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।
पीएम मोदी ने मंगलवार को संसद परिसर में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “दुनिया में भारत की पूछ बढ़ रही है। दुनिया के संतुलन में भारत की भूमिका अब अहम हो गई है। भारत सेंटर स्टेज पर है और यह इस सदी की सबसे बड़ी घटना है।” उन्होंने बैठक में पीएम मोदी का सम्मान किया गया, जहां सांसदों ने उन्हें ‘जय मोदी’ के नारे लगाकर स्वागत किया।
ट्रेड डील का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने चुटकी ली और कहा कि “कुछ लोग टैरिफ के फैसले से टूट पड़े थे। जब भारत पर टैरिफ लगा तो विपक्ष ने अलग-अलग सवाल खड़े करने शुरू कर दिए थे।” उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में एक्सपोर्ट की संभावनाएं तलाशें, मैन्युफैक्चरर्स के साथ सम्मेलन करें, क्वालिटी पर फोकस रखें और एक्सपोर्ट के अनुकूल माहौल बनाएं। पीएम ने कहा, “पत्थर पर लकीर खींचने की आदत हमें नहीं छोड़नी चाहिए।”बैठक में पीएम मोदी ने केरल में बीजेपी की स्थानीय चुनाव जीत का भी जिक्र किया और राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर का उदाहरण दिया, जिन्होंने कृत्रिम पैर से सदन में भाषण दिया था। पीएम ने कहा, “हमारे नेता का पैर काट दिया गया था, लेकिन यह लोकतंत्र में पाप है। हम यहां इसलिए नहीं हैं क्योंकि हम तीस मार खां हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं की तपस्या का फल है।
ट्रेड डील की पृष्ठभूमि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर घोषणा की कि पीएम मोदी से फोन पर बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर सहमति बन गई है। ट्रंप ने इसे “मित्रता और सम्मान” का नतीजा बताया और कहा कि अमेरिका भारतीय आयात पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर रहा है। समझौते में भारत द्वारा रूस से तेल खरीद कम करने और अमेरिका/वेनेजुएला से अधिक खरीदने की प्रतिबद्धता भी शामिल बताई जा रही है।
यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ भू-राजनीतिक संतुलन में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारतीय निर्यातकों, एमएसएमई और किसानों को वैश्विक बाजार में नई राहत मिलेगी।
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