माघ मेला विवाद में नया मोड़: गणतंत्र दिवस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फहराया तिरंगा, राष्ट्रगान गाया; धरने पर बैठे रहे, सुरक्षा कड़ी
प्रयागराज: प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या स्नान को लेकर चले विवाद के बीच ज्योतिष पीठ बद्रीनाथ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) पर अपना धरना जारी रखा। उन्होंने अपने शिविर के बाहर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मौजूद साधु-संतों व समर्थकों के साथ मिलकर राष्ट्रगान गाया। यह घटना ऐसे समय में हुई जब हफ्ते भर से अधिक समय से शंकराचार्य और मेला प्रशासन के बीच तनाव जारी है।
प्रशासन ने भेजा नोटिस, ‘शंकराचार्य’ पदवी पर सवाल; संत समाज में बंटवारा
मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी कर उनके ‘शंकराचार्य’ पदवी पर सवाल खड़े किए हैं। स्वामी जी का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और अपमान किया। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, वे संगम स्नान नहीं करेंगे और न ही अपने शिविर में प्रवेश करेंगे। रोजाना वे सरकार और प्रशासन के खिलाफ बयान दे रहे हैं। इस विवाद ने संत समाज को भी दो धड़ों में बांट दिया है।
मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी कर उनके ‘शंकराचार्य’ पदवी पर सवाल खड़े किए हैं। स्वामी जी का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और अपमान किया। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, वे संगम स्नान नहीं करेंगे और न ही अपने शिविर में प्रवेश करेंगे। रोजाना वे सरकार और प्रशासन के खिलाफ बयान दे रहे हैं। इस विवाद ने संत समाज को भी दो धड़ों में बांट दिया है।
24 जनवरी को शिविर पर कथित हमले की कोशिश, अब मांगी FIR और स्थाई पुलिस बल
24 जनवरी की शाम को माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-4 में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के पास असामाजिक तत्वों ने आक्रामक नारेबाजी की और कथित तौर पर हमले की कोशिश की गई। इस घटना के बाद शंकराचार्य के पक्ष से प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत में अज्ञात तत्वों के खिलाफ FIR दर्ज करने और शिविर के आसपास स्थाई पुलिस बल तैनात करने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होने पर पूरी जिम्मेदारी मेला और पुलिस प्रशासन की होगी।
24 जनवरी की शाम को माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-4 में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के पास असामाजिक तत्वों ने आक्रामक नारेबाजी की और कथित तौर पर हमले की कोशिश की गई। इस घटना के बाद शंकराचार्य के पक्ष से प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत में अज्ञात तत्वों के खिलाफ FIR दर्ज करने और शिविर के आसपास स्थाई पुलिस बल तैनात करने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होने पर पूरी जिम्मेदारी मेला और पुलिस प्रशासन की होगी।
कांग्रेस नेता दीपक सिंह ने लिखी चिट्ठी, 150 कार्यकर्ताओं से सुरक्षा का ऑफर
विवाद के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पत्र लिखकर उनकी सुरक्षा में सहयोग का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था से जुड़े 150 कार्यकर्ता दिन-रात उनकी सुरक्षा में समर्पित रहेंगे। पत्र में 50-50 कार्यकर्ताओं की तीन टुकड़ियां 8 घंटे की शिफ्ट में तैनात करने का प्लान भेजा गया है।
विवाद के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पत्र लिखकर उनकी सुरक्षा में सहयोग का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था से जुड़े 150 कार्यकर्ता दिन-रात उनकी सुरक्षा में समर्पित रहेंगे। पत्र में 50-50 कार्यकर्ताओं की तीन टुकड़ियां 8 घंटे की शिफ्ट में तैनात करने का प्लान भेजा गया है।
शिविर में कड़ी सुरक्षा, 8 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
वर्तमान में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे परिसर में 8 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो मुख्य गेट से लेकर अंदरूनी हिस्सों तक की निगरानी कर रहे हैं। विशेष रूप से 7 से अधिक कैमरे प्रवेश द्वार और पालकी की सुरक्षा के लिए तैनात हैं। पंडाल से पालकी तक हर गतिविधि अब कैमरों की जद में है।
वर्तमान में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे परिसर में 8 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो मुख्य गेट से लेकर अंदरूनी हिस्सों तक की निगरानी कर रहे हैं। विशेष रूप से 7 से अधिक कैमरे प्रवेश द्वार और पालकी की सुरक्षा के लिए तैनात हैं। पंडाल से पालकी तक हर गतिविधि अब कैमरों की जद में है।
सियासी घमासान जारी, डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने अपील की- विवाद खत्म करें
विवाद को लेकर सियासत भी गरमाई हुई है। विपक्ष यूपी सरकार को घेर रहा है, जबकि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से विवाद समाप्त करने और स्नान करने की अपील की है। दूसरी ओर शंकराचार्य का रुख सख्त बना हुआ है और वे धरने पर डटे हुए हैं। माघ मेले में यह विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
विवाद को लेकर सियासत भी गरमाई हुई है। विपक्ष यूपी सरकार को घेर रहा है, जबकि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से विवाद समाप्त करने और स्नान करने की अपील की है। दूसरी ओर शंकराचार्य का रुख सख्त बना हुआ है और वे धरने पर डटे हुए हैं। माघ मेले में यह विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।