शशि थरूर ने पार्टी लाइन से विचलन के दावों को खारिज किया: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर अडिग, माफी नहीं मांगूंगा; राहुल गांधी से ‘इग्नोर’ की अफवाहों पर सफाई
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को पार्टी लाइन के खिलाफ जाने या असहमति के किसी भी दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में उन्होंने कभी कांग्रेस के किसी रुख का उल्लंघन नहीं किया। थरूर ने कहा कि सार्वजनिक रूप से सिद्धांतों पर असहमति का एकमात्र उदाहरण 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद भारत की प्रतिक्रिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ा है, जिस पर वे माफी मांगने को तैयार नहीं हैं।
ऑपरेशन सिंदूर पर थरूर का कड़ा रुख, माफी से इनकार
थरूर ने कहा, “आतंकवादी हमले के बाद, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि इस कृत्य को ‘बिना सजा के नहीं छोड़ा जा सकता, इसका कड़ा जवाब देना होगा’। मैंने संसद में कांग्रेस के किसी भी रुख का कभी उल्लंघन नहीं किया है। एकमात्र मुद्दा जिस पर सैद्धांतिक रूप से सार्वजनिक असहमति रही है, वह ऑपरेशन सिंदूर को लेकर है, जिस पर मैंने बहुत कड़ा रुख अपनाया था और मैं उस पर कोई खेद नहीं व्यक्त करता।”
उन्होंने याद दिलाया कि पहलगाम हमले के बाद उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस में एक लेख लिखा था, जिसका मूल शीर्षक ‘पहलगाम के बाद’ था, लेकिन संपादकों ने इसे ‘कठोर प्रहार करो, समझदारी से प्रहार करो’ कर दिया। लेख में उन्होंने कहा था कि हमले को बिना दंड के नहीं छोड़ा जा सकता और इसका कड़ा जवाब देना होगा। थरूर ने जोर दिया कि वे अपने इस स्टैंड पर अडिग हैं।
कोच्चि कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा ‘इग्नोर’ की अफवाहें
थरूर की ये टिप्पणियां 19 जनवरी को कोच्चि में आयोजित कांग्रेस के ‘महापंचायत’ कार्यक्रम के बाद आई हैं, जहां राहुल गांधी भी मौजूद थे। खबरों के अनुसार, मंच पर राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल ने कई नेताओं का अभिवादन किया, लेकिन थरूर को सीधे अभिवादन नहीं किया गया, जिससे नजरअंदाज किए जाने की अटकलें लगीं।इसके अलावा, कोच्चि कार्यक्रम के बाद थरूर ने केरल साहित्य महोत्सव में अपनी पूर्व निर्धारित व्यस्तता के कारण कांग्रेस कमेटी की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि, उन्होंने तिरुवनंतपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में भाग लिया, जहां पीएम ने कई भारत ट्रेनों का उद्घाटन किया।
पार्टी नेतृत्व ने नाराजगी के दावों का किया खंडन
कांग्रेस नेताओं ने थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच किसी नाराजगी के दावों को खारिज किया है। एआईसीसी महासचिव दीपा दासमुंशी ने कहा, “थरूर कांग्रेस पार्टी और केंद्रीय नेतृत्व से बहुत खुश हैं। इस मामले में कोई मतभेद नहीं है।” उन्होंने बताया कि थरूर ने अपनी प्रतिबद्धताओं के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था और पार्टी उनकी प्राथमिकता है।
बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल, लेकिन पार्टी से आलोचना भी झेली
थरूर पहलगाम हमले के बाद गठित बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, जो विभिन्न देशों में भारत का रुख रखने गया था। उस समय उन्हें पार्टी नेताओं से आलोचना का सामना करना पड़ा, क्योंकि राहुल गांधी, जयराम रमेश, मल्लिकार्जुन खरगे जैसे प्रमुख नेताओं को इसमें शामिल नहीं किया गया था।
कुल मिलाकर, थरूर ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई और कहा कि वे कांग्रेस के साथ पूरी तरह जुड़े हुए हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे।