यूपी में भीषण ठंड का कहर: बरेली में पारा गिरने से टूटा रिकॉर्ड, 17 जनवरी तक कक्षा 8 तक के स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में इन दिनों हाड़ कंपाने वाली ठंड और भीषण शीतलहर ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश के कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस विकट स्थिति को देखते हुए बरेली जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिले के कक्षा आठ तक के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को 17 जनवरी तक बंद रखने का आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बरेली में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे यह इस सीजन का सबसे ठंडा दिन बन गया है।
मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार का दिन बरेली के इतिहास में इस सीजन का सबसे सर्द दिन रहा। बर्फीली हवाओं के कारण दिन का पारा अचानक छह डिग्री लुढ़क गया, जिसके बाद अधिकतम तापमान मात्र 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पूरे उत्तर प्रदेश में दर्ज किया गया सबसे कम तापमान था। सामान्यतः जनवरी के मध्य में तापमान 21 डिग्री के आसपास रहता है, लेकिन इस बार यह सामान्य से 11 डिग्री कम रहा, जिसने ठिठुरन को कई गुना बढ़ा दिया। न केवल दिन, बल्कि रात के तापमान में भी भारी गिरावट देखी गई, जिससे बरेली प्रदेश की तीसरी सबसे सर्द रात वाला शहर बन गया।
प्रशासनिक आदेश और स्कूलों की स्थिति
भीषण ठंड और शीतलहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जनपद के कक्षा आठ तक के सभी स्कूल अब 17 जनवरी तक बंद रहेंगे। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए ही मान्य होगा। स्कूल के सभी शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को पूर्व की भांति विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है।
प्रशासन का मानना है कि यद्यपि बच्चों के लिए स्कूल आना जोखिम भरा है, लेकिन शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को गति देना भी आवश्यक है। अवकाश की इस अवधि के दौरान शिक्षक विद्यालय में उपस्थित रहकर महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों का संपादन करेंगे। इसमें मुख्य रूप से स्कूल की पंजिकाओं (रजिस्टर) का अपडेशन, आगामी वार्षिक और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों से संबंधित कार्य और अन्य सरकारी योजनाओं के डेटा एंट्री जैसे कार्य शामिल हैं। डॉ. विनीता ने स्पष्ट किया कि 17 जनवरी तक बच्चों के लिए पूरी तरह छुट्टी रहेगी, और आगे की स्थिति की समीक्षा मौसम के मिजाज को देखकर की जाएगी।
आम जनजीवन पर बर्फीली हवाओं का असर
गुरुवार की सुबह बरेली में किसी कयामत से कम नहीं थी। कड़ाके की ठंड और ठिठुरन के साथ दिन की शुरुआत हुई। सुबह के समय कोहरे की मोटी चादर ने शहर को अपनी आगोश में ले लिया था। लोग रोज की तरह सुबह 11 बजे तक इस उम्मीद में रहे कि शायद सूरज की किरणें कुछ राहत देंगी, लेकिन बादलों और धुंध के कारण धूप बेअसर रही। सर्द हवाओं ने लोगों को घरों के अंदर कैद होने पर मजबूर कर दिया। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और जो लोग बाहर निकले, वे पूरी तरह से ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए।
ठंड से बचने के लिए लोग दिन भर घरों और अपने प्रतिष्ठानों में हीटर और ब्लोअर के भरोसे रहे। सार्वजनिक स्थानों पर राहगीर, रिक्शा चालक और दैनिक मजदूर अलाव और अंगीठी के सामने बैठकर ठंड से निजात पाने का असफल प्रयास करते दिखाई दिए। ठंड का असर व्यापार पर भी साफ देखा गया। शाम होते ही गलन इतनी बढ़ गई कि बाजारों में ग्राहकों की संख्या नगण्य हो गई। आमतौर पर देर रात तक खुलने वाले बाजार रात आठ बजे से ही बंद होने लगे, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस भीषण ठंड का मुख्य कारण पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर जारी है और वहां से आने वाली सीधी बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में प्रवेश कर रही हैं। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता बढ़ने से वातावरण में ठंडक और बढ़ गई है।
गुरुवार रात का तापमान सामान्य 6.9 डिग्री से तीन डिग्री कम होकर 3.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मौसम विभाग का विश्लेषण है कि रूहेलखंड क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से अधिकतम तापमान में जो थोड़ी बहुत बढ़त देखी गई थी, वह अब अचानक गिरावट में बदल गई है। हवाओं की दिशा और गति ने कनकनी बढ़ा दी है, जिससे “कोल्ड डे” की स्थिति बनी हुई है।
कोहरा, बारिश और भविष्य का अनुमान
आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग का अनुमान मिला-जुला है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले 5-6 दिनों में दो उत्तरोत्तर पश्चिमी विक्षोभों के सक्रिय होने की संभावना है। इनके प्रभाव से रात के तापमान में 4 से 6 डिग्री की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे शीतलहर से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं। हालांकि, तापमान बढ़ने के साथ कोहरे का घनत्व और उसका क्षेत्रफल भी बढ़ेगा। कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) शून्य तक पहुंच सकती है, जिससे यातायात पर असर पड़ेगा।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 18 और 19 जनवरी को रूहेलखंड के कई जिलों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इन तारीखों पर रिमझिम और हल्की बारिश होने का अनुमान है। यदि बारिश होती है, तो कोहरा छंटने की संभावना बढ़ेगी और उसके बाद मौसम थोड़ा खुशगवार हो सकता है। फिलहाल, 17 जनवरी तक प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम रखने की सलाह दी गई है।