• January 19, 2026

निकिता गोदिशाला हत्याकांड: हैदराबाद में नम आंखों से अंतिम विदाई, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब न्याय की आस

हैदराबाद: अमेरिका के मैरीलैंड में कथित तौर पर निर्मम हत्या की शिकार हुई 27 वर्षीय भारतीय युवती निकिता गोदिशाला का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके गृह नगर हैदराबाद पहुंचा। सुबह राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शव पहुंचने के बाद, मार्रेडपल्ली स्थित श्मशान घाट में निजी तौर पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। परिवार, मित्रों और रिश्तेदारों ने निकिता को अश्रुपूरित विदाई दी। इस दौरान माहौल गमगीन रहा और हर किसी की जुबां पर केवल एक ही सवाल था कि आखिर एक होनहार युवती की जान इस तरह क्यों ले ली गई।

दुखद घर वापसी और अंतिम संस्कार की गरिमा

निकिता का परिवार हैदराबाद के तारनाका इलाके में रहता है। निकिता की मृत्यु की खबर मिलने के बाद से ही परिवार गहरे सदमे में था। शव को भारत लाने की प्रक्रिया में अमेरिकी अधिकारियों और भारतीय विदेश मंत्रालय के बीच समन्वय के बाद शुक्रवार सुबह पार्थिव अवशेष हैदराबाद पहुंचे। परिवार ने पहले ही जिला प्रशासन और पुलिस से यह अनुरोध किया था कि अंतिम संस्कार को पूरी तरह निजी और गरिमामय रखा जाए।

प्रशासन ने परिवार की निजता का सम्मान करते हुए श्मशान घाट के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। अंतिम संस्कार के दौरान केवल परिवार के करीबी सदस्य और मित्र ही मौजूद रहे। निकिता, जो स्वास्थ्य क्षेत्र (Healthcare sector) में एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रही थीं, उनका इस तरह चले जाना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि विदेश में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी एक बड़ी क्षति है।

हत्या का सनसनीखेज मामला और आरोपी की पहचान

निकिता गोदिशाला मैरीलैंड के एलिसॉट सिटी की निवासी थीं और 2 जनवरी को अचानक लापता हो गई थीं। उनके लापता होने के बाद हॉवर्ड काउंटी पुलिस ने गहन तलाशी अभियान चलाया था। जांच के दौरान पुलिस को कोलंबिया (मैरीलैंड) स्थित एक अपार्टमेंट में निकिता का शव मिला। यह अपार्टमेंट उनके पूर्व रूममेट अर्जुन शर्मा (26) का था। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि निकिता के शरीर पर चाकू के कई घाव थे, जो इस बात का संकेत थे कि उनकी हत्या अत्यंत क्रूरता के साथ की गई थी।

जैसे ही हत्या की बात सामने आई, मुख्य संदिग्ध अर्जुन शर्मा मौके से फरार हो गया। अमेरिकी जांच एजेंसियों ने अर्जुन शर्मा के खिलाफ प्रथम और द्वितीय श्रेणी की हत्या (First and Second-degree murder) के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया। जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि अर्जुन ने निकिता की हत्या करने के तुरंत बाद अमेरिका छोड़ दिया और भारत भाग गया।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तमिलनाडु से आरोपी की गिरफ्तारी

निकिता के परिवार ने भारत और अमेरिका, दोनों देशों की सरकारों से न्याय की गुहार लगाई थी। परिवार ने अमेरिकी अधिकारियों से विशेष आग्रह किया था कि आरोपी के खिलाफ ‘इंटरनेशनल अरेस्ट वारंट’ (रेड कॉर्नर नोटिस) जारी किया जाए ताकि वह कानून की गिरफ्त से बच न सके। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंटरपोल और भारतीय जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं।

तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी अर्जुन शर्मा की लोकेशन ट्रैक की। आखिरकार, तमिलनाडु पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त अभियान में अर्जुन शर्मा को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, ताकि उसे अमेरिका ले जाकर वहां की अदालत में पेश किया जा सके।

परिवार की भावुक अपील: ‘जिम्मेदार पत्रकारिता का पालन करें’

दुख की इस घड़ी में निकिता के परिवार ने मीडिया जगत से एक विशेष अपील जारी की है। परिवार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में जिम्मेदार पत्रकारिता का परिचय दें। परिवार का कहना है कि उनकी निजता का सम्मान किया जाए और इस संवेदनशील मामले में कोई भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी प्रसारित न की जाए।

परिवार ने अपने बयान में कहा कि निकिता के बारे में गलत सूचनाएं न केवल जांच को प्रभावित कर सकती हैं, बल्कि उनके परिवार की मानसिक पीड़ा को भी बढ़ा सकती हैं। उन्होंने मीडिया से न्याय की प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की ताकि निकिता को वह न्याय मिल सके जिसकी वह हकदार है। परिवार ने उन सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया जिन्होंने इस कठिन समय में उनका साथ दिया।

न्याय की दिशा में आगे बढ़ता कदम

आरोपी अर्जुन शर्मा की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में न्याय की उम्मीदें जगी हैं। हालांकि, कानूनी जानकारों का मानना है कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया लंबी हो सकती है, लेकिन आरोपी का पकड़े जाना पुलिस की एक बड़ी सफलता है। निकिता के दोस्त और परिचित अमेरिका में उनके लिए न्याय की मांग करते हुए कई ऑनलाइन अभियान भी चला रहे हैं।

हैदराबाद के मार्रेडपल्ली में जब निकिता की चिता शांत हुई, तब वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में आंसू और मन में एक ही संकल्प था—आरोपी को उसके किए की कड़ी से कड़ी सजा दिलाना। यह मामला एक बार फिर विदेशों में रह रहे भारतीय छात्रों और पेशेवरों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ गया है।

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