• January 19, 2026

दिल्ली में सियासी घमासान: सिख गुरु के ‘अपमान’ पर भाजपा का प्रचंड प्रदर्शन, आतिशी के इस्तीफे की मांग तेज

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की राजनीति शुक्रवार को एक बार फिर गरमा गई। इस बार विवाद का केंद्र विकास या नीतिगत मुद्दे नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं और देश की महान सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का विषय है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी मार्लेना पर सिख गुरु तेग बहादुर जी के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा ने इसे भारतीय धर्म-संस्कृति पर सुनियोजित हमला करार देते हुए आतिशी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की है।

भाजपा का सड़क पर संग्राम और ‘आप’ कार्यालय का घेराव

शुक्रवार को दिल्ली की सड़कों पर भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और नेता एकत्र हुए। विरोध का स्वर इतना तीखा था कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के मुख्यालय की ओर मार्च किया और जमकर नारेबाजी की। भाजपा का स्पष्ट आरोप है कि आम आदमी पार्टी के नेता सत्ता के अहंकार में चूर होकर अब उन धर्मगुरुओं का मजाक उड़ा रहे हैं जिन्होंने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब ‘आप’ नेताओं ने ऐसा किया हो। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का उदाहरण देते हुए कहा कि उन पर भी पहले कई बार सिख समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप लग चुके हैं। भाजपा का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था की रक्षा का सवाल है।

तरुण चुग का प्रहार: ‘हिंदुस्तान के स्वाभिमान पर चोट’

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं में भारतीय धर्म और संस्कृति के प्रति लेशमात्र भी सम्मान नहीं बचा है। चुग के अनुसार, हिंदू और सिख गुरुओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी करना ‘आप’ की रणनीति का हिस्सा बन गया है ताकि वे समाज को विभाजित कर सकें।

तरुण चुग ने जोर देकर कहा कि यह विषय केवल दिल्ली या पंजाब तक सीमित नहीं है, और न ही इसे केवल हिंदू-सिख चश्मे से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पूरे हिंदुस्तान के स्वाभिमान का मुद्दा है। जिन गुरुओं ने मुगल काल में धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी, उनके बारे में किसी भी प्रकार की अभद्र टिप्पणी राष्ट्र स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि भाजपा इस मुद्दे को पंजाब में भी एक बड़े आंदोलन के रूप में ले जाएगी।

विधानसभा सदस्यता पर संकट और ‘गोवा वेकेशन’ पर विवाद

दिल्ली भाजपा के महासचिव विष्णु मित्तल ने इस मामले को कानूनी और प्रशासनिक रूप से उठाने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिल्ली में इतना बड़ा विवाद खड़ा है और धार्मिक भावनाएं आहत हैं, तब आतिशी मार्लेना माफी मांगने के बजाय छुट्टियां मनाने गोवा चली गई हैं। मित्तल ने कहा कि जिस वीडियो को आम आदमी पार्टी ‘छेड़छाड़’ किया हुआ बता रही है, वह असल में दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक कार्यवाही का हिस्सा है।

भाजपा नेता ने दावा किया कि विधानसभा के नियमों के अनुसार, किसी भी महापुरुष या धर्मगुरु का अपमान सदन की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस मामले की फॉरेंसिक जांच करवाई जाएगी और जिस तरह के साक्ष्य मौजूद हैं, उससे आतिशी मार्लेना की विधानसभा सदस्यता जाना लगभग तय है। भाजपा का मानना है कि माफी न मांगकर ‘आप’ नेतृत्व ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे अपने नेताओं के बयानों के साथ खड़े हैं।

इस्तीफे की मांग और ‘विभाजनकारी राजनीति’ का आरोप

भाजपा नेता यासिर जिलानी और पूर्व महामंत्री राजेश भाटिया ने भी आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों लिया। जिलानी ने कहा कि यदि यह जुबान फिसलने का मामला होता, तो आतिशी तुरंत माफी मांग लेतीं, लेकिन वीडियो को ही फर्जी बताना उनकी हठधर्मिता और अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं होगा।

वहीं, राजेश भाटिया ने कहा कि केजरीवाल की राजनीति हमेशा से विभाजनकारी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की जनता ने जिन्हें प्रचंड बहुमत दिया, वे ही आज जनता की संस्कृति और आस्था को अपमानित कर रहे हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार, चुनाव में मिलने वाली हताशा के कारण आम आदमी पार्टी के नेता अब अपना मानसिक संतुलन खो रहे हैं और जनता के पूज्य गुरुओं को अपशब्द कह रहे हैं।

पूर्व ‘आप’ नेता नितिन त्यागी के सनसनीखेज खुलासे

इस विरोध प्रदर्शन में लक्ष्मीनगर के पूर्व विधायक नितिन त्यागी ने भी शिरकत की, जो कभी आम आदमी पार्टी का हिस्सा थे। त्यागी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के अंदर रहते हुए देखा है कि केजरीवाल और उनके करीबियों के मन में भारतीय धर्म-संस्कृति के प्रति कोई सम्मान नहीं है।

त्यागी ने आतिशी मार्लेना के पारिवारिक पृष्ठभूमि पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके माता-पिता ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी रुकवाने के लिए राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी। उन्होंने तर्क दिया कि आतिशी की शिक्षा और संस्कार ही ऐसे रहे हैं जहाँ राष्ट्रवाद और धर्म का विरोध करना सिखाया गया है। त्यागी के अनुसार, सिख गुरु का अपमान कोई संयोग नहीं, बल्कि उनके वैचारिक पालन-पोषण का ही परिणाम है।

आम आदमी पार्टी का बचाव: वीडियो से छेड़छाड़ का दावा

दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा हार के डर से मुद्दाविहीन हो गई है और अब वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर दुष्प्रचार कर रही है। ‘आप’ ने मांग की है कि कथित वीडियो की उच्च स्तरीय फॉरेंसिक जांच की जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। पार्टी का तर्क है कि भाजपा केवल आतिशी की छवि खराब करने के लिए एक फर्जी विमर्श (Narrative) गढ़ रही है।

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