• January 19, 2026

भारत-नेपाल सीमा समन्वय: सुरक्षा और शांति के संकल्प के साथ कैलाली में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

कैलाली/लखीमपुर खीरी: नेपाल में होने वाले आगामी चुनावों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से भारत और नेपाल के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा समन्वय बैठक आयोजित की गई। नेपाल के कैलाली जिले में हुई इस बैठक का मुख्य केंद्र सीमा सुरक्षा, प्रशासनिक सहयोग और सीमा पार से होने वाले अपराधों पर लगाम लगाना रहा। दोनों देशों के अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए खुफिया सूचनाओं का साझाकरण और संयुक्त गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

आगामी नेपाल चुनाव और सुरक्षा की चुनौतियां

नेपाल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है। चूंकि भारत और नेपाल के बीच एक लंबी खुली सीमा (Open Border) है, इसलिए चुनाव के दौरान असामाजिक तत्वों, अवैध हथियारों की तस्करी और घुसपैठ की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, भारतीय पक्ष ने नेपाली प्रशासन को हर संभव तकनीकी और सुरक्षात्मक सहयोग का आश्वासन दिया है।

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला मजिस्ट्रेट दुर्गा शक्ति नागपाल ने किया। उन्होंने कैलाली और कंचनपुर जिलों के मुख्य जिला अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की। बैठक के दौरान भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नेपाल की चुनाव प्रक्रिया के दौरान सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जाएगा ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप न हो सके।

ऐतिहासिक संबंधों की मजबूती और प्रशासनिक आश्वासन

जिला मजिस्ट्रेट दुर्गा शक्ति नागपाल ने बैठक को संबोधित करते हुए भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “रोटी-बेटी का रिश्ता” रखने वाले इन दोनों देशों के बीच सहयोग केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है। उन्होंने नेपाल के अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि शांतिपूर्ण चुनाव के संचालन के लिए भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस दौरान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट नरेंद्र बहादुर सिंह ने सीमा पर आपातकालीन सेवाओं की निरंतरता और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर जोर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमा चौकियों पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। साथ ही, दोनों देशों के बीच संचार के ऐसे माध्यम विकसित किए जाएंगे जिनसे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके।

ड्रग तस्करी और सीमा पार अपराध पर कड़ा प्रहार

सुरक्षा के मोर्चे पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित गश्त पहले से ही जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों से मिलने वाली किसी भी सूचना पर भारतीय पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) तत्काल कार्रवाई करेगी। बैठक में नशीले पदार्थों की तस्करी (Drug Trafficking) को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

अधिकारियों ने सहमति जताई कि चुनाव के समय ड्रग्स और शराब की अवैध आवाजाही बढ़ सकती है, जिसे रोकने के लिए विशेष प्रवर्तन अभियान चलाए जाएंगे। इसके अलावा, मानव तस्करी और जाली नोटों के कारोबार जैसे सीमा पार अपराधों पर नकेल कसने के लिए दोनों देशों की प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक में पल्लिया और निघासन तहसीलों के उप-महानिरीक्षक सहित एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने इनपुट साझा किए।

संयुक्त गश्त और खुफिया सूचनाओं का साझाकरण

बैठक का एक प्रमुख निष्कर्ष यह रहा कि चुनावों से पहले और मतदान के दिन तक दोनों देशों की सेनाएं और पुलिस बल “जॉइंट पेट्रोलिंग” (संयुक्त गश्त) को बढ़ाएंगे। इससे न केवल अपराधियों में भय पैदा होगा, बल्कि स्थानीय निवासियों में भी सुरक्षा का भाव जागेगा। खुफिया सूचनाओं के वास्तविक समय (Real-time) साझाकरण के लिए एक विशेष समन्वय डेस्क स्थापित करने पर भी विचार किया गया है।

सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि वे नेपाली सशस्त्र पुलिस बल (APF) के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि सीमावर्ती पिलर और क्षेत्रों का कोई दुरुपयोग न हो। चुनाव के दौरान कुछ समय के लिए सीमा को सील करने या आवाजाही को नियंत्रित करने की प्रक्रिया पर भी प्रारंभिक चर्चा की गई, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा है।

निष्कर्ष: मित्रता और सुरक्षा का नया अध्याय

यह बैठक केवल एक सुरक्षा चर्चा नहीं थी, बल्कि भारत और नेपाल के बीच गहरे विश्वास का प्रतीक थी। कैलाली में हुए इस समन्वय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नेपाल के चुनावों की सफलता में भारत एक सहायक मित्र की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस स्तर के सहयोग से न केवल आगामी चुनाव शांतिपूर्ण होंगे, बल्कि भविष्य में भी दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन और अपराध नियंत्रण के मॉडल को नई दिशा मिलेगी।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *