• January 20, 2026

काशी में वॉलीबॉल महाकुंभ का शंखनाद: प्रधानमंत्री मोदी ने किया नेशनल चैंपियनशिप का भव्य उद्घाटन, सीएम योगी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

वाराणसी: धर्म और संस्कृति की नगरी काशी अब खेलों के नए केंद्र के रूप में विश्व पटल पर उभर रही है। रविवार को वाराणसी के सिगरा स्थित नवनिर्मित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर ‘वॉलीबॉल महाकुंभ’ का उद्घाटन किया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। देशभर से आए 1022 खिलाड़ियों और हजारों दर्शकों की मौजूदगी में जब प्रधानमंत्री ने ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष किया, तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से गूंज उठा।

प्रधानमंत्री का काशी से संवाद: ‘इंडिया फर्स्ट’ और टीम भावना का मंत्र

दोपहर ठीक 12 बजे जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल स्क्रीन के जरिए आयोजन से जुड़े, तो काशी की जनता ने उनका पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने भी अपने संबोधन की शुरुआत ‘नमः पार्वती पतये हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ की। वाराणसी के सांसद के रूप में खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने स्थानीय भोजपुरी अंदाज में कहा, “एक कहावत है कि बनारस के जानल चाहत हउआ त बनारस आवे के पड़ी… अब आप सभी बनारस आ गए हैं तो यहां की संस्कृति को भी समझ जाएंगे।”

प्रधानमंत्री ने वॉलीबॉल खेल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे जीवन के दर्शन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल एक ऐसा खेल है जो हमें ‘टीम फर्स्ट’ (Team First) का संदेश देता है। मैदान पर खिलाड़ियों का हर कदम अपनी टीम को जिताने के लिए होता है। उन्होंने इस भावना को राष्ट्रवाद से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह खेल में व्यक्तिगत प्रदर्शन से ऊपर टीम की जीत होती है, उसी तरह हमारे देश में भी ‘इंडिया फर्स्ट’ की भावना सर्वोपरि है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बनारस के दर्शक बहुत ऊर्जावान हैं और वे उनके खेल का पूरा आनंद लेंगे।

मुख्यमंत्री योगी का भव्य स्वागत और काशी की नई पहचान

इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 11:22 बजे सिगरा स्टेडियम पहुंचे। उनके आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और खिलाड़ियों ने ‘मोदी-योगी जल्दी आवा’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंच पर उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और महापौर अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन से हुई, जिसने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने काशी को इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर दिया। सीएम योगी ने कहा कि काशी अब केवल मंदिरों का शहर नहीं रहा, बल्कि यह खेल बुनियादी ढांचे के मामले में भी आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार खेलों और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए हर संभव कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर शहर उत्तरी विधायक रवींद्र जायसवाल, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, और डॉ. नीलकंठ तिवारी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप: खिलाड़ियों का जमावड़ा

काशी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इस 72वीं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में देशभर की 58 टीमें प्रतिभाग कर रही हैं, जिनमें पुरुष और महिला वर्ग के 1022 श्रेष्ठ खिलाड़ी शामिल हैं। स्टेडियम को इस आयोजन के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया है। रंग-बिरंगे झंडे, चैंपियनशिप के विशाल बैनर और होर्डिंग्स खिलाड़ियों का स्वागत कर रहे हैं।

सुबह 11 बजे तक ही पूरा स्टेडियम खिलाड़ियों और भाजपा कार्यकर्ताओं से भर चुका था। खिलाड़ियों में इस बात को लेकर विशेष उत्साह था कि उनके खेल का उद्घाटन स्वयं प्रधानमंत्री कर रहे हैं। कई खिलाड़ियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाले इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेलना उनके लिए एक बड़ा अनुभव है।

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का संबोधन: खेलों में खत्म हुआ भ्रष्टाचार का दौर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि यह काशी का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में पूरे देश की प्रतिभाएं जुटी हैं। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के दौर में जब देश में कोई बड़ा खेल आयोजन होता था, तो उस पर भ्रष्टाचार का साया मंडराता था। खिलाड़ियों की सुविधाओं के बजाय घोटालों की चर्चा होती थी।

पाठक ने कहा कि आज मोदी सरकार के नेतृत्व में खिलाड़ियों की एक अलग पहचान बनी है। जब भी भारतीय खिलाड़ी एशियन गेम्स या कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर आते हैं, तो प्रधानमंत्री उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलते हैं और हारने वाले खिलाड़ियों का भी ढांढस बंधाते हैं। आज खिलाड़ियों को यह विश्वास है कि उनकी मेहनत को उचित सम्मान और संसाधन मिलेंगे।

खिलाड़ियों के लिए काशी दर्शन और सांस्कृतिक अनुभव

इस चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों के रहने और खाने के साथ-साथ उनके काशी दर्शन की भी विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजकों का उद्देश्य है कि देशभर से आए ये युवा खिलाड़ी न केवल खेल के मैदान पर अपना जौहर दिखाएं, बल्कि काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हों। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने भाषण में खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे खेल के साथ-साथ बनारस की गलियों, गंगा घाट और विश्वनाथ धाम का अनुभव जरूर लें।

चैंपियनशिप के पहले दिन उद्घाटन सत्र के बाद कई रोमांचक मैच खेले गए। दर्शकों की भारी भीड़ ने स्थानीय और राष्ट्रीय टीमों का उत्साह बढ़ाया। स्टेडियम के भीतर का माहौल पूरी तरह से खेलमयी बना हुआ है। यह आयोजन वाराणसी के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है, जो आने वाली पीढ़ियों को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा।

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