• January 1, 2026

असम में कानून और व्यवस्था का नया अध्याय: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पेश किया ‘सुशासन’ का रिपोर्ट कार्ड

गुवाहाटी: नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीतियों का एक विस्तृत ब्यौरा देश के सामने रखा है। गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य असम को न केवल सुरक्षित बनाना है, बल्कि अवैध घुसपैठ और अपराध के विरुद्ध एक ऐसा मॉडल पेश करना है जो पूरे देश के लिए मिसाल बने। मुख्यमंत्री ने अपराध के आंकड़ों में भारी गिरावट, दोषसिद्धि दर में सुधार और अवैध प्रवासियों के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही असम को हजारों करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सौगात देने वाले हैं।

तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में असम देश में अव्वल

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गर्व के साथ घोषणा की कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों को जमीन पर उतारने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में असम पूरे देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के माध्यम से न्याय प्रणाली में गति आई है और पुलिस की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी हुई है। आंकड़ों का हवाला देते हुए सीएम ने बताया कि साल 2021 में राज्य में 1.33 लाख आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे, लेकिन प्रभावी पुलिसिंग और सख्त कानून व्यवस्था के कारण 2025 में यह संख्या घटकर मात्र 43,748 रह गई है। यह गिरावट दर्शाती है कि राज्य में अपराधियों के भीतर कानून का भय पैदा हुआ है। इसके अलावा, अदालतों में समय पर आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल करने की दर में भी 81 फीसदी की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है।

दोषसिद्धि दर में ऐतिहासिक सुधार और ड्रग्स के खिलाफ बड़ी जंग

असम सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि न्याय दिलाने की प्रक्रिया में सुधार रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2021 तक असम में दोषसिद्धि दर (Conviction Rate) महज 6 फीसदी थी, जिसका अर्थ था कि बहुत कम अपराधियों को सजा मिल पाती थी। हालांकि, अब यह दर बढ़कर 26.38 प्रतिशत हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य इसे और ऊपर ले जाना है ताकि पीड़ित को त्वरित न्याय मिल सके। नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर बोलते हुए उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में असम पुलिस ने कुल 2919 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स जब्त की है। यह न केवल पूर्वोत्तर भारत बल्कि पूरे देश में नशीले पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा रुख: 2000 विदेशी वापस भेजे गए

असम के लिए अवैध प्रवासियों का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है। मुख्यमंत्री सरमा ने इस मोर्चे पर सरकार की सख्ती को रेखांकित करते हुए बताया कि अब तक 2000 अवैध विदेशियों की पहचान कर उन्हें उनके मूल देश वापस भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि अब सरकार ने तय किया है कि विदेशी न्यायाधिकरण (Foreign Tribunal) द्वारा जिस किसी भी व्यक्ति को ‘विदेशी’ घोषित कर दिया जाएगा, उसे एक सप्ताह के भीतर वापस भेज दिया जाएगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “अगले पांच साल असम में अवैध विदेशियों को निष्कासित करने की प्रक्रिया के लिए एक मिसाल बनेंगे।” उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में 18 और बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पार वापस भेजा गया है।

अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर और 1.45 लाख बीघा जमीन मुक्त

असम सरकार की अतिक्रमण विरोधी मुहिम, जो अक्सर चर्चा और विवादों में रहती है, पर मुख्यमंत्री ने अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य भर में सरकारी और वन क्षेत्रों से 1.45 लाख बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। हालांकि इस कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं भी दाखिल की गई हैं, लेकिन मुख्यमंत्री का कहना है कि वे राज्य की पैतृक भूमि की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि राज्य के संसाधनों का लाभ वैध नागरिकों को मिल सके।

बुनियादी ढांचे में क्रांति: प्रधानमंत्री देंगे 6957 करोड़ की सौगात

राज्य के आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के दौरे पर आने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 या 18 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी 6,957 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 32 किलोमीटर लंबे काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे। यह कॉरिडोर न केवल काजीरंगा नेशनल पार्क के वन्यजीवों को सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यातायात को भी सुगम बनाएगा। यह परियोजना असम के पर्यटन मानचित्र पर एक गेम-चेंजर साबित होने वाली है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर करार दिया।

रेल और सड़क नेटवर्क में ऐतिहासिक निवेश: दोहरी सुरंग को मंजूरी

असम के परिवहन इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने वाली है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने गोहपुर को नुमालीगढ़ से जोड़ने वाली एक विशाल ‘दोहरी सुरंग’ (Twin Tunnel) परियोजना को हरी झंडी दे दी है। 22,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह सुरंग सड़क और रेल दोनों के लिए उपयोगी होगी। ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनने वाली इस तरह की यह पहली परियोजना होगी जो सामरिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, फरवरी माह में प्रधानमंत्री मोदी प्रस्तावित गेलेफू रेलवे लाइन परियोजना की भी आधारशिला रखेंगे, जिससे पड़ोसी देशों और राज्यों के साथ व्यापारिक संबंध और प्रगाढ़ होंगे।

सुशासन और विकास का भविष्य का खाका

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के इस रिपोर्ट कार्ड से स्पष्ट है कि वे असम को विकास और सुरक्षा के एक नए पायदान पर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि विकास तभी संभव है जब कानून व्यवस्था मजबूत हो। अवैध प्रवासियों पर सख्ती, अपराधियों को सजा दिलाने की प्रतिबद्धता और बुनियादी ढांचे पर हजारों करोड़ का निवेश, असम की बदलती तस्वीर को बयां करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जो काम हुआ है, वह केवल शुरुआत है। आने वाले वर्षों में असम न केवल पूर्वोत्तर बल्कि पूरे भारत का एक अग्रणी आर्थिक केंद्र बनकर उभरेगा। विपक्षी दलों की आलोचनाओं और अदालती याचिकाओं के बीच, सरमा सरकार अपनी ‘कठोर छवि’ और ‘विकासवादी दृष्टिकोण’ के साथ आगे बढ़ने का संकल्प दोहराती नजर आई।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *