नए साल में बंगाल और असम को रेल मंत्री का तोहफा: कोलकाता-गुवाहाटी के बीच जल्द दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर
नई दिल्ली/कोलकाता: साल 2026 की पहली सुबह देश के रेल यात्रियों, विशेषकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लोगों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए साल में पश्चिम बंगाल और असम के बीच रेल कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 जनवरी 2026 को मीडिया से बातचीत करते हुए घोषणा की कि केंद्र सरकार जल्द ही कोलकाता और गुवाहाटी के बीच ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन सेवा की शुरुआत करने जा रही है। यह ट्रेन न केवल दो महत्वपूर्ण राज्यों को जोड़ेगी, बल्कि यात्रियों को हवाई सफर जैसा आरामदायक अनुभव भी प्रदान करेगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की बड़ी घोषणा
नए साल के अवसर पर रेल मंत्रालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन भारतीय रेलवे का पूरी तरह कायाकल्प करना है। इसी कड़ी में कोलकाता और गुवाहाटी जैसे दो बड़े व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्रों के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। रेल मंत्री ने कहा कि इस रूट पर वंदे भारत स्लीपर का परिचालन शुरू होने से यात्रियों के समय में भारी बचत होगी और रात भर के सफर के बाद यात्री सुबह पूरी तरह तरोताजा होकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
बंगाल और पूर्वोत्तर के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी
कोलकाता (पश्चिम बंगाल) और गुवाहाटी (असम) के बीच का संबंध व्यापार और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। वर्तमान में इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों का भारी दबाव रहता है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत से इस दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। यह ट्रेन आधुनिक तकनीक, कवच (ट्रेन सुरक्षा प्रणाली) और विश्वस्तरीय आंतरिक सज्जा से लैस होगी। रेल मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री जल्द ही इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह सौगात बंगाल और असम के उन हजारों लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगी जो नियमित रूप से इन दोनों शहरों के बीच यात्रा करते हैं।
वंदे भारत स्लीपर: आधुनिक सुविधाओं का नया अध्याय
वंदे भारत का स्लीपर संस्करण भारतीय रेलवे के इतिहास में एक क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है। अब तक वंदे भारत मुख्य रूप से ‘चेयर कार’ के रूप में प्रसिद्ध रही है, लेकिन लंबी दूरी के सफर के लिए स्लीपर वर्जन की मांग लंबे समय से की जा रही थी। कोलकाता-गुवाहाटी रूट पर चलने वाली यह ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित होगी और इसमें बर्थ डिजाइन से लेकर लाइटिंग तक सब कुछ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा। रेल मंत्री ने संकेत दिए कि 2026 में देश के कई अन्य हिस्सों को भी इस तरह की स्लीपर ट्रेनों से जोड़ा जाएगा, लेकिन बंगाल और असम को प्राथमिकता सूची में ऊपर रखा गया है।
नए साल में भारतीय रेलवे का बदलता स्वरूप
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे अब ‘स्पीड’ और ‘सेफ्टी’ दोनों पर एक साथ काम कर रही है। कोलकाता-गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर इसी मिशन का हिस्सा है। रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि 2026 में रेलवे का बुनियादी ढांचा और भी मजबूत होगा। स्टेशनों के आधुनिकीकरण के साथ-साथ वंदे भारत जैसी ट्रेनों का विस्तार पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इस घोषणा के बाद से ही बंगाल और असम के लोगों में उत्साह का माहौल है, क्योंकि यह नई सेवा पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को नई गति देने वाली साबित होगी।