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रणथंभौर में गांधी-वाड्रा परिवार का जमावड़ा: राहुल, प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा पहुंचे सवाई माधोपुर, रेहान और अवीवा की सगाई के बाद जश्न की तैयारी

सवाई माधोपुर: राजस्थान का प्रसिद्ध रणथंभौर नेशनल पार्क एक बार फिर देश के सबसे हाई-प्रोफाइल परिवार की मेजबानी कर रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा अपने परिवार के साथ एक निजी यात्रा पर सवाई माधोपुर पहुंचे हैं। कड़े सुरक्षा घेरे के बीच यह परिवार दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए रणथंभौर पहुंचा। इस यात्रा को पूरी तरह निजी और पारिवारिक रखा गया है, जहां परिवार के सदस्य नए साल का स्वागत करने और रणथंभौर की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए एकत्रित हुए हैं।

होटल शेरबाग बना गांधी-वाड्रा परिवार का ठिकाना

गांधी-वाड्रा परिवार का काफिला मंगलवार को सवाई माधोपुर पहुंचा, जहां उनके ठहरने की व्यवस्था रणथंभौर के प्रसिद्ध और लक्जरी ‘होटल शेरबाग’ में की गई है। सुरक्षा कारणों से होटल और उसके आसपास पुलिस और निजी सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा पहरा है। सूत्रों के अनुसार, यह परिवार 2 जनवरी तक यहां रुकने वाला है। इस दौरान परिवार का मुख्य कार्यक्रम रणथंभौर नेशनल पार्क में सफारी करना और बाघों की अठखेलियां देखना है।

हालांकि, इस बार की यात्रा पिछले वर्षों की तुलना में अधिक खास मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस यात्रा में गांधी-वाड्रा परिवार के साथ उनके कुछ बेहद करीबी दोस्त और प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की मंगेतर अवीवा बेग का परिवार भी शामिल हो सकता है।

रेहान वाड्रा और अवीवा बेग की सगाई: नए रिश्तों की शुरुआत

इस निजी यात्रा के केंद्र में प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा और उनकी मंगेतर अवीवा बेग हैं। जानकारी के अनुसार, रेहान और अवीवा की सगाई हाल ही में दिल्ली में एक बेहद निजी और सादे समारोह में संपन्न हुई है। दोनों परिवार लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं और युवाओं की आपसी सहमति के बाद इस रिश्ते पर मुहर लगी है।

अटकलें लगाई जा रही हैं कि सगाई के बाद की कुछ पारंपरिक रस्में या सेलिब्रेशन रणथंभौर के होटल शेरबाग में आयोजित किए जा सकते हैं। यही कारण है कि इस बार दोनों परिवारों का मिलन रणथंभौर की वादियों में हो रहा है। रेहान और अवीवा दोनों ही रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं और फोटोग्राफी में गहरी रुचि रखते हैं, जो इस स्थान को उनके लिए और भी विशेष बनाता है।

रणथंभौर से गांधी परिवार का पुराना और अटूट नाता

रणथंभौर नेशनल पार्क और गांधी परिवार का रिश्ता दशकों पुराना है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय से ही यह परिवार छुट्टियां बिताने के लिए रणथंभौर आता रहा है। प्रियंका गांधी वाड्रा का इस जगह से विशेष लगाव है; वे साल में कम से कम दो से तीन बार यहां आती हैं। उन्हें अक्सर नेशनल पार्क में खुले जिप्सी में कैमरा थामे बाघों की तस्वीरें लेते हुए देखा गया है।

राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी समय-समय पर यहां आते रहे हैं। हालांकि, इस बार की यात्रा में सोनिया गांधी शामिल नहीं हुई हैं, लेकिन राहुल गांधी की मौजूदगी ने इस पारिवारिक पुनर्मिलन को पूर्ण कर दिया है। वन्यजीव प्रेम और एकांत की तलाश इस परिवार को बार-बार राजस्थान के इस वन्यजीव अभयारण्य की ओर खींच लाती है।

कौन हैं रेहान वाड्रा? एक विजुअल आर्टिस्ट की पहचान

प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बड़े बेटे रेहान वाड्रा ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वे राजनीति के शोर-शराबे से दूर कला की दुनिया में सक्रिय हैं। रेहान एक पेशेवर विजुअल आर्टिस्ट और फोटोग्राफर हैं। उनकी कलाकृतियां और फोटोग्राफी अक्सर प्रकृति और जीवन के सूक्ष्म पहलुओं पर केंद्रित होती हैं।

रेहान की शुरुआती शिक्षा उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित प्रतिष्ठित दून स्कूल से हुई है, जिसके बाद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा लंदन से पूरी की। वे दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में अपनी कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगा चुके हैं। रणथंभौर की यात्रा उनके लिए केवल एक अवकाश नहीं, बल्कि उनके फोटोग्राफी के जुनून को धार देने का एक अवसर भी है।

अवीवा बेग: पत्रकारिता से फोटोग्राफी तक का सफर

गांधी-वाड्रा परिवार की नई सदस्य बनने जा रही अवीवा बेग भी एक बहुमुखी व्यक्तित्व की धनी हैं। दिल्ली की रहने वाली अवीवा ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के प्रसिद्ध मॉडर्न स्कूल से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने सोनीपत स्थित ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता (Journalism) की डिग्री हासिल की।

अवीवा पेशे से एक फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर हैं। रचनात्मक क्षेत्र के अलावा, वे खेल जगत में भी सक्रिय रही हैं और राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल खिलाड़ी रह चुकी हैं। रेहान और अवीवा के बीच कला और फोटोग्राफी के प्रति साझा जुनून उनके रिश्ते की एक मजबूत कड़ी माना जाता है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और नए साल का जश्न

सवाई माधोपुर प्रशासन और पुलिस इस हाई-प्रोफाइल यात्रा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। राहुल गांधी को मिली सुरक्षा श्रेणी के मद्देनजर नेशनल पार्क के अंदर सफारी के दौरान भी विशेष प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। होटल शेरबाग के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बनाया गया है ताकि परिवार की निजता भंग न हो।

उम्मीद है कि परिवार नए साल (2026) का स्वागत रणथंभौर की शांत वादियों में ही करेगा। 1 जनवरी को परिवार के सदस्य सुबह और शाम की सफारी पर जा सकते हैं। रणथंभौर में वर्तमान में बाघों की साइटिंग काफी अच्छी हो रही है, जिसे देखने के लिए परिवार काफी उत्साहित है। 2 जनवरी को इस निजी दौरे के समापन के बाद परिवार वापस दिल्ली के लिए रवाना होगा।

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