• January 2, 2026

बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण दिवस पर योगी का ऐलान हर प्रतिमा पर बनेगी छत

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) की विरासत और उनकी प्रतिमाओं के संरक्षण को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय सामने आया है। लखनऊ (Lucknow) में महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मंच से ऐसा ऐलान किया, जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब राज्य में जहां-जहां बाबा साहेब की मूर्तियाँ स्थापित हैं, वहाँ उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए विशेष ढाँचागत व्यवस्था लागू की जाएगी। यह निर्णय सिर्फ सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक और सामाजिक निहितार्थ भी अत्यंत गहरे माने जा रहे हैं। आखिर सरकार इस फैसले के माध्यम से दलित समाज और विपक्षी दलों को क्या संदेश देना चाहती है? और इसका जमीनी असर गांव से लेकर शहर तक कैसे दिखाई देगा? तो चलिए जानते हैं पूरी खबर क्या है, जानते हैं विस्तार से…

अंबेडकर प्रतिमाओं का अपमान क्यों बना बड़ा मुद्दा?

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बीते कुछ वर्षों के दौरान कई स्थानों पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) की प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़, अपमान या उन्हें नुकसान पहुँचाने की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ सामने आती रही हैं। इन घटनाओं ने अक्सर सामाजिक तनाव को बढ़ावा दिया है और कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। दलित समाज के लिए अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि सम्मान, संवैधानिक अधिकार और न्याय की आत्मा के प्रतीक हैं। ऐसे में उनकी प्रतिमाओं को नुकसान पहुँचाना सीधे तौर पर सामाजिक सौहार्द पर एक बड़ी चोट माना जाता रहा है। इन्हीं घटनाओं की पृष्ठभूमि में, प्रशासन ने कई जगहों पर पुलिस निगरानी या सीसीटीवी लगाने की पहल की थी, लेकिन राज्यव्यापी स्तर पर प्रतिमाओं के स्थायी संरक्षण के लिए कोई ठोस और एकीकृत नीति अब तक लागू नहीं हो सकी थी। सीएम योगी का यह ऐलान इसी लंबे विमर्श का निर्णायक और सख्त चरण माना जा रहा है।

CM योगी का मंच से ‘संरक्षण और सम्मान’ का बड़ा ऐलान

लखनऊ (Lucknow) में आयोजित महापरिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रदेशभर में एक नई सुरक्षा नीति लागू करने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में अब जहां-जहां भी बाबा साहेब की मूर्तियां स्थापित हैं, वहां उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए सरकार छत (Roof) और बॉउंड्री वॉल (Boundary Wall) का निर्माण सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री ने बल देते हुए कहा कि यह निर्णय केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि समाज में स्थायित्व और सम्मान का प्रतीक बनेगा। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर प्रतिमाओं को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते हैं, और सरकार अब ऐसी किसी भी गतिविधि को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। हर प्रतिमा पर स्थायी सुरक्षा घेराबंदी के साथ आवश्यकतानुसार निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

कांग्रेस पर हमला और ‘वंदे मातरम्’ प्रसंग का ज़िक्र

कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने विपक्षी दल कांग्रेस (Congress) की पुरानी नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 1923 के उस ऐतिहासिक घटनाक्रम का विशेष उल्लेख किया, जब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ‘वंदे मातरम्’ (Vande Mataram) गाने से साफ इंकार कर दिया था। सीएम योगी ने बताया कि उस समय बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) ने स्पष्ट रुख अपनाया था कि जो व्यक्ति भारत की धरती को पवित्र नहीं मानता, उसका कोई भी वक्तव्य राष्ट्रहित में स्वीकार्य नहीं हो सकता। सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि बाबा साहेब न्याय, समानता और बंधुत्व के प्रबल समर्थक थे और राष्ट्रहित के खिलाफ किसी भी सोच को वह पूरी तरह खारिज करते थे। इसी मंच से डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Brijesh Pathak) और केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पर दलित हितों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

दलित बस्तियों के विकास और मानदेय पर बड़ा फोकस

डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने इस मौके पर कहा कि बाबा साहेब (Dr. B.R. Ambedkar) द्वारा दिया गया संविधान आज भी भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और मोदी-योगी सरकार इसी के आदर्शों पर काम कर रही है। उन्होंने सामाजिक न्याय के उदाहरण के तौर पर महिलाओं को 33% आरक्षण (33% Reservation) और मतदाता सूची के शुद्धिकरण को गिनाया। वहीं मंत्री असीम अरुण (Asim Arun) ने कहा कि बाबा साहेब जाति से ऊपर उठकर भारतीय पहचान की बात करते थे। सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) ने यह भी ऐलान किया कि दलित बस्तियों की कनेक्टिविटी मजबूत करने पर काम किया जाएगा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के न्यूनतम मानदेय (Minimum Wages) पर जल्द ही एक बड़ा फैसला लागू होगा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि स्थायी और सख्त व्यवस्था के तहत होगी। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि यह व्यापक नीति जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू की जाती है।

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