Passport Power Surge: पीएम मोदी-पुतिन की डील के बाद खुला वीजा फ्री रास्ता, भारतीयों के लिए 59 देशों के दरवाजे खुले
भारत (India) और रूस (Russia) के दशकों पुराने मजबूत संबंधों को अब एक नई दिशा मिली है। रक्षा और व्यापार के बाद, अब दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही को सरल बनाने पर बड़ा फैसला हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की हालिया शिखर वार्ता के बाद भारत ने रूस से आने वाले पर्यटकों के लिए 30 दिन की ई-वीजा सुविधा देने का ऐतिहासिक ऐलान किया है। यह कदम पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। इसी घटनाक्रम के बीच भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) की वैश्विक ताकत में भी जबरदस्त उछाल आया है। 2025 के नवीनतम पासपोर्ट इंडेक्स के अनुसार, भारतीय नागरिक अब कुल 59 देशों में वीजा-मुक्त या आसान एंट्री की सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। आखिर ये 59 देश कौन-से हैं और इस बदलाव से देश को क्या बड़ा कूटनीतिक फायदा होगा? तो चलिए जानते हैं पूरी खबर क्या है, जानते हैं विस्तार से…
मोदी-पुतिन की बैठक और द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय
भारत (India) और रूस (Russia) के बीच रणनीतिक साझेदारी हमेशा से ही अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र रही है। दोनों देश रक्षा आपूर्ति, ऊर्जा सहयोग और कूटनीतिक समन्वय में अग्रणी रहे हैं। हाल ही में नई दिल्ली (New Delhi) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के इरादे से आयोजित की गई थी। इस बैठक में दोनों नेताओं ने समुद्री ढांचे और पोत परिवहन को लेकर एक नए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य व्यापारिक आवाजाही को सुव्यवस्थित करना है। इस वार्ता का सबसे बड़ा आकर्षण नागरिक संबंधों को मजबूत करने का फैसला रहा। यह स्पष्ट संकेत है कि दोनों राष्ट्र अब केवल उच्च-स्तरीय सरकारी समझौतों तक सीमित न रहकर, आम लोगों के जुड़ाव पर भी बल दे रहे हैं।
रूसियों के लिए 30 दिन का ई-वीजा, भारतीयों के लिए 59 देशों की एंट्री
द्विपक्षीय वार्ता की सफलता के बाद जारी संयुक्त प्रेस बयान में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रूस (Russia) से आने वाले पर्यटकों के लिए वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया। भारत सरकार ने तुरंत प्रभाव से 30 दिनों की ई-वीजा सुविधा (e-Visa Facility) लागू करने की घोषणा की। इसके तहत, रूसी सैलानी अब आसानी से ऑनलाइन आवेदन करके भारत की यात्रा कर सकेंगे। इसके साथ ही, ई-टूरिस्ट वीजा और ग्रुप टूरिस्ट वीजा सेवाओं को भी शीघ्र ही शुरू करने की बात कही गई है। इसी बीच, Henley & Partners के 2025 पासपोर्ट इंडेक्स ने भारतीय पासपोर्टधारकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। इंडेक्स के मुताबिक, अब भारतीय नागरिक कुल 59 देशों और क्षेत्रों में या तो वीजा-मुक्त (Visa-Free), वीजा-ऑन-अराइवल (Visa-on-Arrival) या इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (e-TA) सुविधा के साथ प्रवेश कर सकते हैं, जिससे विदेश यात्रा की योजना बनाना काफी सुलभ हो गया है।
रणनीतिक विश्वास और पर्यटन उद्योग का उत्साह
कूटनीतिक विशेषज्ञों ने भारत (India) द्वारा रूस (Russia) के लिए वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने के फैसले को दोनों देशों के बीच रणनीतिक भरोसे का मजबूत संकेत माना है। विदेश नीति विश्लेषकों का कहना है कि ऐसा कदम तभी उठाया जाता है, जब दोनों देशों की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा पर पूर्ण विश्वास होता है। इस बीच, ट्रैवल इंडस्ट्री (Travel Industry) ने भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती वैश्विक ताकत पर उत्साह व्यक्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मलेशिया (Malaysia), मालदीव (Maldives), थाईलैंड (Thailand) और कई कैरेबियाई द्वीप समूह जैसे देशों में मिली वीजा-मुक्त सुविधा से भारत का मध्यम वर्ग अब अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन में सक्रिय रूप से भाग ले सकेगा। इस बदलाव से लंबी, थकाऊ वीजा प्रक्रियाओं और महीनों के इंतजार से मुक्ति मिली है, जो भारतीय नागरिकों के लिए ट्रैवल प्लानिंग (Travel Planning) को सस्ता और ज्यादा आकर्षक बना रही है।
ई-वीजा सिस्टम का तकनीकी क्रियान्वयन और भविष्य की योजना
वर्तमान में, भारत सरकार रूस (Russia) के लिए घोषित ई-वीजा सिस्टम को लागू करने हेतु अंतिम तकनीकी क्रियान्वयन (Technical Implementation) में जुटी है और उम्मीद है कि यह सुविधा जल्द ही चालू हो जाएगी। इसका सीधा अर्थ है कि रूसी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। दूसरी ओर, भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती वैश्विक पहुंच को देश की मजबूत होती विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय छवि का परिणाम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, 59 देशों में मिली आसान एंट्री सुविधा केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापारिक प्रतिनिधियों, छात्रों और स्टार्टअप्स को भी वैश्विक नेटवर्किंग (Global Networking) के लिए बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने संकेत दिए हैं कि भारत आने वाले समय में और भी कई देशों के साथ वीजा छूट समझौतों को लेकर चर्चा कर रहा है, जिससे भारतीय नागरिकों के लिए वैश्विक यात्रा के द्वार और खुलेंगे।