Imran Khan Sister’s Big Revelation: ‘भारत से दोस्ती चाहते थे इमरान’, बहन अलीमा के खुलासे से पाक सेना पर बवाल
पाकिस्तान (Pakistan) की राजनीति एक बार फिर बड़े भूचाल की ओर बढ़ती दिख रही है। इस बार विवाद की जड़ बने हैं पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) और उनकी बहन अलीमा खान (Aleema Khan) के चौंकाने वाले खुलासे। अलीमा ने सीधे तौर पर पाकिस्तान के मौजूदा सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर (General Asim Munir) पर कट्टर सोच और भारत विरोधी रणनीति अपनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनके भाई इमरान खान भारत से रिश्ते सुधारना चाहते थे, लेकिन सत्ता के केंद्र में बैठी ताकतें इसके खिलाफ थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में सत्ता भारत-विरोधी माहौल बनाए रखना चाहती है। इस बयान के बाद पाकिस्तान में सियासी हलचल तेज हो गई है, जिसने सेना और नागरिक नेतृत्व के बीच के टकराव को और बढ़ा दिया है। आखिर क्या है यह पूरा मामला, जानते हैं विस्तार से…
राजनीतिक संकट, इमरान की जेल और सेना पर बढ़ते सवाल
पाकिस्तान (Pakistan) पिछले कई महीनों से अभूतपूर्व राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की गिरफ्तारी और रावलपिंडी (Rawalpindi) स्थित अदियाला जेल (Adiala Jail) में उनकी कैद के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। इमरान खान के समर्थक लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत सत्ता से बाहर किया गया है। दूसरी ओर, सेना पर देश की राजनीति को नियंत्रित करने के आरोप भी पहले से लगते रहे हैं। मौजूदा सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर (General Asim Munir) के कार्यकाल में नागरिक सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच टकराव की चर्चाएं लगातार सामने आती रही हैं। इसी संवेदनशील और तनावपूर्ण माहौल में इमरान खान की बहन अलीमा खान (Aleema Khan) का यह बयान आया है, जिसने इस पहले से जलते राजनीतिक माहौल में घी डालने का काम किया है।
सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर अलीमा खान का बड़ा आरोप
अलीमा खान (Aleema Khan) ने स्काई न्यूज (Sky News) को दिए एक इंटरव्यू में सीधे जनरल आसिम मुनीर (General Asim Munir) की विचारधारा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सेना प्रमुख की सोच बेहद कठोर और कट्टरपंथी है, और उनका रुख पड़ोसी देश भारत (India) के प्रति पूरी तरह शत्रुतापूर्ण है। अलीमा का आरोप है कि जनरल मुनीर ऐसे फैसलों को बढ़ावा देते हैं, जिनसे सीमा पर तनाव बढ़े और दोनों देशों के रिश्ते और खराब हों। उन्होंने यह भी दावा किया कि जो लोग उनकी इस कट्टर विचारधारा से सहमत नहीं होते, उन्हें दबाया जाता है और निशाना बनाया जाता है। अलीमा के अनुसार, पाकिस्तान की राजनीति में सेना के अनावश्यक हस्तक्षेप और इस तरह की विचारधारा ही बार-बार अस्थिरता पैदा कर रही है। उनके इस विस्फोटक बयान ने पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य गलियारों में हलचल मचा दी है।
भारत से संबंध सुधारने की इमरान खान की नीति
अलीमा खान (Aleema Khan) ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके भाई इमरान खान (Imran Khan), भारत (India) के साथ रिश्ते सुधारना चाहते थे। उन्होंने बताया कि इमरान कई बार भारत से बातचीत के पक्ष में खुलकर सामने आए थे और भारतीय नेतृत्व व बीजेपी (BJP) से संवाद की कोशिश भी की थी। अलीमा का कहना है कि जब भी पाकिस्तान में कट्टर सोच वाला नेतृत्व मजबूत होता है, तब भारत-विरोधी माहौल जानबूझकर तैयार किया जाता है, ताकि आंतरिक राजनीति को नियंत्रित किया जा सके। उनके मुताबिक इमरान खान का मानना था कि दोनों देशों के रिश्ते सुधरने से न केवल क्षेत्रीय स्थिरता आएगी, बल्कि आम जनता को भी इसका आर्थिक फायदा मिलेगा। हालांकि, उनकी यह दोस्ती की नीति पाकिस्तान की ताकतवर संस्थाओं को रास नहीं आई और यहीं से उनके खिलाफ साजिशें तेज हो गईं।
वर्तमान स्थिति, परिवार की चिंताएं और आगे की चुनौती
इमरान खान (Imran Khan) की बहन ही नहीं, उनके बेटे कासिम खान (Qasim Khan) और सुलेमान खान (Suleman Khan) भी सरकार पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। दोनों ने कहा है कि उन्हें अपने पिता की जान को लेकर गहरी चिंता है और 47 दिनों तक उन्हें उनकी सेहत की कोई जानकारी नहीं दी गई। वहीं, जेल से भेजे अपने संदेश में इमरान खान ने भी जनरल आसिम मुनीर (General Asim Munir) पर राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जेल में उनके साथ कुछ भी होता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी सेना प्रमुख की होगी। मौजूदा हालात में पाकिस्तान एक बार फिर बड़े संस्थागत टकराव की ओर बढ़ता दिख रहा है, जहां सेना, राजनीति और जनता—तीनों आमने-सामने खड़े हैं। इमरान खान को जल्द रिहा न करने पर पाकिस्तान में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल की आशंका बनी हुई है।