• January 2, 2026

Russian Ruble vs Indian Rupee Value: इतना सस्ता है रूसी रूबल, भारत और डॉलर के मुकाबले जानिए पूरी कीमत और इसका व्यापार पर असर।

Russian Ruble vs Indian Rupee Value: रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के दो दिवसीय भारत (India) दौरे से पहले, अंतरराष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ आर्थिक गलियारों में भी ज़बरदस्त हलचल है। व्यापार, ऊर्जा और रक्षा समझौतों की चर्चाओं के बीच, सबसे ज़्यादा ध्यान रूसी करेंसी रूबल (Russian Ruble) की मौजूदा कीमत पर जा टिका है। आम लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि रूसी रूबल भारतीय रुपये (Indian Rupee) के मुकाबले कितना मजबूत या कमजोर है, और अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के सामने इसकी वास्तविक स्थिति क्या है। भारत की मज़बूत होती अर्थव्यवस्था (Strong Economy) और रूस की वैश्विक भूमिका के बीच यह करेंसी तुलना (Currency Comparison) बेहद अहम हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ पुतिन की इस मुलाकात से पहले उठ रहे ये सवाल, दोनों देशों के भविष्य के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के लिए कई बड़े संकेत दे रहे हैं। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से…

पुतिन का भारत दौरा और वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल

रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) 4 दिसंबर 2025 को भारत (India) के दो दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली (New Delhi) पहुंच रहे हैं। चार साल बाद हो रहा उनका यह भारत दौरा ऐसे नाज़ुक समय पर हो रहा है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia–Ukraine War) के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) और ऊर्जा बाजार (Energy Market) गंभीर दबाव में हैं। अगस्त 2025 में चीन (China) के तियांजिन (Tianjin) में हुए एससीओ समिट (SCO Summit) में भी दोनों नेताओं की मुलाकात ने वैश्विक संतुलन (Global Balance) पर कई संकेत दिए थे। पुतिन (Vladimir Putin) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की मुलाकात से पहले अमेरिका (USA), चीन, पाकिस्तान (Pakistan) और यूक्रेन (Ukraine) की विशेष नजर बनी हुई है, क्योंकि भारत-रूस (India-Russia) रिश्तों का गहरा असर सीधे भू-राजनीतिक समीकरणों (Geo-political Equations) पर पड़ने वाला है।

भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाओं की वर्तमान स्थिति

पुतिन (Vladimir Putin) के दौरे से कुछ दिन पहले भारत (India) की अर्थव्यवस्था (Economy) को लेकर बड़ी खबरें सामने आईं हैं। जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही में भारत की जीडीपी (GDP) 8.2 प्रतिशत की तेज रफ्तार से बढ़ी है। भारत वर्तमान में 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत (4th Largest Economy) बन चुका है। इसकी तुलना में, रूस (Russia) की जीडीपी लगभग 2.54 ट्रिलियन डॉलर बताई जा रही है और वह इस सूची में नौवें स्थान पर मौजूद है। दोनों देशों की आर्थिक स्थिति में अंतर होने के बावजूद, कच्चा तेल (Crude Oil), प्राकृतिक गैस, रक्षा उपकरण और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों के बीच व्यापारिक रिश्ते (Trade Relations) लगातार मज़बूत हो रहे हैं। यह साझेदारी आने वाले वर्षों में और गहराने की उम्मीद है।

रूसी रूबल, भारतीय रुपया और डॉलर की कीमत का विश्लेषण

आम जनता की सबसे ज़्यादा दिलचस्पी रूसी करेंसी रूबल (Russian Ruble) की कीमत में है। अंतरराष्ट्रीय करेंसी प्लेटफॉर्म Xe Converter के अनुसार, वर्तमान में दोनों मुद्राओं की स्थिति इस प्रकार है:

  • रूबल vs रुपया (RUB vs INR):

    • 1 रूसी रूबल (RUB) की कीमत भारत में लगभग 1.16 रुपये (INR) के बराबर है।

    • यानी, दोनों मुद्राओं में सिर्फ 16 पैसे का ही अंतर है।

    • वहीं, भारत का 1 रुपया (INR) रूस में करीब 0.85 रूसी रूबल (RUB) के बराबर है।

  • रूबल vs डॉलर (RUB vs USD):

    • अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले रूसी रूबल कहीं ज्यादा कमजोर दिखाई देता है।

    • एक डॉलर (USD) की कीमत रूस (Russia) में करीब 77.20 रूसी रूबल (RUB) के बराबर है।

ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि रूसी रूबल (Russian Ruble) भारतीय रुपये (Indian Rupee) के मुकाबले लगभग समान है, लेकिन अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले यह काफी सस्ता बना हुआ है।

द्विपक्षीय व्यापार, तेल खरीद और करेंसी पर असर

व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की नई दिल्ली (New Delhi) में होने वाली बैठक से व्यापार, रक्षा सौदों (Defence Deals) और ऊर्जा समझौतों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूसी रूबल (Russian Ruble) की मौजूदा कमजोर स्थिति भारत (India) के लिए सस्ता तेल और गैस खरीदने का बड़ा आर्थिक अवसर (Economic Opportunity) बन सकती है। इसके साथ ही, दोनों देश वैश्विक व्यापार में अमेरिकी डॉलर (US Dollar) पर निर्भरता कम करने और स्थानीय करेंसी (Local Currency) यानी रुपया और रूबल में व्यापार को बढ़ावा देने पर भी चर्चा कर सकते हैं। यह कदम भारत-रूस व्यापार को और सुगम बनाएगा तथा इसका सीधा असर वैश्विक आर्थिक संतुलन (Global Economic Balance) पर पड़ सकता है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच भविष्य में रक्षा सौदों और आर्थिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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