• March 7, 2026

Big Defence Deal With Israel: भारत लेगा Heron MK-II Drones की अतिरिक्त खेप, ऑपरेशन सिंदूर में अपनी क्षमता दिखा चुका है यह गेमचेंजर ड्रोन।

Big Defence Deal With Israel: भारत (India) और इजरायल (Israel) के बीच रक्षा सहयोग (Defence Cooperation) एक बार फिर मजबूत हुआ है। पहलगाम (Pahalgam) आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) में अपनी अचूक क्षमता प्रदर्शित करने वाले हेरॉन एमके-II ड्रोन्स (Heron MK-II Drones) की अतिरिक्त खेप खरीदने के लिए भारत ने इजरायल (Israel) के साथ एक बड़े रक्षा करार पर हस्ताक्षर किए हैं। यह डील इमरजेंसी प्रोविजन (Emergency Provision) के तहत की गई है, जिसकी जानकारी खुद इजरायली रक्षा उद्योग से जुड़े एक अधिकारी ने दी है। ये ड्रोन्स (Drones) न केवल भारतीय सेना (Indian Army) और वायुसेना (Indian Air Force) में पहले से शामिल हैं, बल्कि अब इन्हें नौसेना (Indian Navy) की ताकत बढ़ाने के लिए भी लाया जा रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) पहल पर जोर देने वाला यह समझौता, किसी भी युद्ध में गेमचेंजर (Gamechanger) साबित हो सकता है। तो चलिए जानते हैं पूरी खबर विस्तार से…

ऑपरेशन सिंदूर में क्षमता देखने के बाद हुई बड़ी डील

भारत (India) और इजरायल (Israel) के बीच दशकों से रक्षा संबंध (Defence Relations) बेहद मजबूत रहे हैं। हाल ही में पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले (Terror Attack) के बाद, भारत ने पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) शुरू किया था। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना (Indian Army) ने हेरॉन एमके-II ड्रोन्स (Heron MK-II Drones) की क्षमताओं का प्रभावी ढंग से उपयोग किया था। इन ड्रोन्स ने अपनी टोही और निगरानी (Reconnaissance and Surveillance) क्षमता से मिशन में सफलता दिलाई थी। इन ड्रोन्स की क्षमता को देखने के बाद, भारत ने तुरंत बड़ा फैसला लिया। भारत सरकार ने इमरजेंसी प्रोविजन (Emergency Provision) के तहत इजरायल (Israel) के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत हेरॉन एमके-II ड्रोन्स (Heron MK-II Drones) की अतिरिक्त खेप खरीदी जाएगी। यह जानकारी इजरायली एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) के एक अधिकारी ने दी है।

अब भारतीय नौसेना में भी शामिल होंगे हेरॉन एमके-II ड्रोन्स

इजरायल (Israel) के रक्षा उद्योग से जुड़े अधिकारी ने इस डील (Deal) को दोनों देशों के बीच साझेदारी के लिए बेहद अहम बताया है, जो तीन दशकों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि “हमारे लिए भारत (India) एक प्रमुख ग्राहक है।” अधिकारी ने पुष्टि की कि हेरॉन एमके-II ड्रोन्स (Heron MK-II Drones) पहले से ही भारतीय सेना (Indian Army) और भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के पास मौजूद हैं। हालांकि, इस नई डील (Deal) के तहत इन ड्रोन्स को अब भारतीय नौसेना (Indian Navy) में भी शामिल किया जाएगा, जिससे समुद्री निगरानी (Maritime Surveillance) और सुरक्षा क्षमताओं में भारी इजाफा होगा। अधिकारी ने खरीदे जा रहे ड्रोन्स की सटीक संख्या (Exact Number) का खुलासा नहीं किया, लेकिन यह खरीद भारत की सैन्य आधुनिकीकरण (Military Modernization) की दिशा में एक बड़ा कदम है।

हेरॉन एमके-II ड्रोन्स की अचूक खासियतें

हेरॉन एमके-II ड्रोन्स (Heron MK-II Drones) को उनकी विशिष्ट क्षमताओं के कारण दुनिया भर की सेनाओं में एक गेमचेंजर (Gamechanger) माना जाता है। इस उन्नत मानवरहित हवाई वाहन (UAV) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 35,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, यह लगातार 45 घंटे (लगभग दो दिन) तक हवा में बने रहने की क्षमता रखता है। यह लंबी अवधि की उड़ान क्षमता इसे दुश्मन के ठिकानों पर लंबी दूरी की निगरानी (Long-range Surveillance) और टोही मिशन (Reconnaissance Missions) के लिए आदर्श बनाती है। इजरायली अधिकारी ने बताया कि इजरायल (Israel) की वायुसेना (Air Force) भी इन ड्रोन्स का इस्तेमाल करती है, जो इनकी विश्वसनीयता और तकनीकी श्रेष्ठता को साबित करता है। यह उन्नत तकनीक भारत को किसी भी युद्ध (War) या सीमा विवाद (Border Dispute) में निर्णायक रणनीतिक बढ़त दिला सकती है।

‘मेक इन इंडिया’ पहल और भविष्य की साझेदारी

इजरायली एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) के अधिकारी ने भारत (India) की ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) पहल का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इजरायल (Israel) का इरादा सिर्फ ड्रोन्स (Drones) की आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में ही इनका निर्माण (Manufacturing) करना है। यह भविष्य की साझेदारी न केवल भारत की रक्षा जरूरतों (Defence Needs) को पूरा करेगी, बल्कि देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र (Defence Manufacturing Sector) को भी मजबूत करेगी। हेरॉन एमके-II ड्रोन्स (Heron MK-II Drones) निश्चित तौर पर भारत की सैन्य क्षमताओं (Military Capabilities) में भारी इजाफा करेंगे और भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों (Regional Security Challenges) से निपटने में एक मजबूत स्थिति प्रदान करेंगे। इस डील (Deal) के लागू होने के बाद भारतीय सेना (Indian Military) की निगरानी और स्ट्राइक क्षमता (Strike Capability) में अभूतपूर्व वृद्धि की उम्मीद है।

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