फरीदाबाद : नई शिक्षा नीति मूल्य आधारित शिक्षा पर केन्द्रित : प्रो. सरोज शर्मा

फरीदाबाद, 27 अगस्त। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की अध्यक्ष प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पेश की गई नई शिक्षा नीति मूल्य आधारित शिक्षा पर केंद्रित है ताकि आज के छात्र एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें और देश के विकास में योगदान दे सकें। फरीदाबाद में जीवा पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के आलोक में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रो. शर्मा ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति सुगमता से पहुँच, समानता, गुणवत्ता और भारत-केंद्रित शिक्षा की वकालत करती है।

उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक 100 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल करना है और इसे हासिल करने के लिए एनआईओएस उन छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के लिए काम करेगा जो नियमित स्कूल नहीं जा रहे हैं। साथ ही समाज में हाशिए पर खड़े वर्गों को भी हमारी शिक्षा प्रणाली में शामिल करेगा जिसमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चे और वंचित बच्चे शामिल हैं। प्रो. शर्मा ने आगे कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नए भारत के निर्माण की परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि यह मूल्य आधारित शिक्षा पर भी ध्यान केंद्रित करता है। एनईपी हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं में निहित है, जिन्हें हमें संरक्षित करने की आवश्यकता है। साक्षरता और ज्ञान में अंतर होता है। हम कुछ वर्षों में पूरी तरह से साक्षर हो सकते हैं, लेकिन हकीकत में ज्ञान ही समाज में बदलाव लाने का कारक बन सकता है तथा हाल ही में पश्चिम बंगाल में हुई दर्दनाक घटना जैसी अप्रिय घटनाओं को रोक सकता है।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सचिव डॉ अतुल कोठारी ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मानवीय मूल्यों के विकास पर केंद्रित है। दुनिया जानती है कि यह केवल भारत ही है जो मूल्य आधारित शिक्षा प्रणाली को समझता है और दुनिया को इसके बारे में सिखा सकता है। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए एनसीईआरटी के शिक्षक शिक्षा विभाग के प्रमुख प्रोफेसर शरद सिन्हा ने कहा कि भारत जैसे विविधतापूर्ण और विशाल देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाना एक बहुत बड़ा काम था। इस अवसर पर बोलते हुए जीवा पब्लिक स्कूल के संस्थापक और अध्यक्ष श्री ऋषि पाल चौहान ने कहा कि संगोष्ठी का मुख्य विषय भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली में व्यापक परिवर्तन और गुणात्मक सुधार की परिकल्पना को साकार कैसे करें, इस विषय पर था, जैसा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में उल्लिखित है।

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