निगम की बैठक व आठ करोड़ के कार्य शुरू नहीं करने पर भाजपा ने जताया विरोध
नगर निगम क्षेत्र के 40 वार्ड से जुड़े हुए लगभग पांच करोड़ के वर्तमान में तथा पूर्व में तीन करोड़ के विकास कार्यों की वापसी की मांग व सामान्य सभा की बैठक आयोजित करने की मांग को लेकर भाजपाईयों ने आज सोमवार को कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करते कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
महापौर विजय देवांगन द्वारा न बुलाए जाने पर बिफरे पार्षदों तथा भाजपाइयों ने नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा एवं शहर मंडल अध्यक्ष विजय साहू के नेतृत्व में निगम कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। नारेबाजी कर इसके महापौर हाय-हाय के नारे लगाए। उनकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव संचालक नगरीय प्रशासन विभाग के नाम से कलेक्टर नम्रता गांधी को सौंपा गया।
निगम में पिछले एक वर्ष से सामान्य सभा की बैठक ना हो पाने का कारण वैकल्पिक बाईपास केनाल मार्ग, रामसगरी गार्डन, सोरिद मुक्तिधाम,और सौन्दर्यीकरण, सड़क, आमापारा सदर बाजार होते हुए नाली, समुदायिक भवन सहित विकास के अनेक कार्य तथा जाति संबंधी प्रस्थिति प्रमाण पत्र बनाने के युवाओं द्वारा किए गए लगभग 200 आवेदन लंबित है, जिसके लिए निरंतर विपक्ष के द्वारा मांग की जा रही है। इसके साथ ही छह महीना पहले तीन करोड़ के विकास कार्यों को विशेष स्वीकृति के लिए महापौर द्वारा राज्य शासन को वापस किया गया था क्योंकि शासन ने उक्त राशि को निगम क्षेत्र के सड़कों के मरम्मत के लिए स्वीकृति दी थी और इन्होंने इसका का उपयोग नए कार्यों में करना प्रारंभ कर दिया था जिसके कारण यह स्थिति बनी थी। वहीं वर्तमान में पांच करोड़ के विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि जिसका भूमिपूजन भी हो चुका है जो निगम की लापरवाही के चलते प्रारंभ नहीं हो सके थे, वह तकनीकी कारण से राज्य शासन को वापसी हो गए हैं, जिसके कारण पार्षदों को जनआक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। सामग्रियों की खरीदी में आर्थिक अनियमितता भी है। नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा ने कहा कि निगम की बैठक जल्द से जल्द की जाए। पार्षद राजेंद्र शर्मा ने कहा है कि सामान्य सभा की बैठक न करने के लिए महापौर, आयुक्त ,सभापति को नैतिकता के नाते स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस अवसर जिला महामंत्री अविनाश दुबे, महेंद्र पंडित, अध्यक्ष विजय साहू, उमेश साहू, अखिलेश सोनकर, निलेश लूनिया, धनीराम सोनकर, विजय मोटवानी, बिशन निषाद सहित अन्य मौजूद थे।




