• January 2, 2026

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में “चतुर्वेद स्वाहाकार विश्वकल्याण महायज्ञ”, प्रतिदिन हवन

 सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में “चतुर्वेद स्वाहाकार विश्वकल्याण महायज्ञ”, प्रतिदिन हवन

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा से समग्र विश्व-कल्याण के लिए “चतुर्वेद स्वाहाकार विश्वकल्याण महायज्ञ” होगा। महायज्ञ में प्रतिदिन हवन में विविध वानस्पतिक पवित्र औषधियों से युक्त हवन-सामग्री अर्पित होगी। सोमवार को यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बिहारी लाल शर्मा ने दी।

उन्होंने बताया कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा व्यक्ति को समस्त विश्वरूपी परिवार का सदस्य बनाती है। यह हमें समस्त प्राणियों के दुःख को अपना दुःख समझने तथा अपनी खुशी को प्रत्येक से साझा करने का संदेश देती है। आज इसी अवधारणा से प्रेरित प्राच्यविद्या के इस केंद्र के यज्ञशाला में नित्य विश्व बंधुत्व और विश्व-कल्याण के लिए शास्त्रोक्त विविध वानस्पतिक दिव्य औषधि-युक्त सामग्री के साथ हवन/यज्ञ करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि आदिकाल से ही सनातन संस्कृति में सुख-सौभाग्य एवं पर्यावरण की शुद्धि के आधार पर आरोग्यता प्राप्ति के लिए हवन- यज्ञ की परम्परा रही है। औषधि युक्त हवन सामग्री हवन- यज्ञ करने से पर्यावरण शुद्ध होगा, अनेक प्रकार के रोगाणुओं , कीटीणुओं व वायरस का संक्रमण नष्ट होगा। जिस स्थान पर हवन यज्ञ किया जाता है उस स्थान एवं वहाँ उपस्थित जनों पर अद्भुत लाभ के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही वातावरण में मौजूद रोगाणु और विषाणुओं के नष्ट होने से पर्यावरण भी शुद्ध होता है, शरीर स्वस्थ और विचार शुद्ध होते हैं। नकारात्मक शक्तियां नष्ट होती हैं। हवन के साथ किसी मंत्र का जाप करने से सकारात्मक ध्वनि तरंगित होती है। साथ ही शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।

वेद विभाग के यज्ञ शाला में निरन्तर हवन से पवित्र धूम संचारित होगा

कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के वेद विभाग के अंतर्गत स्थापित स्मार्त यज्ञ शाला में यहां के आचार्यों के साथ विद्यार्थी विधि-विधान से “चतुर्वेद स्वाहाकार विश्व-कल्याण महायज्ञ/हवन” करेंगे।

इसके लिए उद्योगपति आरसी जैन, आर.के. चौधरी ने संकल्प लिया है। इनकी ओर से हवन से सम्बन्धित सम्पूर्ण सामग्रियों की आपूर्ति की जाएगी। शास्त्रीय रीति-नीति से यज्ञ सम्पादन-व्यवस्था के लिए वेद विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. महेंद्र पाण्डेय, सहायक आचार्य डॉ विजय कुमार शर्मा को अधिकृत किया गया है।

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