लखनऊ विवि में उद्यम शुरू करने के तरीकों के बारे में दी जानकारी
लखनऊ विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (आईएमएस) उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘उद्यमिता के लिए संस्थागत समर्थन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीडबी के पूर्व जी.एम. आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने उद्यमशीलता के तत्वों, व्यवसाय के शुरू करने के तरीकों के बारे में बताया।
उन्होंने विस्तार से बताया ककि सरकारी योजनाएं, उद्यमी की चुनौतियां और कैसे भारत ने दुनिया में 142वें स्थान से 63वें स्थान पर सुधार कर लिया। प्रोफेसर विनीता काचर ने उद्यमिता की भूमिका, समावेशन की समानता, व्यवसाय स्टार्ट-अप योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कोई भी योजना शुरू करने से पहले उसके निगेटिव और पाजेटिव परफारमेंस पर विचार कर लेना चाहिए। इसके साथ ही यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि उससे पहले कौन से उद्यम असफल रहे और उसके कारण क्या थे। कार्यक्रम के दूसरे वक्ता वरुण गुप्ता, केंद्र प्रभारी, एफडीडीआई, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, रायबरेली ने उद्यमिता, उद्यम कौशल, कंपनी का पंजीकरण, कर पंजीकरण के बारे में बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, छात्रों द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलगीत गायन और सम्मानित प्रोफेसर विनीता काचर, ओएसडी, आईएमएस के स्वागत भाषण के साथ हुई। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अमिताभ रॉय ने किया।




