सूरत की तिरंगा यात्रा टीम का जोधपुर में नागरिक सम्मान
राजस्थान ब्राह्मण सेवा परिषद तथा लोक संगीत शोध संस्थान, जोधपुर ने जम्मू-कश्मीर में हाल ही में संपन्न हुई तिरंगा यात्रा के मुख्य सदस्यों का नागरिक सम्मान किया। आजादी के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में पहली बार तिरंगा यात्रा करवाने वाले इन सभी को शिवांची गेट स्थित शिवदत्त स्मारक गढ़ी में पचरंगा साफा पहना कर सम्मानित किया गया। साथ ही स्मृति चिन्ह भी प्रदान भेंट किए गए।
कार्यक्रम के संयोजक पंडित घेवरचंद सारस्वत ने बताया कि समारोह में तिरंगा यात्रा के संयोजक सम्पत सारस्वत बामनवाली, जम्मू- कश्मीर में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. साहिल मुजफ्फर हुसैन कलाल ने एक-एक कर अपने अनुभव साझा किये। सदस्यों ने बताया कि विषम परिस्थितियों के बावजूद किस तरह जम्मू कश्मीर में तिरंगा यात्रा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम में संपत सारस्वत ने बताया कि आज कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां काफी सुकून है, पर्यटकों का आवागमन बढ़ा है। पिछले वर्षों में सैलानियों की संख्या ऐतिहासिक रही है। उन्होंने बताया कि एक अगस्त को डल झील से यात्रा आरंभ हुई थी तब सैकड़ों लोगों ने तिरंगे को थमा लेकिन जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई वैसे-वैसे कारवाँ बढ़ता गया। आज जम्मू-कश्मीर के कमोबेश हर घर में तिरंगा यात्रा की गूंज है।
डॉ. साहिल मुजफ्फर हुसैन ने बताया कि कश्मीर में एक दौर में पत्थरबाजों का कहर था, वहीं आज कश्मीर के युवाओं ने तिरंगा थाम लिया है। कश्मीर के युवा अब तिरंगे के साथ आ रहे है। केंद्र की योजनाओं से जुड़ कर फायदा ले रहे हैं। सुदूर घाटी घाटी में अब अमन चैन और शांति का माहौल है। स्थानीय लोग मुख्यधारा में जुड़ कर तिरंगे की आन-बान और शान के लिए अपना समर्पण भाव प्रदर्शित करना चाहते हैं। जम्मू कश्मीर में रोजगार और व्यापार के भी नए अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान राष्ट्र विरोधी ताकतों ने बाधा डालने की कोशिश की लेकिन इनकी परवाह किये बगैर यात्रा को सफलता से जारी रखा।
सुधांशु माथुर ने बताया कि तिरंगा यात्रा की सफलता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि हाल ही में संसद में लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में अपनी बात रखते हुए देश के गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस तिरंगा यात्रा और डल झील पर तिरंगा शिकारा रैली की तारीफ की। कश्मीर घाटी में आप देर रात तक घूम सकते हैं, इससे बड़ा बदलाव क्या होगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई तथा तिरंगा यात्रा की प्रसंशा की।इस मौके पर गुरु गोविंद कल्ला, जगत नारायण जोशी, कालूराम प्रजापत ने भी विचार रखे।
तिरंगा यात्रा का मकसद समाजवाद और राष्ट्रवाद
तिरंगा यात्रा के संयोजक और जम्मू-कश्मीर प्रभारी सम्पत सारस्वत बामनवाली ने बताया कि इस तिरंगा यात्रा में पूरे प्रदेश से लाखों लोग जुड़ रहे हैं। सभी तरफ उत्साह देखने को मिल रहा है। हम बिना किसी राजनीतिक दलों को साथ लेकर केवल और केवल जम्मू कश्मीर में राष्ट्रवाद को कायम करने तथा समाजवाद के तहत सामाजिक सुरक्षा पर कार्य करने का संदेश देना चाहते हैं। जिससे आगामी दिनों में रोजगार के अवसर युवाओं के लिए खड़े किए जाएं, कॉरपोरेट घरानों को भी जम्मू कश्मीर की तरफ अपने यूनिट को स्थापित करने के लिए मनाना पड़ेगा जिससे जम्मू कश्मीर की विरासत को संजोकर रखा जा सके।




