रक्षामंत्री ने किया डूरंड कप का उद्घाटन, बोले- फुटबॉल में साहसिकता के लिए जाना जाता है पूर्वोत्तर
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कोकराझार में आयोजित 132वीं डूरंड कप के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेते हुए उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, मैंने अभी तक कई लोगों से यह सुन रखा था कि भारत का पूरा पूर्वोत्तर क्षेत्र फुटबॉल के प्रति अपनी साहसिकता के लिए जाना जाता है, लेकिन आज अपनी आंखों के सामने में यह जो दृश्य देख रहा हूं- डूरंड कप को लेकर आप लोगों के अंदर जो उत्साह देख रहा हूं; उसने मुझे यह मानने पर मजबूर कर दिया। सिंह ने कहा, मैं आज अपने सामने जो दृश्य देख रहा हूं, जो जुनून देख रहा हूं, भारत में फुटबॉल के प्रति इतना जुनून बहुत कम ही जगहों पर देखने को मिलता है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि फुटबॉल जिसे पूरी दुनिया में ब्यूटीफुल गेम के नाम से जाना जाता है, यह सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि यह एक इमोशन भी है। आप लोगों ने महान ब्राज़ीली फुटबॉलर पेले का नाम तो सुना ही होगा। उनसे संबंधित एक घटना बड़ी ही चर्चित है। मुझे वह याद आ रही है जिसकी चर्चा मैं आज आपके साथ करना चाहता हूं। राजनाथ ने कहा कि 1970 के दशक में नाइजीरिया में सिविल वार छिड़ा हुआ था। उसमें हजारों लोगों की जानें गई थीं, माहौल एकदम तनावपूर्ण था। पुलिस एवं नेताओं की कोई भी अपील स्थिति को शांत नहीं कर पा रही थी, लेकिन जब पेले एक फ्रेंडली मैच खेलने वहां पर पहुंचे, तो बताया जाता है कि 48 घंटे तक पूरा देश खतरनाक स्थिति से पूरी तरह दूर रहा।
रक्षा मंत्री ने कहा, “फुटबॉल में रूल और रेगुलेशन का बहुत इंपॉर्टेंस होता है। आप सब फुटबॉल में ऑफसाइड रूल के बारे में जानते होंगे। यदि कोई खिलाड़ी ऑफसाइड जाकर गोल करता भी है, तो वह गोल माना नहीं जाता है। मतलब जैसे ही आप रूल के अगेंस्ट जाते हैं तो आपका कोई भी प्रयास यदि सक्सेसफुल हो भी जाए तो भी वह सफल नहीं माना जाता। चाहे कोई गेम हो या सोसाइटी हो या नेशन उसमें रूल्स का बहुत महत्व होता है और उसको बनाए रखना हम सबकी रिस्पांसिबिलिटी होती है। एक सच्चा स्पोर्ट्स पर्सन और एक सच्चा नागरिक वही होता है, जो गेम और सोसाइटी के सभी रूल्स के अनुसार अपनी ड्यूटी निभाए।”
राजनाथ ने कहा कि असम ने भी हाल के दिनों में स्पोर्ट्स के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। हमने ऐसे अनेक खिलाड़ी देखे हैं, जिन्होंने असम से आगे बढ़ते हुए नेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाया है। वूमेन अंडर 20 टीम की कैप्टन अपूर्णा नार्जारी की बात हो, या फिर अस्मिता चालिहा और हृदय हजारिका जैसे खिलाड़ी प्रमुख हैं।
मुझे पूरा विश्वास है कि असम और विशेषकर कोकराझार में डूरंड कप का आयोजन यहां पर युवाओं को बहुत बड़े स्तर पर इनकरेज करेगा तथा हमें आने वाले समय में भी असम से और ज्यादा टैलेंट देखने को मिलेंगे। मैं, असम सरकार, बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल तथा इंडियन आर्मी को, इस कप के सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देता हूं। अपने संबोधन में राजनाथ ने खेल की भावना को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की बात पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान रक्षामंत्री के हाथों डूरंड कप का उद्घाटन हुआ।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री के साथ असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा, सेना प्रमुख मनोज पांडे, असम की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री नंदिता गार्लोसा और उर्खाओ गौरा ब्रह्म, बीटीसी प्रमुख प्रमोद बोड़ो समेत सेना, केंद्र एवं राज्य सरकार के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व अन्य लोग मौजूद रहे।




