• February 11, 2026

सबरीमाला सोना गुमशुदगी मामला: एसआईटी के सामने पेश हुए कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश, ढाई घंटे तक हुई सघन पूछताछ

तिरुवनंतपुरम। केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से जुड़े करोड़ों रुपये के सोना गुमशुदगी मामले ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। शनिवार को इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) के संयोजक और वरिष्ठ कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश से लंबी पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि सांसद को पहले ही नोटिस जारी किया गया था, जिसके अनुपालन में वे जांच टीम के समक्ष उपस्थित हुए। यह मामला मंदिर की पवित्रता और बहुमूल्य संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण राज्य में अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है।

विशेष जांच टीम द्वारा जारी नोटिस मिलने के बाद अदूर प्रकाश शनिवार सुबह राजधानी स्थित क्राइम ब्रांच मुख्यालय पहुंचे। जानकारी के अनुसार, एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे करीब ढाई घंटे तक गहन पूछताछ की। इस दौरान जांच टीम ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं और अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर सांसद से स्पष्टीकरण मांगा। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह दोपहर करीब 1 बजे कार्यालय से बाहर निकले। इस हाई-प्रोफाइल पूछताछ के समय क्राइम ब्रांच मुख्यालय के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लगा रहा।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में जांच की आंच केवल राजनीतिक हस्तियों तक सीमित नहीं है। एसआईटी ने इसी मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से भी शनिवार को अलग से पूछताछ की। उन्नीकृष्णन पोट्टी को हाल ही में वैधानिक जमानत मिली है, जिसके बाद जांच टीम ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी मुख्य आरोपी और अन्य संदिग्धों के बयानों में समानता और विरोधाभासों की जांच कर रही है ताकि सोने के गायब होने की कड़ियों को जोड़ा जा सके। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरे प्रकरण के पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी या यह प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।

क्राइम ब्रांच मुख्यालय से बाहर निकलने के बाद अदूर प्रकाश ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने जांच में सहयोग करने की बात कहते हुए बताया कि वह शुक्रवार को ही कासरगोड के अपने दौरों से लौटे थे। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने उन्हें कुछ विशिष्ट मामलों और बिंदुओं पर स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था, जिस पर उन्होंने अपना पक्ष रख दिया है। हालांकि, उन्होंने पूछताछ के विस्तृत विवरण को साझा करने से इनकार कर दिया और इसे जांच का हिस्सा बताया। सांसद की इस पेशी को लेकर विपक्षी खेमे में काफी चर्चा है, जबकि सत्ता पक्ष जांच को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने का दावा कर रहा है।

सबरीमाला मंदिर में सोने के आभूषणों और अन्य कीमती वस्तुओं के गायब होने का यह मामला पिछले काफी समय से केरल की राजनीति के केंद्र में रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होने के कारण इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही सरकार और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रही है। एसआईटी का गठन ही इसलिए किया गया था ताकि इस रहस्यमयी गुमशुदगी की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों के नाम इस प्रकरण में सामने आ रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाइयों की संभावना जताई जा रही है।

फिलहाल, एसआईटी अदूर प्रकाश के बयानों का विश्लेषण कर रही है और यह तय किया जाएगा कि क्या उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाने की आवश्यकता है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेतृत्व इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध की नजर से देख रहा है, जबकि जांच एजेंसियां इसे पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया बता रही हैं।

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