द बंगाल फाइल्स टीजर: ‘कश्मीर फाइल्स ने दिया दर्द, बंगाल फाइल्स डराएगी’, विवेक अग्निहोत्री की फिल्म का जबरदस्त टीजर रिलीज
12 जून 2025: फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री की बहुप्रतीक्षित फिल्म द बंगाल फाइल्स: राइट टू लाइफ का टीजर रिलीज हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। यह फिल्म उनकी “फाइल्स ट्रायलॉजी” की तीसरी और अंतिम कड़ी है, जो द ताशकंद फाइल्स (2019) और द कश्मीर फाइल्स (2022) के बाद आ रही है। टीजर में लिखा गया, “अगर कश्मीर फाइल्स ने आपको दर्द दिया, तो बंगाल फाइल्स आपको डराएगी,” जो फिल्म की गहन और विचारोत्तेजक कहानी का संकेत देता है। यह फिल्म 1940 के दशक के बंगाल में हुए सांप्रदायिक दंगों, विशेष रूप से डायरेक्ट एक्शन डे (1946) और नोआखाली दंगों पर आधारित है, जिन्हें अग्निहोत्री ने “हिंदू नरसंहार” के रूप में वर्णित किया है। टीजर में मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी और दर्शन कुमार की दमदार झलक दिखाई गई है।
टीजर का प्रभाव और कहानी की झलक
द बंगाल फाइल्स का टीजर भावनात्मक और दृश्यात्मक रूप से प्रभावशाली है। इसमें हिंसा, सामाजिक तनाव और स्वतंत्रता के असली अर्थ पर सवाल उठाए गए हैं। एक किरदार पूछता है, “आजादी के 80 साल बाद भी क्या हम सचमुच आजाद हैं?” यह संवाद बंगाल के इतिहास और वर्तमान की जटिलताओं को दर्शाता है। टीजर में मिथुन चक्रवर्ती को संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हुए दिखाया गया है, जो उनकी गंभीर और थकी हुई छवि के साथ दर्शकों को झकझोर देता है। दर्शन कुमार, जो द कश्मीर फाइल्स में शिवा का किरदार निभा चुके हैं, इस बार भी उसी भूमिका में नजर आएंगे। टीजर के दृश्य बंगाल के रक्तरंजित अतीत और सांप्रदायिक राजनीति की बेचैनी को उजागर करते हैं, जो फिल्म की गहराई का संकेत देता है।
कास्ट और निर्माण
फिल्म की कास्ट में मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, दर्शन कुमार, पुनीत इस्सर और मोहन कपूर जैसे दिग्गज कलाकार शामिल हैं। विवेक अग्निहोत्री ने फिल्म का लेखन और निर्देशन किया है, जबकि अभिषेक अग्रवाल और पल्लवी जोशी ने इसे प्रोड्यूस किया है। तेज नारायण अग्रवाल और आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस द्वारा प्रस्तुत यह फिल्म 5 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। शूटिंग के दौरान सुरक्षा कारणों से कोलकाता के बजाय मुंबई में फिल्मांकन किया गया। विवेक ने बताया कि फिल्म की रिसर्च में जनता की भागीदारी रही, जिसके लिए उन्होंने क्राउडसोर्सिंग रिसर्च की अपील की थी। टीजर में दिखाए गए दृश्यों की सिनेमैटोग्राफी अट्टार सिंह सैनी ने की है, जो फिल्म की गंभीरता को और बढ़ाती है।
नाम परिवर्तन और पब्लिक डिमांड
पहले इस फिल्म का नाम द दिल्ली फाइल्स: द बंगाल चैप्टर था, जो 15 अगस्त 2025 को रिलीज होने वाली थी। हालांकि, जनता की मांग और ऑनलाइन सर्वे में 99% लोगों के सुझाव के बाद इसका नाम बदलकर द बंगाल फाइल्स: राइट टू लाइफ कर दिया गया। विवेक ने बताया कि कहानी पूरी तरह बंगाल पर केंद्रित है, और दिल्ली का नाम इसके साथ सही नहीं बैठ रहा था। इस बदलाव ने फिल्म को और चर्चा में ला दिया। सोशल मीडिया पर फैंस ने टीजर की तारीफ की, एक यूजर ने लिखा, “फर्स्ट डे फर्स्ट शो पक्का।” यह फिल्म बंगाल के अनकहे इतिहास को सामने लाने का दावा करती है, जिसे जानबूझकर दबाया गया। विवेक ने इसे न केवल एक फिल्म, बल्कि सच को उजागर करने की कोशिश बताया।
ऐतिहासिक संदर्भ और विवाद द बंगाल फाइल्स 1946 के ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स, जिसे डायरेक्ट एक्शन डे के नाम से जाना जाता है, और नोआखाली दंगों पर आधारित है। विवेक का दावा है कि इन घटनाओं ने बंगाल के सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचे को गहराई से प्रभावित किया, लेकिन इतिहास की किताबों में इन्हें नजरअंदाज किया गया। उन्होंने इसे “हिंदू नरसंहार” करार दिया, जो पहले से ही विवाद का विषय बन चुका है। टीजर में एक संवाद, “बंगाल दूसरा कश्मीर बनता जा रहा है,” वर्तमान राजनीति और सांप्रदायिक तनाव से जोड़ता है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करता है। द कश्मीर फाइल्स की तरह यह फिल्म भी समाज और राजनीति में नए विमर्श को जन्म दे सकती है। कुछ आलोचकों का मानना है कि यह फिल्म सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकती है, जबकि समर्थक इसे ऐतिहासिक सत्य का खुलासा मानते हैं।
निष्कर्ष और अपेक्षाएं
द बंगाल फाइल्स का टीजर दर्शकों को बंगाल के अनकहे और दर्दनाक इतिहास की झलक देता है। विवेक अग्निहोत्री की यह फिल्म न केवल 1940 के दशक के दंगों को उजागर करती है, बल्कि वर्तमान बंगाल की राजनीति पर भी सवाल उठाती है। टीजर में दिखाए गए दृश्य और संवाद दर्शकों को भावनात्मक और बौद्धिक रूप से प्रभावित करते हैं। मिथुन चक्रवर्ती और अनुपम खेर जैसे कलाकारों की मौजूदगी फिल्म की विश्वसनीयता बढ़ाती है। हालांकि, फिल्म की रिलीज से पहले इसके सांप्रदायिक संदेश को लेकर बहस शुरू हो चुकी है। 5 सितंबर 2025 को रिलीज होने वाली यह फिल्म दर्शकों को क्या सोचने पर मजबूर करेगी, यह वक्त बताएगा। फिलहाल, टीजर ने उत्सुकता और विवाद दोनों को हवा दे दी है।