• February 4, 2026

तिरुवनंतपुरम में रनों का सैलाब: भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर रचा इतिहास, ईशान के शतक और अर्शदीप के पंजे के साथ टूटे रिकॉर्ड्स के दर्जनों कीर्तिमान

तिरुवनंतपुरम: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया पांचवां टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला क्रिकेट इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। यह मैच केवल जीत और हार का फैसला करने वाला मुकाबला नहीं था, बल्कि यह आधुनिक टी20 क्रिकेट की उस आक्रामक शैली का प्रदर्शन था जिसने गेंदबाजी के वजूद पर सवाल खड़े कर दिए। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 271 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम ने भी कड़ा संघर्ष किया लेकिन 225 रनों पर सिमट गई। भारत ने यह मुकाबला 46 रनों से जीतकर न केवल सीरीज अपने नाम की, बल्कि विश्व क्रिकेट को अपनी पावर-हिटिंग क्षमताओं का लोहा भी मनवाया।

इस मुकाबले की सबसे बड़ी विशेषता छक्कों की वह बारिश रही जिसने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। पूरे मैच में दोनों टीमों की ओर से कुल 36 छक्के लगाए गए, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। टेस्ट खेलने वाले देशों (फुल मेंबर देशों) के बीच खेले गए किसी भी टी20 मैच में यह अब तक के सर्वाधिक छक्के हैं। इससे पहले साल 2025 में बुल्गारिया और जिब्राल्टर के बीच 41 छक्के लगे थे, लेकिन एलीट क्रिकेट देशों के बीच ऐसा नजारा पहली बार देखा गया। भारत ने अपनी पारी में अकेले 23 छक्के जड़े, जिसने दक्षिण अफ्रीका के उस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली जो उन्होंने 2024 में भारत के खिलाफ बनाया था।

मैच के एग्रीगेट स्कोर की बात करें तो तिरुवनंतपुरम का यह मैदान बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग साबित हुआ। भारत के 271 और न्यूजीलैंड के 225 रनों को मिलाकर मैच में कुल 496 रन बने। टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में यह दूसरा सबसे बड़ा मैच एग्रीगेट है। इससे पहले केवल 2023 में वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के बीच सेंचुरियन में हुए मुकाबले में इससे अधिक (517 रन) बने थे। रनों के इस अंबार ने यह साबित कर दिया कि भारतीय पिचों पर अब कोई भी लक्ष्य सुरक्षित नहीं है और बल्लेबाजों की आक्रामकता ने गेंदबाजों के लिए रणनीतियां बनाना लगभग नामुमकिन कर दिया है।

भारतीय पारी के नायक रहे सलामी बल्लेबाज ईशान किशन, जिन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए 103 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। ईशान के इस शतक और दूसरी ओर तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के पांच विकेटों (फाइव विकेट हॉल) ने भारत के नाम एक बेहद दुर्लभ रिकॉर्ड दर्ज करा दिया। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में केवल चौथी बार हुआ है जब एक ही मैच में किसी टीम के एक खिलाड़ी ने शतक लगाया हो और दूसरे ने पांच विकेट झटके हों। दिलचस्प बात यह है कि दुनिया की किसी अन्य टीम ने आज तक यह कारनामा दो बार भी नहीं किया है, जबकि भारत ने इसे चार बार (केएल राहुल-कुलदीप यादव, विराट कोहली-भुवनेश्वर कुमार, सूर्यकुमार यादव-कुलदीप यादव और अब ईशान किशन-अर्शदीप सिंह) दोहराया है।

अर्शदीप सिंह के लिए यह मैच खट्टे-मीठे अनुभवों वाला रहा। उन्होंने न्यूजीलैंड की कमर तोड़ते हुए 5 विकेट तो हासिल किए, लेकिन इसके लिए उन्होंने 51 रन भी खर्च किए। इसके साथ ही अर्शदीप के नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास का सबसे महंगा ‘फाइव विकेट हॉल’ दर्ज हो गया। उन्होंने वेस्टइंडीज के अल्जारी जोसेफ (5/40) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अर्शदीप की शुरुआत बेहद खराब रही थी और उन्होंने पहले दो ओवरों में काफी रन लुटाए थे, लेकिन अंतिम ओवरों में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने कीवी बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। केवल अर्शदीप ही नहीं, बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार जसप्रीत बुमराह के लिए भी यह मैच चुनौतीपूर्ण रहा। बुमराह ने अपने स्पेल के अंतिम ओवर में 22 रन दिए, जो उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का अब तक का सबसे महंगा ओवर साबित हुआ।

पूरी सीरीज की बात करें तो भारतीय बल्लेबाजों ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ किसी भी तरह की दया नहीं दिखाई। पांच मैचों की इस द्विपक्षीय सीरीज में भारतीय टीम ने कुल 69 छक्के लगाए, जो किसी भी द्विपक्षीय टी20 सीरीज में किसी एक टीम द्वारा लगाए गए सर्वाधिक छक्के हैं। भारत ने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच 2023 में बने 64 छक्कों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। टॉप ऑर्डर से लेकर फिनिशर्स तक, टीम इंडिया के हर खिलाड़ी ने आक्रामक क्रिकेट के उस विजन को अपनाया है जिसे टीम प्रबंधन विश्व कप 2026 की तैयारियों के रूप में देख रहा है।

तिरुवनंतपुरम में मिली यह जीत भारतीय टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। जिस तरह से ईशान किशन ने पारी को संभाला और अर्शदीप ने रनों के दबाव के बावजूद विकेट निकाले, वह टीम की गहराई को दर्शाता है। हालांकि, बुमराह और अर्शदीप जैसे अनुभवी गेंदबाजों का महंगा साबित होना भविष्य के लिए एक चेतावनी भी है कि सपाट पिचों पर गेंदबाजों को अपनी लाइन और लेंथ में और अधिक विविधता लाने की आवश्यकता है।

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