ट्रंप की डांट ने झुकाया जेलेंस्की का सिर: ‘अहसान फरामोश’ कहे जाने के बाद आया थैंक यू, लेकिन शांति का रास्ता अभी कांटों भरा
वाशिंगटन, 24 नवंबर 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को ‘अहसान फरामोश’ कहकर ललकारा, तो कीव से तुरंत नरम सुर आए। तीन साल से ज्यादा चले रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए ट्रंप का 28-सूत्री शांति प्लान ठंडे बस्ते में पड़ा था, लेकिन थैंक्सगिविंग डेडलाइन ने हलचल मचा दी। जेलेंस्की ने ट्रंप को ‘थैंक यू’ कहा, लेकिन साथ ही चेतावनी दी – शांति गरिमापूर्ण होनी चाहिए। क्या ये आभार सच्चा है या दबाव का नतीजा? ट्रंप की आलोचना ने यूक्रेन को मजबूर कर दिया, लेकिन रूस के दावों और यूरोपीय सहयोगियों की चिंताओं के बीच ये ‘धन्यवाद’ कितना टिकाऊ है?
ट्रंप का तीखा तीर: ‘यूक्रेन ने कभी थैंक्स नहीं कहा, लाखों की मौत पर भी उदासीन
ट्रंप ने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट डाली, जिसमें यूक्रेन पर निशाना साधा। “मुझे एक ऐसा युद्ध विरासत में मिला जो कभी नहीं होना चाहिए था। लाखों बेवजह मारे गए, यूक्रेन के नेता हमारी कोशिशों के लिए जीरो ग्रेटिट्यूड दिखाते रहे। यूरोप अभी भी रूस से तेल खरीद रहा है। भगवान मृतकों को शांति दे।” ये बयान ट्रंप के 28-पॉइंट पीस प्लान के ठीक बाद आया, जो डोनबास क्षेत्र छोड़ने, सेना कम करने और नाटो में न जाने जैसे कदमों का दबाव डालता है। ट्रंप ने कहा, “थैंक्सगिविंग तक डील साइन करो, वरना जेलेंस्की अकेले लड़ते रहें।” यूरोपीय नेता हैरान, क्योंकि प्लान रूस के पक्ष में लगता है। जेलेंस्की ने इसे ‘कैपिटुलेशन’ कहा, लेकिन ट्रंप की डांट ने कीव को घेर लिया।
जेलेंस्की का नरम जवाब: ‘ट्रंप सर, जेवलिन से जान बचाने का शुक्रिया, लेकिन शांति बिना शर्त की नहीं’
ट्रंप की आलोचना के चंद घंटों बाद जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर पोस्ट की। “यूक्रेन अमेरिका, हर अमेरिकी दिल और खासकर राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी है। जेवलिन मिसाइलों से शुरू होकर जो मदद मिली, वो यूक्रेनी जिंदगियां बचा रही है। यूरोप, जी7-जी20 सबका धन्यवाद।” लेकिन ये सिर्फ आभार नहीं था। जेलेंस्की ने कहा, “यूक्रेन ने कभी युद्ध नहीं चाहा। हम शांति में बाधा नहीं बनेंगे, लेकिन कदम प्रभावी हों। मुख्य लक्ष्य – रूस का हमला रोकना और दोबारा न होने देना। शांति गरिमापूर्ण होनी चाहिए।” राष्ट्रपति ने राष्ट्र को संबोधित कर कहा, “ये हमारा सबसे मुश्किल पल है। मैं तर्क दूंगा, विकल्प सुझाऊंगा। 2022 में हमने यूक्रेन को धोखा नहीं दिया, अब भी नहीं देंगे।” जेनेवा में अमेरिका-यूक्रेन मीटिंग में ‘रिफाइंड फ्रेमवर्क’ पर सहमति बनी, लेकिन सवाल बाकी।
शांति की दौड़ में नया ट्विस्ट: थैंक्सगिविंग डेडलाइन, लेकिन यूक्रेन की चेतावनी ने बढ़ाई अनिश्चितता
ट्रंप का प्लान – मियामी में रूसी दूत किरिल दिमित्रीव और ट्रंप के स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव स्टीव विटकोफ ने तैयार किया। इसमें यूक्रेन को जमीन छोड़नी, स्नैप इलेक्शन कराने और नाटो से दूर रहने को कहा गया। पुतिन ने कहा, “चर्चा करेंगे, वरना ताकत से लेंगे।” जेलेंस्की ने वीपी जेड वेंस से बात की, लेकिन दबाव महसूस कर रहे हैं। यूरोपीय नेता – मैक्रों, शोल्ज – आपात बैठक बुलाई। ट्रंप ने कहा, “ये मेरा फाइनल ऑफर नहीं, लेकिन जल्दी साइन करो।” जेलेंस्की का ‘थैंक यू’ दबाव का नतीजा लगता है, लेकिन उन्होंने ‘अल्टरनेटिव्स’ का इशारा दिया। क्या थैंक्सगिविंग तक डील हो पाएगी? या ये आभार सिर्फ टाइम-पास? रूस-यूक्रेन जंग का भविष्य इसी डेडलाइन पर टिका है।