• January 1, 2026

जैसलमेर सीमा पर बीएसएफ की बड़ी कार्रवाई: घुसपैठ की कोशिश कर रहा पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार

जैसलमेर: राजस्थान से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सतर्क जवानों ने घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। जैसलमेर जिले के नाचना और नोक सेक्टर के समीप सीमा सुरक्षा बल ने एक पाकिस्तानी नागरिक को उस समय दबोच लिया जब वह भारतीय क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान इश्रात के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 35 वर्ष बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में घुसपैठिया मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत हो रहा है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं हैं और मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।

सीमा पर चौकसी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

जैसलमेर का नाचना और नोक सेक्टर सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। गुरुवार को सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि सीमा पर तैनात प्रहरियों ने कटीली बाड़ के पास एक संदिग्ध गतिविधि देखी। सर्दी के मौसम में अक्सर कोहरे और कम दृश्यता का फायदा उठाकर सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें बढ़ जाती हैं, जिसे देखते हुए बीएसएफ पहले से ही हाई अलर्ट पर थी। जैसे ही घुसपैठिया भारतीय सीमा की जीरो लाइन को पार कर बाड़ के करीब आया, मुस्तैद जवानों ने उसे ललकारा और घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसके साथ कोई और व्यक्ति तो भारतीय सीमा में दाखिल नहीं हुआ है।

घुसपैठिए की पहचान और बरामद सामान

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने अपनी पहचान इश्रात, पुत्र राणा मोहम्मद असलम के रूप में दी है। उसने स्वयं को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा जिले का निवासी बताया है। तलाशी के दौरान बीएसएफ को उसके पास से कुछ आपत्तिजनक और संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, उसके पास से पाकिस्तानी मुद्रा, एक धारदार चाकू और दैनिक उपयोग का कुछ अन्य सामान मिला है। हालांकि, उसके पास से कोई भी पहचान पत्र या पासपोर्ट नहीं मिला है, जिससे उसकी नागरिकता और पते की आधिकारिक पुष्टि की जा सके। चाकू की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया है, क्योंकि मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति के पास हथियार का होना कई सवाल खड़े करता है।

मानसिक स्थिति को लेकर संशय और जांच प्रक्रिया

गिरफ्तारी के बाद जब सुरक्षा बलों ने उससे पूछताछ शुरू की, तो उसके व्यवहार में काफी असंतुलन देखा गया। अधिकारियों का कहना है कि इश्रात के जवाबों में निरंतरता की कमी है और वह मानसिक रूप से विक्षिप्त या अस्थिर प्रतीत हो रहा है। सीमावर्ती इलाकों में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जहां अनजाने में या मानसिक संतुलन खोने के कारण पाकिस्तानी नागरिक सीमा पार कर जाते हैं। लेकिन, सुरक्षा विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कई बार पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसियां मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों को ‘मोहरे’ के रूप में इस्तेमाल कर भारतीय सुरक्षा घेरे की टोह लेने की कोशिश करती हैं। इसी संदेह को दूर करने के लिए अब विस्तृत चिकित्सा जांच की योजना बनाई गई है।

संयुक्त पूछताछ केंद्र (JIC) और आगे की कार्रवाई

बीएसएफ ने आवश्यक दस्तावेजी कार्यवाही पूरी करने के बाद घुसपैठिए को नोक पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया है। अब इस मामले की कमान संयुक्त पूछताछ केंद्र (Joint Interrogation Centre – JIC) को सौंपी जाएगी। जेआईसी में बीएसएफ, राज्य पुलिस, इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) और मिलिट्री इंटेलीजेंस के अधिकारी सामूहिक रूप से आरोपी से पूछताछ करेंगे। इस पूछताछ का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि वह किन रास्तों से होकर सीमा तक पहुँचा, क्या उसे किसी ने सीमा पार कराने में मदद की, और भारत आने के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह वास्तव में मानसिक रूप से बीमार है या केवल पकड़े जाने के बाद नाटक कर रहा है।

सामरिक सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट

जैसलमेर सीमा पर हुई इस घटना के बाद पूरे पश्चिमी सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों को निर्देश दिए हैं कि वे रात के समय गश्त और आधुनिक निगरानी उपकरणों जैसे थर्मल इमेजर और नाइट विजन कैमरों का अधिकतम उपयोग करें। सीमा पर बसे गांवों के लोगों को भी आगाह किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखते ही तुरंत नजदीकी सुरक्षा चौकी पर सूचना दें। भारत-पाकिस्तान संबंधों में जारी तनाव और सीमा पार से होने वाली लगातार नापाक हरकतों के बीच, इस तरह की घुसपैठ को किसी बड़ी साजिश का हिस्सा भी माना जा सकता है, जिसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।

कानूनी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल

फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं। यदि जांच में यह साबित हो जाता है कि व्यक्ति केवल मानसिक रूप से बीमार है और गलती से सीमा पार कर आया है, तो अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल और दोनों देशों के बीच होने वाली फ्लैग मीटिंग के जरिए उसे वापस पाकिस्तान भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। लेकिन, यदि उसके पास से किसी भी तरह के जासूसी उपकरण या हानिकारक जानकारी के सुराग मिलते हैं, तो उस पर संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नोक थाना पुलिस ने आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज कर लिया है और अब वह चिकित्सा अधिकारियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर आधिकारिक मोहर लग सके।

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