• January 19, 2026

अंडर-19 विश्व कप: 14 साल के वैभव सूर्यवंशी का बुलवायो में धमाका; बांग्लादेश के खिलाफ जड़ा तूफानी अर्धशतक, विराट कोहली का बड़ा रिकॉर्ड ध्वस्त

बुलवायो (जिम्बाब्वे): क्रिकेट के मैदान पर जब प्रतिभा उम्र की सीमाओं को लांघती है, तो वैभव सूर्यवंशी जैसे सितारे का जन्म होता है। जिम्बाब्वे के बुलवायो में खेले जा रहे अंडर-19 विश्व कप के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में भारत के 14 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से कोहराम मचा दिया है। बांग्लादेश के खिलाफ जारी इस मुकाबले में वैभव ने न केवल संकट में फंसी भारतीय टीम को संभाला, बल्कि आधुनिक युग के महानतम बल्लेबाज विराट कोहली के एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। वैभव की इस पारी ने दुनिया भर के क्रिकेट पंडितों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या भारतीय क्रिकेट को अपना अगला ‘सुपरस्टार’ मिल गया है।

संकटमोचक बने वैभव: 53 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद संभाली पारी

मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए किसी दुःस्वप्न जैसी रही। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को बांग्लादेशी गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर बैकफुट पर धकेल दिया। टीम इंडिया ने महज 53 रन के स्कोर पर अपने तीन प्रमुख विकेट गंवा दिए थे। कप्तान आयुष म्हात्रे केवल 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि वेदांत त्रिवेदी अपना खाता भी नहीं खोल सके। बांग्लादेशी गेंदबाज अल फहाद ने पारी के तीसरे ओवर में लगातार दो गेंदों पर इन दोनों को आउट कर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी थी। इसके तुरंत बाद विहान मल्होत्रा भी मात्र 7 रन बनाकर चलते बने।

ऐसे कठिन समय में जब टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर रही थी, 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने न केवल विकेट गिरने का सिलसिला रोका, बल्कि बांग्लादेशी गेंदबाजों पर जवाबी हमला भी शुरू कर दिया। वैभव ने महज 30 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी इस पारी की सबसे खास बात यह थी कि उन्होंने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स लगाए।

विराट कोहली को छोड़ा पीछे: अंडर-19 वनडे में बनाया नया कीर्तिमान

वैभव सूर्यवंशी के लिए यह मैच केवल एक अर्धशतक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के एक बड़े रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। विराट कोहली ने अपने अंडर-19 वनडे करियर के दौरान 28 मैचों में 46.57 की औसत से कुल 978 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और छह अर्धशतक शामिल थे। लंबे समय तक कोहली अंडर-19 वनडे में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में सातवें स्थान पर काबिज थे।

वैभव सूर्यवंशी को अमेरिका के खिलाफ पिछले मैच में ही कोहली को पछाड़ने के लिए केवल 6 रनों की दरकार थी, लेकिन उस मैच में वे महज 2 रन बनाकर आउट हो गए थे। बांग्लादेश के खिलाफ उन्हें इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए 4 रन चाहिए थे, जिसे उन्होंने पारी की शुरुआत में ही बेहद आसानी से हासिल कर लिया। इसी के साथ वैभव ने अंडर-19 वनडे क्रिकेट में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए हैं। वर्तमान में उनके नाम 1025 से अधिक रन दर्ज हैं और उनका औसत 52 से भी ऊपर का है। इस सूची में अब वैभव सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि विराट कोहली खिसक कर आठवें स्थान पर आ गए हैं।

विजय जोल और सरफराज खान पर टिकी निगाहें

अंडर-19 वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का सर्वकालिक रिकॉर्ड फिलहाल विजय जोल के नाम है, जिन्होंने 36 मैचों में 1404 रन बनाए हैं। इस सूची में यशस्वी जायसवाल (1386 रन), तनमय श्रीवास्तव (1316 रन), उन्मुक्त चंद (1149 रन) और शुभमन गिल (1149 रन) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वैभव जिस लय में बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि वे जल्द ही छठे स्थान पर मौजूद सरफराज खान (1080 रन) के रिकॉर्ड को भी तोड़ देंगे। वैभव अभी क्रीज पर मौजूद हैं और इस विश्व कप के शेष मैचों में उनके पास लंबी छलांग लगाने का सुनहरा अवसर है।

रिकॉर्ड्स की मशीन: आईपीएल से लेकर यूथ क्रिकेट तक का सफर

वैभव सूर्यवंशी का क्रिकेटिंग ग्राफ किसी चमत्कार से कम नहीं है। इतनी कम उम्र में उनके नाम ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं जो अनुभवी खिलाड़ियों के लिए भी सपना होते हैं। आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए महज 35 गेंदों में तूफानी शतक जड़कर उन्होंने पूरी दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराया था। इसके अलावा, पुरुष लिस्ट-ए क्रिकेट में 59 गेंदों पर 150 रनों की पारी खेलना उनकी आक्रामकता का प्रमाण है।

भारत के लिए यूथ क्रिकेट में उन्होंने 95 गेंदों पर 171 रनों की पारी खेली है, जो युवाओं में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। हाल ही में संपन्न हुए एशिया कप राइजिंग स्टार्स टी20 मुकाबले में यूएई के खिलाफ उन्होंने 42 गेंदों में 144 रन ठोक कर सनसनी फैला दी थी। वैभव की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे खेल के तीनों प्रारूपों में अपनी बल्लेबाजी को ढालने की क्षमता रखते हैं।

‘आक्रामकता में जुड़ी समझ’: कोच मनीष ओझा ने बताया वैभव का बदलाव

वैभव की इस सफलता के पीछे उनके बचपन के कोच मनीष ओझा की कड़ी मेहनत है। पटना की क्रिकेट अकादमी में 10 साल की उम्र से वैभव को तराशने वाले ओझा का कहना है कि वैभव के खेल में पिछले कुछ समय में गजब की परिपक्वता (Maturity) आई है। कोच के अनुसार, पहले वैभव केवल आक्रामक होकर खेलने में विश्वास रखते थे, लेकिन अब उनके खेल में ‘गेम सेंस’ और ‘मैच्योरिटी’ जुड़ गई है।

कोच मनीष ओझा ने बताया कि आईपीएल 2025 के अनुभव ने वैभव के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। अब वे केवल अंधाधुंध शॉट नहीं खेलते, बल्कि गेंद की मेरिट के हिसाब से फैसला लेते हैं। उनमें यह हुनर विकसित हो गया है कि वे अच्छी गेंदों को भी सीमा रेखा के बाहर भेज सकते हैं और अगर टीम को जरूरत हो, तो वे सिंगल-डबल लेकर पारी को बुन भी सकते हैं। ओझा का मानना है कि वैभव के छक्के अब पहले से कहीं ज्यादा ऊंचे और बड़े हो गए हैं, जो उनकी बढ़ती शारीरिक और मानसिक शक्ति का परिचायक है।

भविष्य का चमकता सितारा

बुलवायो में वैभव सूर्यवंशी की यह पारी केवल एक मैच का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की एक झलक है। मात्र 14 साल की उम्र में दबाव की स्थितियों में टीम को उबारना और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड्स को चुनौती देना यह दर्शाता है कि यह खिलाड़ी लंबी रेस का घोड़ा है। अंडर-19 विश्व कप के आगामी मैचों में वैभव से भारतीय प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं, और यदि उनका बल्ला इसी तरह चलता रहा, तो भारत एक बार फिर विश्व विजेता बनने की राह पर अग्रसर होगा।

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