• February 11, 2026

यूपी में कुदरत का डबल अटैक: बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब घने कोहरे की चेतावनी, 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कुदरत के दोहरे वार ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार से सक्रिय हुए शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम ने खतरनाक करवट ली है। पश्चिमी जिलों से शुरू हुआ बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला अब बुंदेलखंड, मध्यांचल और अवध क्षेत्र तक फैल गया है। मंगलवार को राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया और गरज-चमक के साथ हुई तेज बारिश ने कड़ाके की ठंड की वापसी करा दी है। मौसम विभाग ने अब बारिश के बाद घने कोहरे का कहर शुरू होने की चेतावनी दी है, जिसके लिए प्रदेश के 21 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।

मंगलवार का दिन उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। राजधानी लखनऊ में सुबह नौ बजे के करीब घने काले बादलों ने आसमान को इस कदर ढंक लिया कि सुबह के समय ही शाम का अहसास होने लगा। इसके तुरंत बाद 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बर्फीली हवाओं ने शहर को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते तेज गरज और बिजली की चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश शुरू हो गई। इस बेमौसम बरसात के कारण दफ्तर, स्कूल और अपने रोजमर्रा के कामों के लिए निकले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अचानक आई बारिश से बचने के लिए लोग सड़कों के किनारे दुकानों के शेड और पेड़ों के नीचे छिपते नजर आए। लखनऊ में शाम तक करीब 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण दिन के अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

अवध के साथ-साथ बुंदेलखंड में भी प्रकृति का प्रकोप देखने को मिला। मंगलवार तड़के हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, झांसी और ललितपुर में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और रायबरेली में भी बादलों ने जमकर पानी बरसाया। उन्नाव, चित्रकूट, हरदोई और इटावा जैसे जिलों में कई स्थानों पर ओले गिरने की भी सूचना मिली है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हमीरपुर में प्रदेश की सर्वाधिक 9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि जालौन में 7.2 मिलीमीटर बारिश हुई।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बुधवार से इस पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगा। हालांकि, बारिश का दौर थमने के बाद अब कोहरे और शीत लहर का नया संकट खड़ा हो गया है। मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, कानपुर देहात, कानपुर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर जैसे जिलों में अत्यधिक घने कोहरे की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।

तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंगलवार को बुलंदशहर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, बारिश के बावजूद वाराणसी और गाजीपुर 26.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश के सबसे गर्म क्षेत्र रहे। अलीगढ़, आगरा, बरेली और गोरखपुर जैसे जिलों में घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य तक पहुंच गई, जिससे जनजीवन की रफ्तार सुस्त पड़ गई।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बुधवार से मौसम शुष्क होना शुरू हो जाएगा, लेकिन तराई के क्षेत्रों में सुबह के समय घना कोहरा बना रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के पीछे हटते ही बर्फीली पछुआ हवाएं चलने की उम्मीद है, जिससे रात के तापमान में और गिरावट आएगी और रात की ठंड में इजाफा होगा। लखनऊ में मंगलवार को अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से काफी कम है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक दिन में धूप निकलने से राहत मिल सकती है, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड का प्रकोप जारी रहेगा।

प्रशासन ने कोहरे के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से हाईवे पर वाहन चलाने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है। साथ ही किसानों के लिए यह बारिश कहीं राहत तो कहीं आफत बनकर आई है; जहाँ गेहूं की फसल के लिए यह पानी अमृत माना जा रहा है, वहीं ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने सरसों और दलहन की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल सर्दी का यह सितम थमने वाला नहीं है, क्योंकि कोहरे और गिरते पारे के बीच ‘भीषण ठंड’ का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है।

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