बीएमसी चुनाव से पहले देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान: ‘हिंदुत्व हमारी आत्मा, यह वोट बैंक की राजनीति का जरिया नहीं’
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के नगर निकाय यानी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव के लिए मतदान की घड़ी बेहद करीब आ गई है। इस चुनावी महाकुंभ के ठीक पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हिंदुत्व और मराठी अस्मिता को लेकर एक बड़ा बयान देकर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी और उनके गठबंधन के लिए हिंदुत्व कोई चुनावी मुखौटा नहीं, बल्कि उनकी ‘आत्मा’ है। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक विशेष बातचीत में फडणवीस ने न केवल अपनी पार्टी की विचारधारा को स्पष्ट किया, बल्कि प्रतिद्वंद्वी गुटों और अन्य राजनीतिक दलों पर तीखे प्रहार भी किए।
हिंदुत्व के प्रति अटूट आस्था और मराठी समाज का जुड़ाव
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साक्षात्कार के दौरान हिंदुत्व की परिभाषा और उसके प्रति अपनी पार्टी के नजरिए को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व मराठी समाज की जड़ों में गहराई से बसा हुआ है। फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा ने कभी भी सत्ता हथियाने या वोट पाने के लिए हिंदुत्व का सहारा नहीं लिया और न ही कभी इसका दिखावा किया है। उनके अनुसार, उनकी पार्टी ने हमेशा हिंदुत्व की गरिमा को समझा और उसकी पूजा की है। मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या कोई मराठी व्यक्ति हिंदुत्व की विचारधारा से अलग हो सकता है? उन्होंने कहा कि वे समाज की हर जाति और हर समुदाय के रीति-रिवाजों और उनके विश्वासों का पूरा सम्मान करते हैं, क्योंकि हिंदुत्व सबको साथ लेकर चलने का नाम है, न कि केवल प्रदर्शन का।
असदुद्दीन ओवैसी के ‘हिजाब वाली मेयर’ वाले बयान पर पलटवार
मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी कड़ा निशाना साधा। हाल ही में ओवैसी ने एक चुनावी रैली में कहा था कि अगर उनका गठबंधन सत्ता में आता है, तो मुंबई की अगली मेयर हिजाब पहनने वाली एक मुस्लिम महिला हो सकती है। इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने इसे मराठी अस्मिता के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक दल ‘मराठी मुसलमानों’ के नाम पर गठबंधन करते हैं और हिजाब वाली मेयर का सपना दिखाकर मराठी पहचान को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं, तब जनता के सामने हिंदुत्व और सत्य की वास्तविकता को रखना बेहद जरूरी हो जाता है। उन्होंने इसे तुष्टिकरण की राजनीति करार देते हुए कहा कि ऐसी बातें समाज को बांटने और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए की जाती हैं।
उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व से समझौता करने का आरोप
देवेंद्र फडणवीस के निशाने पर सबसे प्रमुख रूप से शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे रहे। मुख्यमंत्री ने उद्धव ठाकरे पर सीधा आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता और चुनावी लाभ के लिए बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों और हिंदुत्व की विचारधारा से दूरी बना ली है। फडणवीस ने कहा कि केवल एक विशेष समुदाय के वोट पाने के लिए अपनी मूल विचारधारा का त्याग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि लाउडस्पीकर हटाने का सपना हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे का था, जिसे उनकी मौजूदा सरकार ने कानून के दायरे में रहते हुए और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पूरा किया। उन्होंने उन लोगों की भी आलोचना की जो सत्ता में आने पर लाउडस्पीकर फिर से लगाने की बात कर रहे हैं, और कहा कि ऐसे नेताओं को अपने व्यवहार पर शर्म आनी चाहिए।
बीएमसी चुनाव 2026: मतदान और तैयारियों का पूरा खाका
महाराष्ट्र में बीएमसी सहित कुल 29 नगर निगमों के लिए मतदान की प्रक्रिया कल यानी 15 जनवरी, 2026 को संपन्न होने जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह चुनाव एक ही चरण में आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने इस बड़े लोकतांत्रिक उत्सव के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें मतदान केंद्र तक आने में सुविधा देने के लिए राज्य सरकार ने सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। ग्रेटर मुंबई के सभी पोलिंग स्टेशनों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जहां सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक मतदान किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में निकलें और शहर के विकास के लिए अपना कीमती वोट डालें।
चुनावी प्रक्रिया और नतीजों की प्रतीक्षा
बीएमसी चुनाव की यह प्रक्रिया पिछले साल के अंत से ही शुरू हो गई थी। 23 दिसंबर 2025 को नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी, जो 30 दिसंबर तक चली। इसके बाद 2 जनवरी 2026 को नाम वापसी की अंतिम तिथि रखी गई थी और 3 जनवरी को चुनावी मैदान में डटे अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी की गई थी। अब जबकि चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है, सभी की निगाहें 15 जनवरी के मतदान पर टिकी हैं। इन चुनावों के परिणामों की घोषणा मतदान के ठीक अगले दिन यानी 16 जनवरी को की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीएमसी के ये नतीजे न केवल मुंबई की नगर सरकार का भविष्य तय करेंगे, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी एक नया अध्याय जोड़ेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह ताजा बयान अंतिम समय में मतदाताओं के ध्रुवीकरण और उनके मानस को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।