• January 19, 2026

बंगाल में चुनावी शंखनाद: पीएम मोदी ने दी देश की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर’ की सौगात, 3250 करोड़ की योजनाओं से बदला उत्तर बंगाल का चेहरा

मालदा/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में छाई गरमाहट और आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राज्य के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मालदा जिले से विकास का एक नया अध्याय शुरू किया। प्रधानमंत्री ने न केवल बंगाल बल्कि पूरे पूर्वी भारत को देश की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन का उपहार दिया, जो अत्याधुनिक तकनीक और आरामदायक यात्रा का वैश्विक मानक स्थापित करने के लिए तैयार है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में केंद्रीय एजेंसियों की छापेमारी और राजनीतिक बयानबाजी चरम पर है। पीएम मोदी ने विकास परियोजनाओं के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि बंगाल का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।

ऐतिहासिक क्षण: देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार दोपहर मालदा स्टेशन पर आयोजित एक भव्य समारोह में भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी के बीच संचालित होगी। अब तक देश में चल रही वंदे भारत ट्रेनें केवल कुर्सी या ‘सिटिंग’ व्यवस्था के साथ दिन की यात्रा के लिए उपयुक्त थीं, लेकिन इस नई स्लीपर ट्रेन के आने से लंबी दूरी की रात की यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।

हरी झंडी दिखाने के बाद पीएम मोदी ने ट्रेन के भीतर जाकर स्कूली बच्चों और ट्रेन के लोको पायलटों से आत्मीय बातचीत की। बच्चों के साथ पीएम की इस मुलाकात ने समारोह में एक भावनात्मक स्पर्श जोड़ दिया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर कहा कि यह ट्रेन प्रधानमंत्री की ओर से बंगाल की जनता के लिए एक विशेष उपहार है, जो राज्य के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

उत्तर बंगाल के लिए 3250 करोड़ रुपये का विकास पैकेज

मालदा के इस दौरे में प्रधानमंत्री ने केवल ट्रेन को हरी झंडी ही नहीं दिखाई, बल्कि उत्तर बंगाल और आसपास के क्षेत्रों के लिए 3250 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया। इन परियोजनाओं का मुख्य केंद्र रेल संपर्क को मजबूत करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना है। इसमें बालुरघाट से हिली के बीच एक नई रेल लाइन का निर्माण शामिल है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी।

इसके अलावा, न्यू जलपाईगुड़ी में फ्रेट मेंटेनेंस सुविधा केंद्र की शुरुआत की गई है, जिससे मालगाड़ियों के रखरखाव में आसानी होगी। सिलीगुड़ी लोको शेड के आधुनिकीकरण और वंदे भारत मेंटेनेंस केंद्र के अपग्रेडेशन जैसे कार्यों से उत्तर बंगाल को एक प्रमुख आईटी और ट्रांसपोर्ट हब बनाने के सरकार के विजन को मजबूती मिलेगी। इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस ‘वंदे भारत स्लीपर’ की विशेषताएं

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट नमूना माना जा रहा है। यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। हावड़ा और गुवाहाटी के बीच अभी जिस सफर में लगभग 17 घंटे लगते हैं, वह इस ट्रेन के माध्यम से घटकर मात्र 14 घंटे रह जाएगा। इस ट्रेन में कुल 16 कोच हैं, जिनमें 1128 यात्री एक साथ सफर कर सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका ‘एयरोडायनामिक डिजाइन’ है, जो हवा के घर्षण को कम करता है और ट्रेन की गति को स्थिर बनाए रखता है।

ट्रेन की सुरक्षा और गति के पीछे सबसे बड़ी तकनीक ‘ट्रैक्शन मोटर’ है, जो इसके हर पहिये पर लगी होती है। यह वही तकनीक है जिसका इस्तेमाल दिल्ली मेट्रो में किया जाता है, जिससे ट्रेन चंद सेकंड में तेज रफ्तार पकड़ लेती है और आपातकालीन ब्रेक लगाने पर ट्रैक छोड़े बिना तुरंत रुक भी जाती है। इसके अलावा, आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम के कारण यात्रियों को झटके और कंपन का अनुभव न के बराबर होगा, जिससे नींद के दौरान यात्रा और भी आरामदायक हो जाएगी।

अमृत भारत एक्सप्रेस के जरिए बड़े महानगरों से जुड़ा बंगाल

रेलवे कनेक्टिविटी को एक और पायदान ऊपर ले जाते हुए पीएम मोदी ने चार नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेनें न्यू जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे उत्तर बंगाल के प्रमुख स्टेशनों को दक्षिण और पश्चिम भारत के बड़े महानगरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु, तिरुचिरापल्ली और नगरकोइल से जोड़ेंगी। यह विस्तार उन लाखों प्रवासी श्रमिकों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगा जो बेहतर जीवन और व्यापार के लिए दक्षिण और पश्चिम भारत की ओर रुख करते हैं। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि बंगाल का कोई भी कोना देश के आर्थिक केंद्रों से अछूता न रहे।

राजनीतिक तपिश के बीच अल्पसंख्यक बहुल मालदा में जनसभा

प्रधानमंत्री का यह दौरा राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बंगाल में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं, और मालदा जैसे अल्पसंख्यक बहुल जिले में पीएम मोदी की जनसभा कई मायनों में अहम है। मालदा ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में भाजपा ने यहां अपनी जमीन मजबूत की है।

पीएम मोदी ने ऐसे समय में बंगाल की धरती पर कदम रखा है जब राज्य में एसआईआर प्रक्रिया और आईपैक पर ईडी की छापेमारी को लेकर भारी राजनीतिक विवाद चल रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे इस युद्ध के बीच पीएम ने विकास को अपना प्रमुख हथियार बनाया है। उनकी इस यात्रा को उत्तर बंगाल के राजवंशी और अन्य समुदायों को साधने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

असम की ओर प्रस्थान और काजीरंगा का विजन

मालदा में अपना कार्यक्रम पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री शनिवार शाम को ही असम के लिए रवाना हो जाएंगे। असम में भी इसी वर्ष चुनाव होने हैं और बीते एक महीने में पीएम मोदी का यह दूसरा असम दौरा है। असम के प्रवास के दौरान वे कोइनाधारा राज्य अतिथि गृह में रात्रि विश्राम करेंगे। उनकी इस यात्रा में संस्कृति और विकास का संगम देखने को मिलेगा।

प्रधानमंत्री असम में 10 हजार लोगों द्वारा एक साथ प्रस्तुत किए जाने वाले ‘बागुरुंबा’ (बोडो लोकनृत्य) के साक्षी बनेंगे। यह कार्यक्रम अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद रविवार सुबह वे कलियाबार जाएंगे, जहां वे बहुप्रतीक्षित ‘काजीरंगा एलीवेटेड कॉरिडोर’ की आधारशिला रखेंगे। यह कॉरिडोर न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि असम के पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

बंगाल से असम तक विकास की एक नई कड़ी

प्रधानमंत्री का यह दो दिवसीय दौरा बंगाल और असम, दोनों राज्यों के लिए विकास का एक नया रोडमैप तैयार करने वाला है। वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें केवल परिवहन के साधन नहीं हैं, बल्कि ये पूर्वी भारत की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा बनने जा रही हैं। जिस तरह से पीएम मोदी ने रेल, सड़क और स्थानीय कला-संस्कृति को प्राथमिकता दी है, उससे साफ है कि केंद्र सरकार आगामी चुनावों से पहले ‘विकासवाद’ के मुद्दे को जनता के बीच मजबूती से ले जाना चाहती है।

बंगाल की जनता को दी गई ये सौगातें आने वाले चुनावों में क्या परिणाम लाएंगी, यह तो समय बताएगा, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि ‘वंदे भारत स्लीपर’ ने भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है।

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