• January 19, 2026

उरई: झांसी-कानपुर हाईवे पर काल बना बेकाबू ट्रक; टायर फटने से वाहन का इंतजार कर रहे लोगों पर पलटा, दो महिलाओं समेत तीन की मौत

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में शुक्रवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर एट थाना क्षेत्र के ग्राम जखोली के पास एक तेज रफ्तार ट्रक का टायर अचानक फट गया, जिससे अनियंत्रित होकर वाहन सड़क किनारे खड़े राहगीरों पर जा पलटा। इस भीषण दुर्घटना में दो महिलाओं और ट्रक चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक-युवती गंभीर रूप से घायल हैं। मकर संक्रांति की खुशियों के बीच हुए इस हादसे ने दो परिवारों में मातम पसर दिया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भयानक था कि ट्रक के नीचे दबने से लोगों को बचने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। हाईवे पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

मकर संक्रांति पर मायके आई थी लौंगश्री, विदाई से पहले ही हो गई अनहोनी

हादसे का शिकार हुए लोग ग्राम जखोली के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार, कालपी कोतवाली क्षेत्र के ऊसरगांव निवासी लौंगश्री (45) अपने मायके जखोली आई हुई थीं। वे मकर संक्रांति के पर्व पर गुरुवार को अपनी बेटी वंदना (20) के साथ खुशियां बांटने पहुंची थीं। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे के आसपास लौंगश्री, अपनी भाभी माया देवी (65), बेटी वंदना और नाती अरमान सिंह (18) के साथ गांव के बाहर हाईवे किनारे खड़ी थीं।

ये सभी लोग अपने घर ऊसरगांव लौटने के लिए किसी बस या वाहन का इंतजार कर रहे थे। उसी समय झांसी की ओर से कानपुर की तरफ जा रहा प्याज से लदा एक ट्रक तेज रफ्तार में वहां से गुजरा। अचानक ट्रक का अगला टायर धमाके के साथ फट गया। टायर फटते ही चालक ने संतुलन खो दिया और ट्रक सीधे हाईवे किनारे खड़े इन चारों लोगों के ऊपर जाकर पलट गया।

मौके पर ही तोड़ा दम, घायलों की हालत नाजुक

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ट्रक के भारी वजन और उसमें लदी प्याज की बोरियों के नीचे दबने से माया देवी और उनकी ननंद लौंगश्री की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, ट्रक चालक ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिसकी शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। हादसे में वंदना और अरमान गंभीर रूप से घायल हो गए।

आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत दौड़कर राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए उरई मेडिकल कॉलेज भेजा गया। डॉक्टरों ने वंदना की हालत को बेहद चिंताजनक बताते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया है। अरमान का उपचार अभी उरई में ही जारी है।

हाईवे पर लगा लंबा जाम, अधिकारियों ने लिया जायजा

हादसे की खबर मिलते ही जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रक के बीच सड़क पलटने और भारी भीड़ जुटने के कारण झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे से अधिक समय तक यातायात ठप रहा। पुलिस ने क्रेन बुलाकर ट्रक को हाईवे से हटवाया और बिखरी हुई प्याज की बोरियों को किनारे कराया, तब जाकर आवागमन सुचारू हो सका।

डीएम और एसपी ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मृतक महिलाओं के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन ने घायलों के समुचित उपचार और परिजनों को नियमानुसार हर संभव सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और वाहनों के रख-रखाव (फिटनेस) पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि पुराने और घिसे हुए टायरों के कारण हाईवे पर इस तरह के हादसे होते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया टायर फटना ही दुर्घटना का मुख्य कारण लग रहा है, लेकिन ट्रक की स्पीड और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। गांव के पास हाईवे किनारे सर्विस लेन या उचित प्रतीक्षा स्थल न होने के कारण भी ग्रामीण मुख्य सड़क के पास खड़े होने को मजबूर होते हैं, जो अक्सर जानलेवा साबित होता है।

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