‘असली संकटों से अनजान है यह बजट’: राहुल गांधी ने बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर केंद्र को घेरा, विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट पर जताई चिंता
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए आम बजट पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के समापन के तुरंत बाद राहुल गांधी ने सरकार की आर्थिक नीतियों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह बजट देश की जमीनी हकीकत और जनता के असली संकटों से पूरी तरह कटा हुआ है। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार ने उन बुनियादी चुनौतियों को नजरअंदाज कर दिया है, जो इस समय भारत की अर्थव्यवस्था और समाज के सामने सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं।
राहुल गांधी ने अपने बयान में विशेष रूप से बेरोजगारी के मुद्दे को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा बिना नौकरी के संघर्ष करने को मजबूर है, लेकिन बजट में उनके लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं दिखाई देती। विपक्ष के नेता के अनुसार, सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर) में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जो रोजगार सृजन का मुख्य स्रोत होता है। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बिना मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिए बेरोजगारी की समस्या का समाधान संभव नहीं है, जिसे बजट में पूरी तरह अनदेखा किया गया है।
किसानों की स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अन्नदाता लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस बजट ने उन्हें भी निराश किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि संकट को दूर करने के लिए जिन बुनियादी निवेशों और राहत की आवश्यकता थी, वे वित्त मंत्री के भाषण में कहीं नजर नहीं आए। किसानों की आय और एमएसपी जैसे गंभीर विषयों पर सरकार की चुप्पी को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
आर्थिक स्थिरता पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने शेयर बाजार के हालिया रुझानों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि निवेशक लगातार बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था में अविश्वास का संकेत है। उन्होंने तर्क दिया कि निवेशकों का यह पलायन और एफपीआई (FPI) आउटफ्लो सरकार की विफल आर्थिक नीतियों का प्रमाण है। राहुल गांधी के अनुसार, यह बजट न तो विकास को गति देने वाला है और न ही आम आदमी को महंगाई और बेरोजगारी के जाल से बाहर निकालने वाला।
विपक्ष के नेता ने निष्कर्ष के तौर पर कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी है, जो देश के सामने खड़े वास्तविक संकटों से अनजान बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और विपक्ष संसद के भीतर इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे। राहुल गांधी के इस बयान ने आगामी बजट सत्र के दौरान संसद में सरकार और विपक्ष के बीच एक बड़े टकराव के संकेत दे दिए हैं।