उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का तांडव: दिल्ली-NCR समेत 14 राज्यों में आज बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, पहाड़ों पर हिमस्खलन की चेतावनी
नई दिल्ली: उत्तर भारत समेत देश के एक बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण मंगलवार को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद आज, बुधवार (28 जनवरी) को भी राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत देश के 14 राज्यों के लिए बारिश और ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ओलों के गिरने से एक बार फिर कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश और ओलावृष्टि ने जनवरी के महीने में सर्दी के तेवर तीखे कर दिए हैं। बुधवार की सुबह भी घने बादलों और ठंडी हवाओं के साथ हुई, जिसके बाद मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में मौसम का पैटर्न और अधिक आक्रामक हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों से टकराकर मैदानी इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बना रहा है। इसके परिणामस्वरूप न केवल तापमान में भारी गिरावट आएगी, बल्कि तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार रात तक यह मौसम प्रणाली अपने चरम पर रहेगी। जिन राज्यों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है, उनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्से शामिल हैं। विशेषकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में मध्यम से भारी बारिश के साथ आंधी चलने की आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने का डर भी सता रहा है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है। उत्तराखंड के बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जैसे जिलों में भारी बर्फबारी के साथ-साथ हिमस्खलन (Avalanche) की चेतावनी जारी की गई है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कई फीट बर्फ जमा हो चुकी है, जिसके कारण रास्ते बंद हैं और बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ऊंचे इलाकों में न जाने की सलाह दी है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
दिल्ली और एनसीआर के शहरों—नोएडा, गाजियाबाद, और गुरुग्राम—में कल हुई ओलावृष्टि के बाद सड़कों पर जलभराव और यातायात की समस्या देखी गई थी। आज भी विभाग ने ओले गिरने की संभावना जताई है। मौसम विभाग का कहना है कि 28 जनवरी की देर रात तक यह विक्षोभ धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा, लेकिन इसके जाने के बाद न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय गलन वाली ठंड बनी रहेगी।
मध्य भारत के राज्यों, विशेषकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रबी की फसलों, जैसे गेहूं और सरसों के लिए यह बारिश कहीं फायदेमंद तो कहीं ओलावृष्टि के कारण नुकसानदेह साबित हो सकती है। महाराष्ट्र के कुछ जिलों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जो जनवरी के अंत में एक दुर्लभ मौसमी घटना मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
कुल मिलाकर, अगले 24 घंटे पूरे उत्तर और मध्य भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विभाग लगातार उपग्रह चित्रों के जरिए स्थिति की निगरानी कर रहा है और अपडेट जारी कर रहा है। ठंड की इस दूसरी पारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल सर्दियों की विदाई में अभी वक्त है।