असम में चुनावी शंखनाद: प्रधानमंत्री मोदी का दो दिवसीय दौरा आज से, अमृत भारत ट्रेनों और काजीरंगा कॉरिडोर की देंगे सौगात
पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार असम में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से राज्य के अपने दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे की शुरुआत कर रहे हैं। एक महीने के भीतर प्रधानमंत्री की यह दूसरी असम यात्रा है, जिसे 2026 की पहली छमाही में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बेहद निर्णायक माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री न केवल राज्य को बुनियादी ढांचे और रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगातें देंगे, बल्कि असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ भी जुड़ेंगे।
प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के उस संगम को प्रदर्शित करता है, जो भाजपा की पूर्वोत्तर नीति का मुख्य स्तंभ रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री शनिवार शाम को असम पहुंचेंगे, जहां उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। उनके इस प्रवास के दौरान करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन होना है, जो असम के परिवहन और पर्यटन मानचित्र को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं।
सांस्कृतिक गौरव: 10,000 कलाकारों के साथ ‘बागुरुम्बा’ का भव्य प्रदर्शन
प्रधानमंत्री की यात्रा का पहला दिन असम की सांस्कृतिक विविधता को समर्पित होगा। शनिवार शाम को असम पहुंचने के बाद, पीएम मोदी अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स स्टेडियम जाएंगे। यहां वे बोडो समुदाय के प्रसिद्ध लोक नृत्य ‘बागुरुम्बा’ के एक विशाल और भव्य प्रदर्शन के साक्षी बनेंगे। इस कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें लगभग 10,000 कलाकार एक साथ अपनी प्रस्तुति देंगे।
‘बागुरुम्बा’ नृत्य बोडो समाज की पहचान और उनकी प्रकृति के प्रति प्रेम का प्रतीक है। इतने बड़े पैमाने पर इस नृत्य का आयोजन न केवल विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह केंद्र सरकार की उस नीति को भी दर्शाता है जिसमें जनजातीय गौरव और स्थानीय परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता दी जा रही है। प्रधानमंत्री द्वारा इस प्रदर्शन को देखना बोडो क्षेत्रीय क्षेत्र (BTR) और असम के जनजातीय समुदायों के प्रति एक सकारात्मक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर: वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन का नया अध्याय
प्रधानमंत्री के दौरे के दूसरे दिन यानी रविवार का मुख्य आकर्षण ‘काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर’ की आधारशिला रखना होगा। कालियाबोर में आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में पीएम मोदी लगभग 6,957 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे। काजीरंगा नेशनल पार्क, जो एक सींग वाले गैंडों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, मानसून के दौरान अक्सर जलमग्न हो जाता है और जानवरों को ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए सड़क पार करनी पड़ती है, जिससे कई बार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
यह एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि वन्यजीवों के लिए एक सुरक्षित मार्ग भी प्रदान करेगा। यह परियोजना असम के पर्यटन उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगी। 6,957 करोड़ रुपये का यह निवेश यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर में पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आधारशिला रखने के बाद प्रधानमंत्री कालियाबोर में एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जहां वे राज्य के विकास के लिए अपनी सरकार के विजन को साझा करेंगे।
अमृत भारत एक्सप्रेस: रेल कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव
परिवहन के क्षेत्र में असम को एक और बड़ी उपलब्धि मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इनमें पहली ट्रेन ‘डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ)’ और दूसरी ‘कामाख्या-रोहतक’ के बीच संचालित होगी। ये ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और आम आदमी के लिए तेज और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डिजाइन की गई हैं।
डिब्रूगढ़ से लखनऊ और कामाख्या से हरियाणा के रोहतक तक चलने वाली ये ट्रेनें उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के बीच की दूरी को न केवल भौगोलिक रूप से बल्कि आर्थिक रूप से भी कम करेंगी। इन ट्रेनों की शुरुआत से असम के व्यापारियों, छात्रों और कामगारों को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचने में काफी सहूलियत होगी। रेल कनेक्टिविटी का यह विस्तार प्रधानमंत्री के ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पूर्वोत्तर को देश की मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से और अधिक मजबूती से जोड़ता है।
एक महीने में दूसरी यात्रा: 2026 विधानसभा चुनावों की तैयारी
राजनीतिक विशेषज्ञों की नजर में प्रधानमंत्री का एक महीने के भीतर असम का यह दूसरा दौरा स्पष्ट रूप से 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए जमीन तैयार करने की कवायद है। इससे पहले 20 दिसंबर को अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया था और असम के गौरव गोपीनाथ बरदालोई की प्रतिमा का अनावरण किया था।
पिछली यात्रा में उन्होंने डिब्रूगढ़ में 10,601 करोड़ रुपये के ‘ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया संयंत्र’ की आधारशिला भी रखी थी, जो क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की दिशा में बड़ा कदम था। बार-बार असम आकर और हजारों करोड़ की परियोजनाओं का उपहार देकर प्रधानमंत्री यह संदेश दे रहे हैं कि असम उनके लिए केवल एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि विकास का एक नया इंजन है। गुवाहाटी और नामरूप की पिछली जनसभाओं की तरह, कालियाबोर की आगामी सभा भी भाजपा के चुनावी एजेंडे को धार देने वाली साबित हो सकती है।
निष्कर्ष: विकास की नई उड़ान और पूर्वोत्तर का बदलता स्वरूप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह असम यात्रा विकास, संस्कृति और राजनीति का एक त्रिकोण है। 6,957 करोड़ का काजीरंगा कॉरिडोर हो या नई अमृत भारत ट्रेनें, ये सभी परियोजनाएं असम के लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में ठोस कदम हैं। 10,000 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ‘बागुरुम्बा’ के जरिए सांस्कृतिक एकता का संदेश देकर प्रधानमंत्री ने असमिया अस्मिता के साथ गहरा जुड़ाव प्रदर्शित किया है।
विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री की ये सक्रियता राज्य की विपक्षी पार्टियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है। आने वाले दो दिनों में प्रधानमंत्री द्वारा दिए जाने वाले भाषण और उनकी घोषणाएं यह तय करेंगी कि 2026 की चुनावी जंग में भाजपा किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। असम इस समय न केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण का गवाह बन रहा है, बल्कि वह देश की राजनीति में एक नए शक्ति केंद्र के रूप में भी उभर रहा है।