टी20 विश्व कप 2026: जिम्बाब्वे ने रचा इतिहास, पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से रौंदकर किया टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर
कोलंबो: क्रिकेट की दुनिया में आज एक ऐसा नाम गूंज रहा है जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की होगी। श्रीलंका की मेजबानी में खेले जा रहे टी20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे ने वो कर दिखाया है जिसे क्रिकेट जगत में ‘महा-उलटफेर’ कहा जा रहा है। कोलंबो के ऐतिहासिक प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-बी के 19वें मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर सनसनी फैला दी है। इस जीत के साथ ही जिम्बाब्वे ने टी20 विश्व कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना 100 प्रतिशत जीत का अजेय रिकॉर्ड भी बरकरार रखा है।
अजेय रिकॉर्ड और कंगारुओं की शर्मनाक हार
जिम्बाब्वे की इस जीत ने 2007 के उस ऐतिहासिक दिन की यादें ताजा कर दीं, जब केपटाउन में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से मात दी थी। करीब 19 साल बाद एक बार फिर टी20 विश्व कप के बड़े मंच पर जिम्बाब्वे ने कंगारुओं को धूल चटाई है। गौर करने वाली बात यह है कि टी20 विश्व कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया की टीम आज तक जिम्बाब्वे को हराने में सफल नहीं हो पाई है। आंकड़ों की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक कुल चार टी20 मुकाबले हुए हैं, जिनमें से दो विश्व कप मुकाबलों में जिम्बाब्वे ने बाजी मारी है, जबकि दो द्विपक्षीय मैचों में ऑस्ट्रेलिया जीता था।
मैच का लेखा-जोखा: बेनेट और रजा की शानदार बल्लेबाजी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत सधी हुई रही। सलामी बल्लेबाज तादिवानाशे मरुमानी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 21 गेंदों में सात चौकों की मदद से 35 रन बनाए। उन्हें आठवें ओवर में मार्कस स्टोइनिस ने पवेलियन भेजा। इसके बाद रेयान बर्ल ने भी 30 गेंदों में 35 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, जिम्बाब्वे की पारी के असली नायक ब्रायन बेनेट रहे। बेनेट ने सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते हुए 56 गेंदों में सात चौकों की मदद से नाबाद 64 रन बनाए। पारी के अंत में कप्तान सिकंदर रजा ने महज 13 गेंदों में 25 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर स्कोर को 20 ओवर में 2 विकेट पर 169 रन तक पहुँचा दिया।
मुजरबानी की आग उगलती गेंदें और ताश के पत्तों की तरह बिखरी ऑस्ट्रेलिया
170 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही। कप्तान मिचेल मार्श की अनुपस्थिति में टीम की कमान संभाल रहे ट्रेविस हेड और उनके साथी बल्लेबाज जिम्बाब्वे की गेंदबाजी के आगे बेबस नजर आए। ब्लेसिंग मुजरबानी ने घातक गेंदबाजी करते हुए जोश इंग्लिस और टिम डेविड को सस्ते में निपटा दिया। वहीं, ब्रैड इवांस ने कैमरन ग्रीन और कप्तान ट्रेविस हेड को आउट कर ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी।
एक समय ऑस्ट्रेलिया ने महज 29 रन पर अपने चार मुख्य विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद अनुभवी ग्लेन मैक्सवेल (31 रन) और मैट रेनशॉ ने 77 रनों की साझेदारी कर टीम को उबारने की कोशिश की। रेनशॉ ने संघर्ष जारी रखते हुए 44 गेंदों में 65 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन मुजरबानी ने उन्हें आउट कर ऑस्ट्रेलिया की जीत की आखिरी उम्मीद भी खत्म कर दी। पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 19.3 ओवर में 146 रन पर सिमट गई। जिम्बाब्वे की ओर से मुजरबानी ने 4 और ब्रैड इवांस ने 3 विकेट झटके।
ग्रुप-बी के समीकरण: ऑस्ट्रेलिया पर बाहर होने का खतरा
इस हार ने ग्रुप-बी के समीकरणों को पूरी तरह से उलझा दिया है। श्रीलंका और जिम्बाब्वे अपने-अपने दो मैच जीतकर 4-4 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया दो मैचों में एक जीत और एक हार के साथ महज 2 अंकों पर है और तीसरे स्थान पर खिसक गया है। आयरलैंड और ओमान फिलहाल खाता नहीं खोल पाए हैं।
अब ऑस्ट्रेलिया के लिए सुपर-8 की राह अत्यंत कठिन हो गई है। कंगारू टीम को अब अपना अगला मुकाबला श्रीलंका के खिलाफ हर हाल में जीतना होगा। यदि वे श्रीलंका से हारते हैं, तो 2021 की चैंपियन टीम विश्व कप से बाहर हो जाएगी। ऑस्ट्रेलिया को अब न केवल अपने बाकी मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे, बल्कि यह दुआ भी करनी होगी कि जिम्बाब्वे या श्रीलंका अपने आगामी मैचों में से कम से कम एक हारें।
जिम्बाब्वे की इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया है कि क्रिकेट के खेल में किसी भी टीम को कम आंकना भारी पड़ सकता है। सिकंदर रजा की कप्तानी में जिम्बाब्वे अब सुपर-8 की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुका है।