• January 2, 2026

Strong Earthquake Hit Uttarakhand: उत्तराखंड के चमोली में धरती कांपी, 3.7 तीव्रता के भूकंप ने जगाई चिंता

Strong Earthquake Hit Uttarakhand: उत्तराखंड (Uttarakhand) का पहाड़ी इलाका एक बार फिर भूकंप के झटकों से दहला, जब चमोली (Chamoli) जिले में अचानक धरती हिली और लोगों में दहशत का माहौल फैल गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने इस भूकंप की तीव्रता 3.7 दर्ज की, जिसे सुबह करीब 10:27 बजे महसूस किया गया। झटके कुछ ही सेकंड के थे, लेकिन लोगों को इतना तीव्र कंपन महसूस हुआ कि वे तुरंत घरों और कार्यस्थलों से निकलकर खुले स्थानों में जमा हो गए। जिला प्रशासन ने एहतियातन अलर्ट जारी कर दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में इस इलाके में लगातार बढ़ी भूकंपीय गतिविधि ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है, जानते हैं विस्तार से…

3.7 तीव्रता के झटके और सार्वजनिक प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, चमोली (Chamoli) जिले और उसके आसपास के पर्वतीय पट्टी में सुबह करीब 10:27 बजे 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र चमोली जिले के आसपास था। झटकों की अवधि कम थी, लेकिन उनकी तीव्रता ऐसी थी कि लोग भयभीत होकर तुरंत बाहर निकल आए। कई इलाकों में खिड़कियों और दरवाजों में कंपन महसूस किया गया। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और अच्छी बात यह रही कि इस झटके से किसी भी तरह की जान-माल की हानि (Loss of Life and Property) की कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, हाल ही में रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) और उत्तरकाशी (Uttarkashi) जैसे पड़ोसी जिलों में भी बढ़ी भूकंपीय गतिविधियों के कारण इलाके के लोग अब भी डर के साये में हैं।

उत्तराखंड का उच्च जोखिम वाला भूकंपीय ज़ोन

उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य, देश के उन क्षेत्रों में शामिल है जो भूकंप के उच्च जोखिम वाले संवेदनशील ज़ोन (High-Risk Seismic Zone) में आते हैं। हिमालयी क्षेत्र (Himalayan Region) भौगोलिक रूप से काफी सक्रिय है और यह लगातार टेक्टॉनिक गतिविधियों (Tectonic Activities) के प्रभाव में रहता है। भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि इंडियन प्लेट (Indian Plate) और यूरेशियन प्लेट (Eurasian Plate) की निरंतर टक्कर इस पूरे इलाके में भूगर्भीय दबाव (Geological Pressure) बनाती है। यही कारण है कि चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे जिले भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत सक्रिय माने जाते हैं। बीते कुछ वर्षों में राज्य में लगातार छोटे से मध्यम तीव्रता के झटके दर्ज किए गए हैं, जिसे विशेषज्ञों द्वारा बढ़ते दबाव को हल्का करने वाले संकेत के रूप में देखा जाता है। इसी पृष्ठभूमि में चमोली में आए इन झटकों ने लोगों की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।

राहत टीमें सतर्क, बड़े झटकों की संभावनाओं का संकेत

चमोली (Chamoli) जिला प्रशासन ने भूकंप के तुरंत बाद राहत एवं बचाव टीमों (Relief and Rescue Teams) को सतर्क (Alert) कर दिया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के निर्देश पर सभी ग्राम प्रधानों और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को गांवों में स्थिति का आकलन करने के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, किसी भी भवन में दरार (Crack) या संरचनात्मक नुकसान नहीं पाया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह के छोटे भूकंप भविष्य में बड़े झटकों की संभावनाओं (Possibility of Major Earthquakes) का संकेत हो सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखने की अपील की है। इसके साथ ही, राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने जोखिम वाले इलाकों में जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षित निर्माण तकनीक अपनाने और आपातकालीन योजनाओं (Emergency Plans) को अपडेट करने की दिशा में काम तेज करने पर जोर दिया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात बरतना अनिवार्य है।

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