• January 2, 2026

SIR Controversy: ‘वोट छिना तो आरक्षण भी जाएगा’— अखिलेश यादव का BJP पर सबसे बड़ा हमला, संविधान खतरे में!

SIR Controversy: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीति में इन दिनों बड़ा भूचाल आया हुआ है। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR (Special Integrated Revision) प्रक्रिया को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को जनता के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि अगर वोट का अधिकार छीना गया, तो आने वाले समय में आरक्षण भी खत्म हो सकता है। अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश के कई राज्यों में मतदाता सूची को लेकर बहस तेज हो रही है। उन्होंने चुनाव आयोग (Election Commission) की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। आखिर क्या है SIR को लेकर यह पूरा विवाद, और क्यों इसे संविधान से जोड़कर देखा जा रहा है, जानते हैं विस्तार से…

मतदाता सूची पुनरीक्षण पर बढ़ता सियासी विवाद

देशभर में मतदाता सूची के विशेष एकीकृत पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का आरोप है कि केंद्र और राज्य की बीजेपी (BJP) सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस प्रक्रिया को जल्दबाजी में करवा रही है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि बिहार (Bihar) में SIR के जरिए लाखों लोग मतदान से वंचित कर दिए गए, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) जैसे बड़े राज्यों में इस साल चुनाव होने नहीं हैं, तो फिर इतनी हड़बड़ी क्यों दिखाई जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग (Election Commission) पर भी हमला बोलते हुए कहा कि यह संस्था वर्तमान हालात में सरकारी दबाव में काम करती नजर आ रही है, जिससे निष्पक्षता पर संदेह हो रहा है।

‘वोट गया तो आरक्षण भी जाएगा’: सबसे बड़ा राजनीतिक खुलासा

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने SIR विवाद को आरक्षण और संविधान से जोड़कर एक बड़ा राजनीतिक खुलासा किया है। उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जनता से उनका वोट का अधिकार छीना गया, तो आने वाले समय में आरक्षण भी खत्म किया जा सकता है। उन्होंने बीजेपी (BJP) सरकार पर आरोप लगाया कि वह बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की पूरी तैयारी में है। अखिलेश ने जनता से यह भी अपील की कि वे हर हाल में अपना वोट बनवाएँ और कटने से बचाएँ, क्योंकि यह केवल राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि सामाजिक लड़ाई भी है। उनका दावा है कि SIR के नाम पर चुनिंदा वर्गों को टारगेट किया जा रहा है, जिसका सीधा मकसद आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करना है।

जेल, मुकदमे और पुलिस कार्यशैली पर तीखी प्रतिक्रियाएं

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बीजेपी (BJP) सरकार पर जनता को रोजगार और रोटी देने के बजाय झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह प्रतिक्रिया देते हुए कई प्रमुख नेताओं का नाम लिया, जिनमें मोहम्मद आजम खान (Mohammad Azam Khan), गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) और रमाकांत यादव (Ramakant Yadav) शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं को वर्षों से जेल में रखा गया है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। अखिलेश का दावा है कि समाजवादी पार्टी और PDA परिवार से जुड़े लोगों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हिरासत में मौतों के मामले सबसे ज्यादा हैं, फर्जी एनकाउंटर रुक नहीं रहे, और आम जनता की सुनवाई थाने से लेकर तहसील तक कहीं नहीं हो रही है।

निजता का उल्लंघन और आगे की सियासी रणनीति

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने वर्तमान स्थिति और आगे की रणनीति बताते हुए संचार साथी ऐप (Sanchar Saathi App) पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ऐप के जरिए सरकार जासूसी करना चाहती है, जो नागरिकों की निजता का खुला उल्लंघन है। उनका दावा है कि इससे घर-परिवार, रिश्तों और कारोबार से जुड़ी निजी बातचीत पर भी सीधी निगरानी बढ़ेगी। अखिलेश ने बीजेपी (BJP) पर पहले ही अभिव्यक्ति की आज़ादी छीनने का आरोप लगाया और अब निजी जीवन में दखल देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनता अब इन मुद्दों को गहराई से समझ चुकी है और इस बार वह अपनी निजता, मान-सम्मान, अधिकार, आरक्षण और संविधान की रक्षा के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले चुनावों में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की जनता बीजेपी को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है।

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