• January 8, 2026

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती, नियमित जांच और पुरानी खांसी के कारण लिया गया निर्णय

नई दिल्ली: भारतीय राजनीति की प्रमुख शख्सियत और कांग्रेस संसदीय दल की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। सोनिया गांधी को राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, पार्टी सूत्रों और अस्पताल प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चिंता की कोई बात नहीं है और उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। उन्हें मुख्य रूप से एक अनुभवी चेस्ट फिजिशियन (छाती रोग विशेषज्ञ) की देखरेख में रखा गया है, ताकि उनके श्वसन स्वास्थ्य की बारीकी से निगरानी की जा सके।

अस्पताल में भर्ती होने का मुख्य कारण और स्वास्थ्य स्थिति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी को सोमवार शाम को अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल के सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) को बताया कि यह कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है, बल्कि एक ‘रूटीन चेकअप’ यानी नियमित भर्ती है। सोनिया गांधी लंबे समय से पुरानी खांसी (Chronic Cough) की समस्या से जूझ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उम्र और स्वास्थ्य इतिहास को देखते हुए समय-समय पर उनकी जांच अनिवार्य होती है। मंगलवार को भी उनकी स्थिति स्थिर रही और उन्होंने डॉक्टरों द्वारा बताए गए नियमित परीक्षणों में हिस्सा लिया।

अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल संतोषजनक है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम, जिसमें छाती रोग विशेषज्ञ शामिल हैं, लगातार उनके स्वास्थ्य मापदंडों की निगरानी कर रही है। कांग्रेस के नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया है कि सोनिया गांधी केवल एहतियात के तौर पर अस्पताल में हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।

दिल्ली का प्रदूषण और श्वसन स्वास्थ्य की चुनौतियां

सोनिया गांधी की इस भर्ती के पीछे दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण स्तर को भी एक महत्वपूर्ण कारक माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) काफी खराब श्रेणी में बना हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार, पुरानी खांसी या अस्थमा जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों के लिए दिल्ली की हवा घातक साबित हो सकती है। सोनिया गांधी को पहले से ही चेस्ट इन्फेक्शन और फेफड़ों से संबंधित संवेदनशीलता रही है, इसलिए प्रदूषण के मौजूदा स्तर को देखते हुए उनके डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल के नियंत्रित वातावरण में रखने का निर्णय लिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब वायु प्रदूषण बढ़ता है, तो फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे पुरानी खांसी और अधिक गंभीर रूप ले सकती है। चूंकि सोनिया गांधी को नियमित अंतराल पर इस तरह की जांच की आवश्यकता होती है, इसलिए इस बार भी प्रदूषण को देखते हुए चिकित्सा टीम ने कोई जोखिम नहीं लेने का फैसला किया। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि गहन निगरानी में रखने से किसी भी संभावित जटिलता को समय रहते टाला जा सकता है।

नियमित चिकित्सा निगरानी और पूर्व का स्वास्थ्य इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब सोनिया गांधी को नियमित जांच के लिए सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती होना पड़ा हो। पिछले कुछ वर्षों में, उन्हें कई बार स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, विशेष रूप से कोविड-19 के बाद से उनके श्वसन तंत्र पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। वह समय-समय पर उपचार के लिए विदेश भी जाती रही हैं और दिल्ली में रहते हुए सर गंगा राम अस्पताल ही उनकी प्राथमिक चिकित्सा पसंद रहा है।

अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि उनकी पुरानी खांसी के इलाज के लिए एक विशेष प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। इसमें विभिन्न प्रकार के श्वसन परीक्षण और इमेजिंग शामिल हो सकते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन्फेक्शन फेफड़ों के गहरे हिस्सों तक न पहुंचे। उनकी आयु 70 वर्ष से अधिक होने के कारण, चिकित्सा जगत में ऐसे मामलों को ‘हाइ-रिस्क’ श्रेणी में रखा जाता है, जिसके लिए निरंतर पेशेवर देखरेख की आवश्यकता होती है।

राजनीतिक जगत में चिंता और प्रतिक्रियाएं

सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनके जल्द स्वस्थ होने की कामनाओं का सिलसिला शुरू हो गया। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ विपक्षी दलों के नेताओं ने भी उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त की है। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने स्पष्ट किया है कि यह एक पूर्व-निर्धारित जांच का हिस्सा है और सोनिया गांधी जल्द ही अपने आवास 10 जनपथ पर लौटेंगी।

पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए सोनिया गांधी आज भी एक मार्गदर्शक की भूमिका में हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य की छोटी सी खबर भी बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया पैदा करती है। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन ने उनके वार्ड के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है और आगंतुकों की संख्या सीमित कर दी है ताकि उन्हें पूर्ण विश्राम मिल सके। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक शांतिपूर्ण वातावरण में रहने और धूल-धुएं से बचने की सलाह दी है।

निष्कर्ष और आगामी कदम

आगामी कुछ घंटों में अस्पताल प्रशासन एक विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी कर सकता है, जिसमें उनके परीक्षणों के परिणामों और डिस्चार्ज की तारीख के बारे में जानकारी दी जाएगी। अभी तक की रिपोर्टों के अनुसार, उनके सभी महत्वपूर्ण अंग (Vitals) सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। चिकित्सा टीम इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि प्रदूषण के इस मौसम में उनके फेफड़ों को कैसे सुरक्षित रखा जाए और उनकी पुरानी खांसी को कैसे नियंत्रित किया जाए।

दिल्ली में रहने वाले बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए सोनिया गांधी की यह स्थिति एक चेतावनी की तरह भी देखी जा रही है, जो यह दर्शाती है कि शहर की हवा किस कदर स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। फिलहाल, सोनिया गांधी डॉक्टरों की निगरानी में सुरक्षित हैं और उनकी रिकवरी संतोषजनक बताई जा रही है।

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