• January 2, 2026

सहारा रिफण्ड पोर्टल के माध्यम से 112 जमाकर्ताओं के पैसे हुए वापस

 सहारा रिफण्ड पोर्टल के माध्यम से 112 जमाकर्ताओं के पैसे हुए वापस

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा रिफन्ड पोर्टल के माध्यम से सहारा की सहकारिता समितियों में जमाकर्ताओं के पैसे वापस करवाने की शुरुआत की है।

शाह ने शुक्रवार को ऑनलाइन तरीके से सहारा की चार सहकारी समितियों में निवेश करने वाले 112 निवेशकों के खाते में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए हैं।

इस दौरान शाह ने कहा कि ”केन्द्रीय पंजीयक- सहारा रिफण्ड पोर्टल” पर अभी तक 18 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। जिसमें से 14 लाख लोगों की अर्जी स्वीकार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि आज तो सिर्फ 112 लोगों के पैसे वापस कराए गए हैं। आने वाले दिनों में सभी निवेशकों के पैसे उनके खाते में भेजे जाएंगे।

शाह ने कहा कि मोदी सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनी पहुंच मजबूत कर रही है। हमारी सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। आने वाले दिनों में सहारा की सहकारी समितियों में निवेश करने वाले लोगों के पैसे चरणबद्ध तरीके से वापस कराए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि 17 जुलाई को शाह ने नई दिल्ली में ”केन्द्रीय पंजीयक- सहारा रिफण्ड पोर्टल” का शुभारम्भ किया था। इस पोर्टल के माध्यम से सहारा की चारों समितियों में निवेश करने वालों से संबंधित कागज उपलब्ध कराने को कहा गया था।

सहारा समूह की सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं की वैध जमा धनराशि के भुगतान संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए सहकारिता मंत्रालय के आवेदन पर सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मार्च, 2023 को एक आदेश दिया था। इसके तहत सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा समूह की सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं के वैध देयों के भुगतान के लिए ”सहारा-सेबी रिफंड खाते” से 5000 करोड़ रुपये सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) को हस्तांतरित किए जाने का आदेश दिया।

सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के प्रमाणिक जमाकर्ताओं द्वारा दावे प्रस्तुत करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल ”केन्द्रीय पंजीयक- सहारा रिफण्ड पोर्टल” तैयार किया गया है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *