राजस्थान में बदली परंपरा: 13 वर्षीय तेजस्वी कुमारी जोधा बनीं खेरवागढ़ राजघराने की उत्तराधिकारी
राजस्थान के पाली जिले से परंपरा और सामाजिक बदलाव की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। 13 वर्षीय तेजस्वी कुमारी जोधा को पहली बार पारंपरिक ‘पाग का दस्तूर’ के तहत खेरवागढ़ राजघराने का उत्तराधिकारी घोषित किया गया है। इस फैसले को क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और बदलती सामाजिक सोच का प्रतीक माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तेजस्वी कुमारी के पिता के निधन के बाद खेरवा किले में पारंपरिक ‘पाग का दस्तूर’ समारोह आयोजित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्हें गुलाबी पगड़ी पहनाकर राजघराने की उत्तराधिकारी के रूप में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे। अब तक इस परंपरा के तहत केवल पुरुष उत्तराधिकारी को ही राजघराने की जिम्मेदारी सौंपी जाती थी। हालांकि, पहली बार एक बेटी को यह सम्मान दिए जाने से इस ऐतिहासिक परंपरा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। तेजस्वी कुमारी ने कहा कि वह अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी और अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने का प्रयास करेंगी। उन्होंने गांव के विकास और लोगों की सेवा को अपनी प्राथमिकता बताया।
इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। कई लोगों ने इसे बेटियों के सम्मान और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे राजपूत परंपराओं में आए बदलाव का प्रतीक माना। वहीं, कई लोगों ने तेजस्वी कुमारी को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं.