• March 6, 2026

राज्यसभा में राघव चड्ढा का बड़ा हमला: “भारत में सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट है खाने में मिलावट – हम सब धीमा जहर खा रहे हैं!”

नई दिल्ली, 4 फरवरी 2026: राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी (आप) नेता राघव चड्ढा ने आज संसद में देश के सामने सबसे गंभीर स्वास्थ्य संकट के रूप में खाने में मिलावट का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि दूध, सब्जी, मसाले, पनीर, शहद, मुर्गी और आइसक्रीम जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में जहरीले केमिकल्स और मिलावट इतनी आम हो गई है कि हम सब अनजाने में “धीमा जहर” खा रहे हैं।
राघव चड्ढा ने अपने भाषण का वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शेयर करते हुए लिखा:
“भारत में सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट खाने में मिलावट है। हम सब धीमा जहर पी रहे हैं! मैंने आज संसद में यह गंभीर मुद्दा उठाया। मेरा भाषण देखिए।”
राघव चड्ढा ने संसद में क्या कहा?
मुख्य बिंदु

  • दूध में यूरिया और न्यूट्रलाइजर (सोडियम बायकार्बोनेट) मिलाया जा रहा है। रिसर्च के अनुसार 71% दूध सैंपल्स में यूरिया और 64% में न्यूट्रलाइजर पाए गए।
  • सब्जियों में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाकर ताज़ा और हरी दिखाई जाती हैं, जिससे चक्कर, सिरदर्द, हार्ट फेल्योर, बांझपन और कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
  • पनीर में कास्टिक सोडा और स्टार्च, आइसक्रीम में डिटर्जेंट पाउडर, फ्रूट जूस में सिंथेटिक फ्लेवर और आर्टिफिशियल कलर, खाद्य तेल में मशीन ऑयल, गरम मसालों में ईंट का पाउडर और लकड़ी का चूरा, चाय में सिंथेटिक कलर्स, चिकन में एनाबोलिक स्टेरॉयड्स, शहद में शुगर सिरप और येलो डाई मिलाया जा रहा है।
  • देसी घी को वेजिटेबल ऑयल और वनस्पति से बनाकर बेचा जा रहा है।
  • 2014-15 से 2026 तक जांचे गए सैंपल्स में 25% मिलावटी पाए गए, यानी हर 4 में से 1 उत्पाद मिलावटी।

राघव ने भावुक होकर कहा:
“एक मां अपने बच्चे को एक गिलास दूध देती है सोचकर कि कैल्शियम-प्रोटीन मिलेगा, बच्चा फिट बनेगा… लेकिन वो अनजाने में उसे यूरिया या डिटर्जेंट का मिक्स पिला रही है।”
विदेशों में बैन उत्पाद भारत में बिक रहे
राघव ने चौंकाने वाली बात कही कि भारत की दो सबसे बड़ी गरम मसाला कंपनियां अमेरिका और ब्रिटेन में बैन हो चुकी हैं क्योंकि उनमें कैंसर पैदा करने वाले पेस्टीसाइड्स पाए गए। फिर भी वही मसाले भारत में खुलेआम बिक रहे हैं। उन्होंने कहा:
“दूसरे देशों में जो फूड आइटम्स जानवरों को भी नहीं खिलाए जाते, वो यहां आम लोगों को बेचे जा रहे हैं।”
राघव के सुझाव

  1. FSSAI को मजबूत करें – ज्यादा मैनपावर, बेहतर लैब टेस्टिंग और सख्त निगरानी।
  2. मिलावट पर जुर्माना और पेनल्टी को इतना बढ़ाएं कि कोई हिम्मत न करे।
  3. पब्लिक रिकॉल मैकेनिज्म बनाएं – मिलावटी उत्पाद को तुरंत बाजार से हटाएं, कंपनी का नाम सार्वजनिक करें और शेम करें।
  4. भ्रामक स्वास्थ्य दावों वाली एडवरटाइजिंग पर रोक लगाएं।

राघव चड्ढा ने इस मुद्दे को बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष खतरा बताया और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।यह मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग FSSAI तथा खाद्य सुरक्षा नियमों की सख्ती पर सवाल उठा रहे हैं।लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें – सरकार या FSSAI की ओर से कोई प्रतिक्रिया आते ही सूचित किया जाएगा।

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